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Mirzapur News: विंध्याचल मंडल में डेढ़ साल में एक भी राहगीर नहीं बने राहवीर

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:24 AM IST
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In the Vindhyachal division, not a single passerby has become a road safety volunteer in the last one and a half years.
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विंध्याचल मंडल में तीन जिले (मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही) हैं। इन तीन जिलों में डेढ़ साल में 1222 हादसे हुए। इसमें 875 लोगों की जान गई और 946 लोग घायल हुए। हादसा होने पर माैके पर लोगों की भीड़ भी जुटी और एक भी राहवीर नहीं निकला। किसी ने हादसों में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस को फोन कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। सरकार राहवीर योजना के तहत घायल को गोल्डेन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपये का इनाम देने के साथ ही प्रशंसा पत्र दे रही है। घायलों की जान बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने 2021 मेें गुड सेमेरिटन योजना शुरू की थी। इसमें घायल को गोल्डेन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने पर पांच हजार रुपये इनाम देने का प्रावधान था। केंद्र सरकार ने राहवीर योजना के तहत डेढ़ वर्ष पहले गोल्डेन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपये देने का प्रावधान किया। मंडल के तीनों जिलों से एक राहवीर भी अब तक सामने नहीं आए। मंडल की 55 लाख आबादी में किसी को न गुड सेमेरिटन न ही राहवीर योजना का लाभ मिला। पुलिस के डर के कारण लोग हादसा होने पर घायल को अस्पताल पहुंचाने में कतराते हैं। हादसा होने पर उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग जाती है। लोग घायल को अस्पताल पहुंचाने के बजाय पुलिस को फोन करते है। जब तक पुलिस आकर घायल को अस्पताल पहुंचाती है, तब तक घायल की जान चली जाती है। वहीं कुछ लोग मदद भी करते है तो उनको योजना की जानकारी नही होती है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग भी ऐसे लोगों को चिह्नित करने का काम नहीं कर पा रहा है। इससे लोग प्रेरित होकर मदद के लिए आगे आए और राहवीर बनें। आरटीओ प्रवर्तन रविकांत शुक्ला ने बताया कि घायल को अस्पताल पहुंचाकर अस्पताल प्रशासन या पुलिस को जानकारी दे। अस्पताल प्रशासन और पुलिस का काम है कि वे घायल को लाने वाले का फाॅर्म-ए भरवाएं। इसके बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और आरटीओ प्रवर्तन की कमेटी की जांच के बाद राहवीर के रुप में मदद करने वाले को 25 हजार रुपये दिलाएगी। इसमें जान बचाने वाला चाहेगा तो उसका नाम गोपनीय रहेगा।
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रविकांत शुक्ला, आरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि घायल को गोल्डेन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने पर राहवीर योजना के तहत उक्त व्यक्ति 25 हजार रुपये इनाम देने का प्रावधान है। मंडल के तीनों जिले में अभी कोई राहवीर नहीं मिला है। एक व्यक्ति को वर्ष में दो बार राहवीर बनने पर यह राशि मिल सकती है। सड़क सुरक्षा की बैठक में आयुक्त ने तीनों जिले के एसपी और सीएमओ को राहवीर चिह्नित कर उनको पुरस्कृत करने का निर्देश दिया है।
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