विकास खंड दुद्धी के अंतर्गत मलिया नदी के किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर चल रहे श्रीविष्णु महायज्ञ के चौथे दिन रविवार को यज्ञशाला की परिक्रमा करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ पहुंची। क्षेत्र के साथ ही झारखंड व छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची।
बाबा वेद मोहनदास ब्रह्मचारी ने अपनी कुटिया में बैठकर लोगों को आशीर्वचन दिए। उन्होंने कहा कि यज्ञशाला में अग्नि देव की स्थापना के पश्चात यज्ञशाला की परिक्रमा करने की पुरानी परंपरा है। भगवान शंकर व माता पार्वती की भी परिक्रमा गणेश व कार्तिक जी ने की थी, तभी उन्हें मनवांछित फल प्राप्त हुआ था। यज्ञस्थल पर आने वाले लोगों के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है जो अनवरत चल रही है।
साथ ही विद्वान वक्ताओं से प्रवचन कराया जा रहा है, ताकि हमारे हिंदू संस्कृति व सभ्यता को लोग अपने जीवन में उतार सके। वहीं रात में वृंदावन से आए रासलीला मंडली के कलाकारों की तरफ से भगवान श्रीकृष्ण की एक से बढ़कर एक कलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है।
पूरे कार्यक्रम को सकुशल संपन्न करने के लिए संरक्षक रमेश चंद्र कुशवाहा, अध्यक्ष सरजू प्रसाद यादव, उपाध्यक्ष राम मुहूर्त यादव, कोषाध्यक्ष राधेश्याम पासवान, वालंटियर मनोज कुमार, राकेश कुमार, सरवन कुमार, धीरेंद्र कुशवाहा, विजय पासवान, विनोद पासवान आदि उपस्थित रहे।