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Mirzapur News: मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल की केंद्रीय पैथोलॉजी में मरीजों को परेशानीबिजली कटने पर रुक जाती है जांच, बैकअप की सुविधा नहीं
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केंद्रीय पैथालाजी लैब में जांच करते कर्मचारी। स्रोत- संवाद
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल की केंद्रीय पैथोलॉजी में बिजली कटने पर जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। बैकअप की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से कंप्यूटर और इंटरनेट बंद हो जाते हैं। जनरेटर चालू होने के बाद भी कंप्यूटर शुरू होने में 20 से 30 मिनट लग जाते हैं। इससे जांच के लिए लाइन में लगे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
केंद्रीय पैथोलॉजी में रक्त के नमूने लेने, जांच करने और रिपोर्ट देने की व्यवस्था है। यहां प्रतिदिन करीब 200 से 250 जांच होती हैं। सुबह से ही पंजीकरण कराने के लिए मरीजों की लंबी कतार लग जाती है और दोपहर तक भीड़ बनी रहती है।
रक्त के नमूने लेने के लिए तीन कर्मचारियों की तैनाती है। महिला और पुरुष मरीजों के पंजीकरण के लिए एक-एक काउंटर, रिपोर्ट वितरण के लिए एक काउंटर और स्टाफ के लिए अलग काउंटर बनाया गया है। इसके अलावा चार कंप्यूटर लगाए गए हैं।
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बिजली कटते ही कंप्यूटर बंद होने से पंजीकरण और अन्य ऑनलाइन प्रक्रिया रुक जाती है। इनवर्टर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण इंटरनेट सेवा भी बाधित हो जाती है।
जनरेटर शुरू होने के बाद कंप्यूटर चालू होने में 20 से 30 मिनट लगते हैं। बिजली बार-बार कटने पर यह समस्या और बढ़ जाती है। गर्मी के मौसम में लंबे समय तक लाइन में खड़े मरीजों और तीमारदारों को अधिक परेशानी होती है।
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केंद्रीय पैथोलॉजी में रक्त के नमूने लेने, जांच करने और रिपोर्ट देने की व्यवस्था है। यहां प्रतिदिन करीब 200 से 250 जांच होती हैं। सुबह से ही पंजीकरण कराने के लिए मरीजों की लंबी कतार लग जाती है और दोपहर तक भीड़ बनी रहती है।
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रक्त के नमूने लेने के लिए तीन कर्मचारियों की तैनाती है। महिला और पुरुष मरीजों के पंजीकरण के लिए एक-एक काउंटर, रिपोर्ट वितरण के लिए एक काउंटर और स्टाफ के लिए अलग काउंटर बनाया गया है। इसके अलावा चार कंप्यूटर लगाए गए हैं।
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बिजली कटते ही कंप्यूटर बंद होने से पंजीकरण और अन्य ऑनलाइन प्रक्रिया रुक जाती है। इनवर्टर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण इंटरनेट सेवा भी बाधित हो जाती है।
जनरेटर शुरू होने के बाद कंप्यूटर चालू होने में 20 से 30 मिनट लगते हैं। बिजली बार-बार कटने पर यह समस्या और बढ़ जाती है। गर्मी के मौसम में लंबे समय तक लाइन में खड़े मरीजों और तीमारदारों को अधिक परेशानी होती है।

केंद्रीय पैथालाजी लैब में जांच करते कर्मचारी। स्रोत- संवाद

केंद्रीय पैथालाजी लैब में जांच करते कर्मचारी। स्रोत- संवाद

केंद्रीय पैथालाजी लैब में जांच करते कर्मचारी। स्रोत- संवाद