{"_id":"6a3ae72994fe57fee007d2f0","slug":"earn-thousands-per-month-by-rearing-improved-breeds-of-cows-mla-mirzapur-news-c-192-1-svns1033-155902-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"उन्नत नस्ल की गायों का पालन कर प्रतिमाह हजारों कमाएं : विधायक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उन्नत नस्ल की गायों का पालन कर प्रतिमाह हजारों कमाएं : विधायक
विज्ञापन
चयन पत्र के साथ मुख्य अतिथि मझवां विधायक शुचिस्मिता मौर्य के साथ लाभार्थी, सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मिर्जापुर। रुखड़ घाट स्थित दुग्ध विकास कार्यालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री स्वदेशी गो योजना के तहत 242 लाभार्थियों को चयन पत्र मुख्य अतिथि मझवां की भाजपा विधायक शुचिस्मिता मौर्य ने किया। अनुदान की 80 हजार की धनराशि लाभार्थी के खाते में डीबीटी से भेजी जाएगी।
मझवां विधायक ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार किसानों व पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उसी प्रयास की यह एक कड़ी है। पशुपालक योजना का लाभ लेकर आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्नत नस्ल की गायों का पालन करके हर महीने हजारों रुपये कमा सकते हैं।
नंदबाबा दुग्ध मिशन के नोडल अधिकारी मनोज दुबे ने बताया कि योजना के नियमों के मुताबिक, पशुपालकों को दूसरे राज्यों से गिर, साहीवाल, थारपारकर और हरियाणा जैसी उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायें खरीदनी होंगी।
विज्ञापन
सरकार ने शर्त रखी है कि खरीदी जाने वाली गायें केवल प्रथम या द्वितीय ब्यांत की ही होनी चाहिए। ताकि दुग्ध उत्पादन का अधिकतम लाभ मिल सके। इससे प्रदेश में दूध की किल्लत दूर होगी और शुद्ध स्वदेशी दूध की उपलब्धता बढ़ेगी। इस अवसर पर डीडीओ अखिलेंद्र मिश्रा लाभार्थी उपस्थित रहे। संवाद
मझवां विधायक ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार किसानों व पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उसी प्रयास की यह एक कड़ी है। पशुपालक योजना का लाभ लेकर आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्नत नस्ल की गायों का पालन करके हर महीने हजारों रुपये कमा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नंदबाबा दुग्ध मिशन के नोडल अधिकारी मनोज दुबे ने बताया कि योजना के नियमों के मुताबिक, पशुपालकों को दूसरे राज्यों से गिर, साहीवाल, थारपारकर और हरियाणा जैसी उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायें खरीदनी होंगी।
सरकार ने शर्त रखी है कि खरीदी जाने वाली गायें केवल प्रथम या द्वितीय ब्यांत की ही होनी चाहिए। ताकि दुग्ध उत्पादन का अधिकतम लाभ मिल सके। इससे प्रदेश में दूध की किल्लत दूर होगी और शुद्ध स्वदेशी दूध की उपलब्धता बढ़ेगी। इस अवसर पर डीडीओ अखिलेंद्र मिश्रा लाभार्थी उपस्थित रहे। संवाद