दर्दनाक हादसा: प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी गिरने से कक्षा एक के छात्र की मौत, पैर और सीने में लगी थी चोट
Mirzapur News: जिले के संतनगर थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हुआ। प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी गिरने से कक्षा एक के छात्र की मौत हो गई। खेलते समय अचानक चहारदीवारी गिरने से घटना हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्या है पूरा मामला
विद्यालय के प्रधानाध्यापक घायल भाई को लेकर पीएचसी पटेहरा पहुंचे। जहां डॉ. महेंद्र चौधरी ने प्राथमिक उपचार कर मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया। प्रधानाध्यापक परिजन संग घायल को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे जहां इलाज के बाद एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा गया।
घायल की हालत ठीक देख वे सब वापस घर आ रहे थे कि बरकछा के आगे छात्र की तबियत पुनः बिगड़ने लगी। उसको लेकर वापस वे सब मंडलीय अस्पताल पहुंचे जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉ. महेंद्र चौधरी ने बताया कि छात्र के पैर में फैक्चर जैसा लग रहा था। सीने में भी चोट थी।
बेहतर इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया था। प्रधानाध्यापक अर्जुन पटेल ने बताया कि खेलते समय गिर कर महेश घायल हो गया था। जिसे मंडलीय अस्पताल ले गए थे। छात्र की उपचार के दौरान मौत हो गई है। मृतक तीन बहनों में तीसरे नंबर का इकलौता भाई था। माता गुंजा, दादी जड़ावती व पिता सोनू का रो-रो बुरा हाल हो गया है। थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया की तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मामले को दबाने में जुटे प्रधानाध्यापक
विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर मृतक के छात्र को समझा बुझाकर मामले को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया जा रहा है। परिजनों से सुलह समझौता कर दाह संस्कार कराने की कयावद में लगे हैं। अध्यापक के कहने पर पीएचसी में भी घायल छात्र का नाम इमरजेंसी में नही लिखा गया। फार्मासिस्ट बीरेंद्र ने बताया कि घायल छात्र का इलाज कर रेफर कर दिया गया था। उसका नाम पता नही लिखा गया है।
इसे भी पढ़ें; Azamgarh: एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, डीएफओ कार्यालय का स्टेनो 7,500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
विद्यालय में खड़ी थी जर्जर चहारदीवारी
पटेहरा के स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की जर्जर चहार दीवारी का मरम्मत कराया गया होता तो नही होता हादसा। विद्यालय के चारो तरफ खड़ी चहार दीवारी जर्जर हो गई है। समय रहते उसे गिरा दिया गया होता या मरम्मत करा दिया गया होता तो आज यह हादसा नही होता और एक मासूम की जान भी बच जाती।