Moradabad: 10 मिनट के भीतर दो युवकों को मारी थी गोली, गांव में भारी पुलिस बल तैनात, मुठभेड़ में आरोपी जख्मी
कुंदरकी के खिताबपुर उर्फ खनूपुरा में मजदूर अंकित की हत्या और आशीष चौधरी को गोली मारने की घटना के बाद दूसरे दिन भी गांव में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। मुख्य आरोपी और 25 हजार रुपये के इनामी निखिल चौधरी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
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कुंदरकी थाना क्षेत्र के गांव खिताबपुर उर्फ खनूपुरा में मजदूर अंकित की हत्या और आशीष चौधरी को गोली मारकर घायल करने की सनसनीखेज वारदात के बाद दूसरे दिन भी गांव में तनावपूर्ण शांति बनी रही। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस गांव में लगातार गश्त करती रही।संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। दूसरी ओर, मृतक अंकित के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन अभी भी सदमे से उबर नहीं पाए हैं और रिश्तेदार व ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
रविवार सुबह मुकदमेबाजी की पुरानी रंजिश के चलते हुई वारदात में मजदूर अंकित की गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि आशीष चौधरी के सिर में गोली लगी थी। घायल आशीष का उपचार चल रहा है। घटना के बाद अंकित के भाई मोनू कुमार की तहरीर पर गांव निवासी निखिल चौधरी, उसके भाई विशाल चौधरी और चाचा रामवीर सिंह के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। इसी दौरान सोमवार देर शाम पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी और 25 हजार रुपये का इनामी निखिल चौधरी बाइक से हाथीपुर-चिड़ियाठेर संपर्क मार्ग से गुजरने वाला है। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें निखिल चौधरी के पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह मौके पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त अवैध तमंचा भी बरामद किया गया। घायल आरोपी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि आरोपी निखिल चौधरी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके कब्जे से अवैध असलहा भी बरामद हुआ है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं गांव में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रखा गया है।
अंकित के परिवार को मुआवजा देने की मांग
अखिल भारतीय आंबेडकर संघ ने कुंदरकी थाना क्षेत्र के ग्राम खिताबपुर उर्फ खनूपुरा में पहुंचकर दलित युवक अंकित की हत्या पर गहरा दुख एवं आक्रोश व्यक्त किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिनमें उपाध्यक्ष परमाल सिंह, मुन्ना लाल, पूर्व अध्यक्ष दौलत सिंह, मेघराज सिंह, विजयपाल सिंह आदि ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा घटना पर शोक व्यक्त किया।
इस अवसर पर महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि दलित युवक अंकित की हत्या अत्यंत दुखद, निंदनीय एवं कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाने वाली घटना है। इस जघन्य वारदात से क्षेत्र के दलित समाज समेत आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि अंकित हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इसके अलावा पीड़ित परिवार को शासन द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक न्यायालय में कराकर शीघ्र न्याय दिलाया जाए।
वारदात में एक और रिपोर्ट दर्ज
ग्राम खिताबपुर उर्फ खनूपुरा में पुरानी रंजिश में चलाई गोली से अंकित की मौके पर ही मौत हुई थी जबकि आशीष के सिर में गोली लगने से घायल हुआ था इस मामले में अब जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गोलीकांड में अंकित के भाई मोनू कुमार की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी निखिल चौधरी और उसके भाई विशाल चौधरी और चाचा रामवीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
आरोप लगाया कि मुकदमेबाजी की रंजिश में अंकित की गर्दन में गोली मारकर हत्या की है जिसमें आरोपी पक्ष समझौता करने का दबाव बना रहा था। वहीं गोली लगने से घायल आशीष के भाई अजीत ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि रविवार की सुबह छह बजकर बीस मिनट पर वह अपने भाई आशीष के साथ ट्रैक्टर से गोबर कूड़ा आदि को खेत पर डालने को जा रहा था,
हम दोनों भाई जैसे गांव से खेत पर पहुंचे ही थे तभी वहां पर पहले से ही घात लगाए हुए गांव के ही तमंचे लिए आरोपी निखिल उर्फ छोटू, विशाल, रामवीर सिंह और तीन अन्य लोग माैजूद थे। उनके मुंह कपड़े से ढके थे। आरोप है कि इन लोगों ने एक राय होकर जान से मारने की नियत से निखिल ने आशीष के सिर पर फायर कर दिया और दूसरा फायर विशाल ने कर दिया। इस दौरान निखिल की गोली सीधे आशीष के सिर को छूती हुई और घायल करती निकल गई। घायल आशीष का मुरादाबाद के कॉसमॉस अस्पताल में इलाज चल रहा है।
महज 10 मिनट के अंतराल में हुईं दोनों वारदातें
ग्राम खिताबपुर उर्फ खनूपुरा में हुई गोलीबारी की दो सनसनीखेज वारदातों में महज 10 मिनट का अंतराल रहा है। पहले वारदात में रविवार की सुबह छह बजकर 20 मिनट पर आशीष चौधरी पर गोली चलाई गई जोकि उसके सिर को घायल करते हुए निकल गई। वहीं लगभग साढ़े छह बजे मकान के दरवाजे पर बैठे अंकित को गोली मार दी गई जोकि उसकी गर्दन में लगी जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। गोली चलने से गांव में दहशत फैल गई और गुस्साए परिजनों ने आक्रोश जताया था।