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Moradabad News: विदेशों में बढ़ी सिरेमिक हस्तशिल्प उत्पादों की मांग, यूरोप से मिल रहे ऑर्डर
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मुरादाबाद। पीतल नगरी के नाम से दुनिया भर में पहचान रखने वाला मुरादाबाद अब बदलते वैश्विक बाजार के साथ अपने निर्यात कारोबार का दायरा बढ़ाने की तैयारी में जुट गया है। विदेशों खासतौर पर यूरोपीय देशों में सिरेमिक से बने हस्तशिल्प उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कम लागत, आकर्षक डिजाइन और हल्के वजन की वजह से सिरेमिक उत्पाद विदेशी खरीदारों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए जिले के कई निर्यातक अब सिरेमिक उत्पाद निर्माण के क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
जिले से पीतल, एल्युमिनियम, आयरन और लकड़ी से तैयार हस्तशिल्प उत्पाद यूरोप, अमेरिका समेत अन्य देशों में निर्यात किए जाते हैं। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ग्राहकों की पसंद बदल रही है। विदेशी खरीदार कम कीमत, आधुनिक डिजाइन और हल्के वजन वाले उत्पादों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी बदलाव का फायदा सिरेमिक उद्योग को मिल रहा है।
निर्यातकों का कहना है कि यूरोप के कई देशों में धातु आधारित उत्पादों की कीमतें अपेक्षाकृत महंगी होती हैं। पीतल और एल्युमिनियम की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव की वजह से इनसे बनने वाले हस्तशिल्प उत्पादों की लागत भी बढ़ जाती है। इसके मुकाबले सिरेमिक उत्पाद कम लागत में तैयार हो जाते हैं। यही वजह है कि विदेशी खरीदार अब तेजी से सिरेमिक उत्पादों की ओर रुख कर रहे हैं। निर्यातक बताते हैं कि यूरोप से कॉफी मग, टी कप, प्लेट, बाउल, सर्विंग ट्रे, डिनर सेट, फ्लावर पॉट और किचन में इस्तेमाल होने वाले अन्य सिरेमिक उत्पादों के लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं।
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निर्यातक बोले
यूरोपीय देशों से सिरेमिक हस्तशिल्प उत्पादों के कई ऑर्डर मिलते हैं, लेकिन हमारी फैक्टरी में यह काम नहीं होता है। इसलिए ऑर्डर छोड़ने पड़ते हैं। अब सिरेमिक उत्पाद निर्माण शुरू करने को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द काम शुरू करेंगे। -नरेंद्र चौधरी, निर्यातक
महीने में 30 ऑर्डर पर बातचीत होती है तो उसमें से चार से छह बड़े ऑर्डर सिरेमिक उत्पादों के होते हैं। अभी यह काम नहीं होने की वजह से उन्हें कैंसिल करना पड़ रहा है। आगे सिरेमिक हस्तशिल्प उत्पादों पर काम करने की तैयारी चल रही है। -विवेक अग्रवाल, निर्यातक
मुरादाबाद से अब सिरेमिक उत्पादों का निर्यात करोड़ों रुपये का होने लगा है। जिले के कई और निर्यातक इस क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल शहर के पांच से सात निर्यातक ही इस काम से जुड़े हैं। लेकिन अब यह संख्या तेजी से बढ़ेगी। क्योंकि अन्य धातु के उत्पादों की तुलना में सिरेमिक उत्पाद काफी सस्ते होते हैं। -नावेद उर रहमान, सीओए सदस्य, ईपीसीएच
जिले से पीतल, एल्युमिनियम, आयरन और लकड़ी से तैयार हस्तशिल्प उत्पाद यूरोप, अमेरिका समेत अन्य देशों में निर्यात किए जाते हैं। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ग्राहकों की पसंद बदल रही है। विदेशी खरीदार कम कीमत, आधुनिक डिजाइन और हल्के वजन वाले उत्पादों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी बदलाव का फायदा सिरेमिक उद्योग को मिल रहा है।
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निर्यातकों का कहना है कि यूरोप के कई देशों में धातु आधारित उत्पादों की कीमतें अपेक्षाकृत महंगी होती हैं। पीतल और एल्युमिनियम की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव की वजह से इनसे बनने वाले हस्तशिल्प उत्पादों की लागत भी बढ़ जाती है। इसके मुकाबले सिरेमिक उत्पाद कम लागत में तैयार हो जाते हैं। यही वजह है कि विदेशी खरीदार अब तेजी से सिरेमिक उत्पादों की ओर रुख कर रहे हैं। निर्यातक बताते हैं कि यूरोप से कॉफी मग, टी कप, प्लेट, बाउल, सर्विंग ट्रे, डिनर सेट, फ्लावर पॉट और किचन में इस्तेमाल होने वाले अन्य सिरेमिक उत्पादों के लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं।
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निर्यातक बोले
यूरोपीय देशों से सिरेमिक हस्तशिल्प उत्पादों के कई ऑर्डर मिलते हैं, लेकिन हमारी फैक्टरी में यह काम नहीं होता है। इसलिए ऑर्डर छोड़ने पड़ते हैं। अब सिरेमिक उत्पाद निर्माण शुरू करने को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द काम शुरू करेंगे। -नरेंद्र चौधरी, निर्यातक
महीने में 30 ऑर्डर पर बातचीत होती है तो उसमें से चार से छह बड़े ऑर्डर सिरेमिक उत्पादों के होते हैं। अभी यह काम नहीं होने की वजह से उन्हें कैंसिल करना पड़ रहा है। आगे सिरेमिक हस्तशिल्प उत्पादों पर काम करने की तैयारी चल रही है। -विवेक अग्रवाल, निर्यातक
मुरादाबाद से अब सिरेमिक उत्पादों का निर्यात करोड़ों रुपये का होने लगा है। जिले के कई और निर्यातक इस क्षेत्र में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल शहर के पांच से सात निर्यातक ही इस काम से जुड़े हैं। लेकिन अब यह संख्या तेजी से बढ़ेगी। क्योंकि अन्य धातु के उत्पादों की तुलना में सिरेमिक उत्पाद काफी सस्ते होते हैं। -नावेद उर रहमान, सीओए सदस्य, ईपीसीएच