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Mirzapur News: जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर की मौत, परिजनों ने लगाया पिटाई का आरोप
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मृतक बंदी ननकू सिंह। स्रोत- परिवार
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हेरोइन बेचने के मामले में 12 जून से बंद था ननकू सिंह, चील्ह थाने का हिस्ट्रीशीटर, 19 मामले थे दर्ज
मिर्जापुर। मादक पदार्थ बेचने के आरोप में जिला कारागार में बंद चील्ह थाने का हिस्ट्रीशीटर ननकू सिंह (58) की बुधवार को मंडलीय अस्पताल में मौत हो गई। मंगलवार को तबीयत खराब होने पर मंडलीय अस्पताल में उपचार कराया गया था। इसके बाद उसे वापस जिला कारागार ले जाया गया। बुधवार सुबह तबीयत फिर बिगड़ने पर उसे दोबारा मंडलीय अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मंगलवार को उपचार में लापरवाही बरतने और जेल में पिटाई का आरोप लगाया। चील्ह निवासी हिमांशु सिंह ने बताया कि पिता ननकू सिंह को चील्ह पुलिस ने हेरोइन बेचने के फर्जी मामले में जेल भेज दिया था। उनके पिता चावल का सैंपल लेकर बेचने के लिए निकले थे। जेल में बंद होने के बाद तबीयत खराब हो गई। जिला कारागार से उन्हें मंडलीय अस्पताल लाया गया था। जिला कारागार से उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई। आरोप है कि मंडलीय अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के बाद जेलकर्मी उन्हें वापस जिला कारागार ले गए और भर्ती नहीं कराया गया। हिमांशु सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि ननकू सिंह को फिर मंडलीय अस्पताल लाया गया है। बाद में उनकी मौत की जानकारी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उन्हें हेरोइन बेचने के फर्जी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और तबीयत खराब होने के बाद उचित उपचार भी नहीं कराया गया। आरोप लगाया कि जिला कारागार वापस ले जाने के बाद उनकी पिटाई की गई, उनकी मौत हुई। उनका कहना है कि शरीर पर चोट के निशान थे।
परिजनों ने आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने डॉक्टरों और जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मजिस्ट्रेट की निगरानी और वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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वर्जन
12 जून को एनडीपीएस मामले में ननकू सिंह जेल में आया था। जेल आने के अगले दिन तबीयत खराब हो गई थी। वह जेल अस्पताल में भर्ती था। वह नशे का आदती था। उसे कंपकंपी आना और इधर-उधर भागने जैसी समस्याएं हो रही थीं। सुधार न होने पर 15 जून को बाहर से डॉक्टर बुलाया। डॉक्टर ने मानसिक समस्या बताई थी। 16 जून को उसे मंडलीय अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया गया। वहां से दवा देकर एक सप्ताह बाद आने के लिए कहा गया था। बुधवार सुबह तबीयत खराब होने पर मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पिटाई का आरोप गलत है।
— आरपी चौधरी, जेल अधीक्षक
वर्जन
ननकू को मादक पदार्थ हेरोइन के साथ पकड़कर जेल भेजा गया था। परिजनों का आरोप गलत है। ननकू पर छह एनडीपीएस और तीन आबकारी मामलों समेत 19 प्राथमिकी दर्ज हैं।
— नितेश सिंह, एएसपी सिटी
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मिर्जापुर। मादक पदार्थ बेचने के आरोप में जिला कारागार में बंद चील्ह थाने का हिस्ट्रीशीटर ननकू सिंह (58) की बुधवार को मंडलीय अस्पताल में मौत हो गई। मंगलवार को तबीयत खराब होने पर मंडलीय अस्पताल में उपचार कराया गया था। इसके बाद उसे वापस जिला कारागार ले जाया गया। बुधवार सुबह तबीयत फिर बिगड़ने पर उसे दोबारा मंडलीय अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंचे परिजनों ने मंगलवार को उपचार में लापरवाही बरतने और जेल में पिटाई का आरोप लगाया। चील्ह निवासी हिमांशु सिंह ने बताया कि पिता ननकू सिंह को चील्ह पुलिस ने हेरोइन बेचने के फर्जी मामले में जेल भेज दिया था। उनके पिता चावल का सैंपल लेकर बेचने के लिए निकले थे। जेल में बंद होने के बाद तबीयत खराब हो गई। जिला कारागार से उन्हें मंडलीय अस्पताल लाया गया था। जिला कारागार से उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी दी गई। आरोप है कि मंडलीय अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के बाद जेलकर्मी उन्हें वापस जिला कारागार ले गए और भर्ती नहीं कराया गया। हिमांशु सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि ननकू सिंह को फिर मंडलीय अस्पताल लाया गया है। बाद में उनकी मौत की जानकारी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उन्हें हेरोइन बेचने के फर्जी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और तबीयत खराब होने के बाद उचित उपचार भी नहीं कराया गया। आरोप लगाया कि जिला कारागार वापस ले जाने के बाद उनकी पिटाई की गई, उनकी मौत हुई। उनका कहना है कि शरीर पर चोट के निशान थे।
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परिजनों ने आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने डॉक्टरों और जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मजिस्ट्रेट की निगरानी और वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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12 जून को एनडीपीएस मामले में ननकू सिंह जेल में आया था। जेल आने के अगले दिन तबीयत खराब हो गई थी। वह जेल अस्पताल में भर्ती था। वह नशे का आदती था। उसे कंपकंपी आना और इधर-उधर भागने जैसी समस्याएं हो रही थीं। सुधार न होने पर 15 जून को बाहर से डॉक्टर बुलाया। डॉक्टर ने मानसिक समस्या बताई थी। 16 जून को उसे मंडलीय अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया गया। वहां से दवा देकर एक सप्ताह बाद आने के लिए कहा गया था। बुधवार सुबह तबीयत खराब होने पर मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पिटाई का आरोप गलत है।
— आरपी चौधरी, जेल अधीक्षक
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ननकू को मादक पदार्थ हेरोइन के साथ पकड़कर जेल भेजा गया था। परिजनों का आरोप गलत है। ननकू पर छह एनडीपीएस और तीन आबकारी मामलों समेत 19 प्राथमिकी दर्ज हैं।
— नितेश सिंह, एएसपी सिटी