Moradabad: जातीय संतुलन में फिसली भाजपा की जिला कमेटी... नामजदों को भी नवाजा; इन दो समाज को नहीं मिली भागीदारी
दो अप्रैल को घोषित भाजपा जिला कार्यकारिणी में जातिगत असंतुलन है। जाटों को अधिक प्रतिनिधित्व, बिश्नोई-वैश्य समाज को जगह नहीं। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले पदाधिकारी भी शामिल हैं।
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सबका साथ-सबका विकास...भाजपा सरकार के इस बुनियादी सिद्धांत पर संगठन की जिला कार्यकारिणी खरी साबित नहीं हो रही है। बीस सदस्यीय कमेटी में छह पदाधिकारी जाट बिरादरी से हैं। ब्राह्मण तीन, प्रजापति और सैनी समाज से दो-दो पदाधिकारी कमेटी में शामिल हैं।
कार्यकारिणी में बिश्नोई और वैश्य समाज को जगह नहीं मिली है। ऊपर से कमेटी में उन नामों को भी स्थान मिला है, जो कुछ समय पहले तक पुलिस रिकार्ड में दर्ज होने के कारण सुर्खियों में रहे थे। कमेटी पर परिवारवाद की छाया भी है। हालात यह हैं कि पहले घोषणा में देरी तो अब कई तरह के असंतुलन के कारण भाजपा की जिला कमेटी चर्चाओं में है।
दो अप्रैल को भाजपा की 20 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी घोषित की गई। इसमें आठ उपाध्यक्ष, आठ मंत्री, तीन महामंत्री और एक कोषाध्यक्ष हैं। इस कार्यकारिणी में उन्हें भी जगह मिली है जिन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसमें गजेंद्र चौधरी का नाम सबसे अधिक चर्चाओं में है।
वह पिछली कार्यकारिणी में भी उपाध्यक्ष रहे। गजेंद्र चाैधरी के खिलाफ रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। वहीं, ब्रजेश लोधी पर एक महिला ने दुर्व्यवहार की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा एक महिला पदाधिकारी पर भी मुकदमा दर्ज है।
बिश्नोई और वैश्य समाज को कमेटी में नहीं मिली भागीदारी
वहीं, दूसरी ओर इस नई कार्यकारिणी में जातिगत असंतुलन की बात भी सामने आ रही है। कार्यकारिणी में सबसे अधिक भागीदारी जाट बिरादरी को मिली है। कमेटी में छह जाट पदाधिकारी बनाए गए हैं। इनमें तीन उपाध्यक्ष, दो मंत्री और एक महामंत्री शामिल हैं।
ब्राह्मण तीन, सैनी-प्रजापति समाज से दो-दो पदाधिकारियों को कमेटी में स्थान दिया है। शेष सात पदाधिकारियों में कश्यप, पंजाबी, यादव, लोधी, जाटव, वाल्मीकि, क्षत्रिय बिरादरी का प्रतिनिधित्व है लेकिन बिश्नोई और वैश्य समाज को कमेटी में भागीदारी नहीं मिली है।
मां महानगर में तो बेटी जिला कमेटी में
भाजपा ने भले ही परिवारवाद का विरोध करके अपनी सियासत को धार दी हो लेकिन कमेटियों को ध्यान से देखें तो यहां घर-परिवार को खासा महत्व मिला है। भाजपा की महानगर कार्यकारिणी की एक सदस्य की बेटी को भाजपा जिला कमेटी में शामिल किया गया है। भाजपा पार्षद के पति को भी जिला कमेटी में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा एक पूर्व विधायक के बेटे को भी कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है।
आखिर गजेंद्र चौधरी के नाम पर हाईकमान चुप क्यों
भाजपा जिला कमेटी में फिर से उपाध्यक्ष बनाए गए गजेंद्र चौधरी पार्टी के बड़े नेता से अदावत को लेकर चर्चाओं में रहे थे। गजेंद्र के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जेल भी भेजा गया था। इस मामले में उस वक्त पार्टी के एक बड़े नेता की भूमिका का हवाला दिया गया था।
अब गजेंद्र चौधरी को भाजपा कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस मामले में हाईकमान की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा तो यहां तक है कि गजेंद्र चौधरी का नाम शामिल कराने के लिए जिला कार्यकारिणी की सूची रोक दी गई थी। एक जनप्रतिनिधि गजेंद्र चौधरी के नाम पर अंत तक अड़े रहे थे।
जिला कमेटी के पदाधिकारियों का चयन जिले व क्षेत्रीय पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सर्वसम्मत राय से किया गया है। कमेटी में सभी बिरादरी को शामिल करने का पूरा प्रयास किया गया है। जिन बिरादरी को जगह नहीं मिली हैं, उन्हें जिले के भाजपा प्रकोष्ठों को शामिल किया जाएगा। - आकाश पाल, जिलाध्यक्ष, भाजपा
भाजपा जिला कार्यकारिणी में इन्हें मिला है पद
जिला उपाध्यक्ष : चंद्रपाल सिंह सैनी, कमल प्रजापति, डॉ. यशवीर सिंह, गजेंद्र चौधरी, चकित चौधरी, अशोक प्रजापति, मयूर भाटिया, आदेश चौधरी।
जिला महामंत्री : नवीन उर्फ विकास चौधरी, ओमपाल सैनी, आदित्य शंखधार।
जिला मंत्री : दिनेश यादव, अरुण कुमार शर्मा, विक्रांत सिंह, लकी चौधरी, ब्रजेश लोधी, कशिश चौहान, प्रियंका जाटव, ज्योति वाल्मीकि।
कोषाध्यक्ष : आशीष शर्मा।