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Moradabad News: जिले में 40 तेंदुए सक्रिय, लोगों में दहशत
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सार
मुरादाबाद जिले में तेंदुओं की संख्या ढाई साल में आठ से बढ़कर लगभग 40 हो गई है। लगातार तेंदुए देखे जाने और हमले की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग के प्रयासों के बावजूद तेंदुए पूरी तरह पकड़े नहीं जा सके हैं।
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विस्तार
मुरादाबाद। जिले में ढाई साल के दौरान तेंदुओं की संख्या बढ़कर लगभग पांच गुना हो गई है। वन विभाग के अनुसार, साल 2022 में जिले में तेंदुओं की संख्या करीब आठ थी, जो अब बढ़कर 40 हो गई है। जिस रफ्तार से तेंदुए बढ़ रहे हैं, उस तेजी से पकड़े नहींं जा रहे। वन विभाग की यह सुस्ती लोगों के लिए मुसीबत बन गई है।
वन विभाग ने बृहस्पतिवार को पाकबड़ा क्षेत्र से एक तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की है लेकिन कांठ और ठाकुरद्वारा क्षेत्र में 34 से 40 तेंदुए और शावक अब तक पकड़े नहीं गए हैं। फसलों के कटने के कारण तेंदुए अपना सुरक्षित ठौर ढूंढ रहे हैं। तेंदुओं की हलचल के कारण लोग दहशत में हैं।
वन विभाग की टीमों ने जिले में मौजूद तेंदुए और उनके शावकों के पगमार्क से गिनती की है। अगवानपुर स्थित एक फैक्टरी में पिछले साल मादा तेंदुआ ने दो शावकों को जन्म दिया था। इसी प्रकार अन्य सुरक्षित स्थानों पर मादा तेंदुआ ने शावकों को जन्म दिया है। पाकबड़ा क्षेत्र में करीब सात से अधिक तेंदुए और शावकों के पगमार्क मिले हैं।
पिछले साल सड़क हादसे के दौरान पाकबड़ा में दो तेंदुओं की मौत हो गई थी। इधर, जोन स्तर पर वन विभाग ने पिछले 16 महीनों में 81 तेंदुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा है। तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे, ड्रोन कैमरे, ट्रैकिंग डिवाइस और प्रशिक्षित टीमों की मदद भी ली जा रही है।
तेंदुए की उम्र औसतन 14 साल
औसतन एक तेंदुए की उम्र लगभग 14 साल होती है। दो साल में तेंदुए हमला करने के काबिल हो जाते हैं। जिले में तेंदुओं की चहलकदमी की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभियान चलाने के लिए आवश्यक संसाधन के साथ ट्रेंड फोर्स होनी चाहिए, जो कि नहीं है। तेंदुओं का पता लगाने के लिए हाथियों का प्रयोग भी होता है। ट्रैक्युलाइजेशन के लिए ट्रेंड डॉक्टर और रेस्क्यू फोर्स की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। डीएफओ अविनाश पांडेय ने बताया कि जिले में 35 से ज्यादा तेंदुए मौजूद हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल पिंजरों को जगह-जगह लगाने का काम चल रहा है।
तेंदुए के हमले में गई थी जान
मुरादाबाद जिले के छजलैट क्षेत्र के गांव नक्साबाद निवासी किसान दलवीर सिंह (37) को नौ मई को उसके पड़ोस के खेत से निकले तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। दलवीर गन्ने के खेत में काम कर रहे थे। बाद में उपचार के दाैरान किसान की माैत हो गई थी।
किसान को खेत में मिले दो शावक
कांठ क्षेत्र के गांव कुम्हरिया जुबला के जंगल में 13 मई को खेत में काम रहे किसान हरिओम सिंह को तेंदुए के दो शावक मिले थे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए हिंसक न हों, इसलिए शावकों को खेत में ही रखवा दिया था। बाद में तेंदुए शावकों को लेकर चले गए।
पाकबड़ा क्षेत्र में फिर दिखा तेंदुआ
मुरादाबाद। एक नर तेंदुआ पकड़े जाने के बाद पाकबड़ा थाना क्षेत्र के सुलतानपुर फलेंदा में बृहस्पतिवार की रात एक तेंदुआ दीवार पर बैठा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उसका वीडियो वायरल कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार की रात एक तेंदुआ गांव के नजदीक टहल रहा था। उसे देखते ही गांव के लोग सतर्क हो गए। लोगों ने अपने बच्चों को बाहर नहीं निकलने नहीं दिया। कुछ ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहरा देने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि दिन में एक तेंदुआ पकड़ा गया है। एक और तेंदुआ बृहस्पतिवार की रात आठ बजे दीवार पर बैठा दिखा। ग्रामीणों ने उसका वीडियो तैयार कर पुलिस को सूचना दे दी है। ग्रामीण तेंदुए की आवाजाही से भयभीत हो गए हैं। ब्यूरो
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वन विभाग ने बृहस्पतिवार को पाकबड़ा क्षेत्र से एक तेंदुए को पकड़ने में सफलता हासिल की है लेकिन कांठ और ठाकुरद्वारा क्षेत्र में 34 से 40 तेंदुए और शावक अब तक पकड़े नहीं गए हैं। फसलों के कटने के कारण तेंदुए अपना सुरक्षित ठौर ढूंढ रहे हैं। तेंदुओं की हलचल के कारण लोग दहशत में हैं।
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वन विभाग की टीमों ने जिले में मौजूद तेंदुए और उनके शावकों के पगमार्क से गिनती की है। अगवानपुर स्थित एक फैक्टरी में पिछले साल मादा तेंदुआ ने दो शावकों को जन्म दिया था। इसी प्रकार अन्य सुरक्षित स्थानों पर मादा तेंदुआ ने शावकों को जन्म दिया है। पाकबड़ा क्षेत्र में करीब सात से अधिक तेंदुए और शावकों के पगमार्क मिले हैं।
पिछले साल सड़क हादसे के दौरान पाकबड़ा में दो तेंदुओं की मौत हो गई थी। इधर, जोन स्तर पर वन विभाग ने पिछले 16 महीनों में 81 तेंदुओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगलों में छोड़ा है। तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे, ड्रोन कैमरे, ट्रैकिंग डिवाइस और प्रशिक्षित टीमों की मदद भी ली जा रही है।
तेंदुए की उम्र औसतन 14 साल
औसतन एक तेंदुए की उम्र लगभग 14 साल होती है। दो साल में तेंदुए हमला करने के काबिल हो जाते हैं। जिले में तेंदुओं की चहलकदमी की लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभियान चलाने के लिए आवश्यक संसाधन के साथ ट्रेंड फोर्स होनी चाहिए, जो कि नहीं है। तेंदुओं का पता लगाने के लिए हाथियों का प्रयोग भी होता है। ट्रैक्युलाइजेशन के लिए ट्रेंड डॉक्टर और रेस्क्यू फोर्स की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। डीएफओ अविनाश पांडेय ने बताया कि जिले में 35 से ज्यादा तेंदुए मौजूद हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल पिंजरों को जगह-जगह लगाने का काम चल रहा है।
तेंदुए के हमले में गई थी जान
मुरादाबाद जिले के छजलैट क्षेत्र के गांव नक्साबाद निवासी किसान दलवीर सिंह (37) को नौ मई को उसके पड़ोस के खेत से निकले तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया था। दलवीर गन्ने के खेत में काम कर रहे थे। बाद में उपचार के दाैरान किसान की माैत हो गई थी।
किसान को खेत में मिले दो शावक
कांठ क्षेत्र के गांव कुम्हरिया जुबला के जंगल में 13 मई को खेत में काम रहे किसान हरिओम सिंह को तेंदुए के दो शावक मिले थे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए हिंसक न हों, इसलिए शावकों को खेत में ही रखवा दिया था। बाद में तेंदुए शावकों को लेकर चले गए।
पाकबड़ा क्षेत्र में फिर दिखा तेंदुआ
मुरादाबाद। एक नर तेंदुआ पकड़े जाने के बाद पाकबड़ा थाना क्षेत्र के सुलतानपुर फलेंदा में बृहस्पतिवार की रात एक तेंदुआ दीवार पर बैठा दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उसका वीडियो वायरल कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार की रात एक तेंदुआ गांव के नजदीक टहल रहा था। उसे देखते ही गांव के लोग सतर्क हो गए। लोगों ने अपने बच्चों को बाहर नहीं निकलने नहीं दिया। कुछ ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहरा देने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि दिन में एक तेंदुआ पकड़ा गया है। एक और तेंदुआ बृहस्पतिवार की रात आठ बजे दीवार पर बैठा दिखा। ग्रामीणों ने उसका वीडियो तैयार कर पुलिस को सूचना दे दी है। ग्रामीण तेंदुए की आवाजाही से भयभीत हो गए हैं। ब्यूरो