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UP: प्रेमजाल में फंसाया, अश्लील वीडियो बनाया, 50 लोगों से वसूले 10 लाख से ज्यादा, गिरोह में पति-पत्नी भी

अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद Published by: Akash Dubey Updated Sat, 14 Mar 2026 03:56 PM IST
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सार

पुलिस ने हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह वीडियो से ब्लैकमेल करता था। 50 से अधिक पीड़ितों से 10 लाख रुपये वसूले।

Honey trap 50 people and extort lakhs of rupees from them in moradabad
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Generated Image
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विस्तार

यूपी के मुरादाबाद जिले के मुगलपुरा थाना पुलिस ने एक हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने इस गिरोह में शामिल चार महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें पति-पत्नी भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह की महिलाएं फोन के जरिए लोगों से दोस्ती करती थीं और उन्हें मिलने के बहाने अपने घर बुलाकर वीडियो बना लेती थीं। यह गिरोह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देकर उनसे वसूली करता था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि 50 से ज्यादा लोग इस गिरोह का शिकार हो चुके हैं और दस लाख से ज्यादा की वसूली की गई है। 

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एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मुगलपुरा क्षेत्र निवासी कबाड़ का काम करने वाले युवक ने 25 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि एक महिला ने कॉल कर उसे ताजपुर में मिलने के लिए बुलाया था। वहां पहुंचने पर पहले से मौजूद महिला और उसके साथियों ने उसे बंधक बनाकर निर्वस्त्र कर दिया और वीडियो बनाकर उससे 85 हजार रुपये वसूल लिए। तीन लाख की मांग और की जा रही है। बृहस्पतिवार को मुगलपुरा थाना पुलिस ने कटघर के ताजपुर निवासी रिहाना, शगुफ्ता, चांदबी, भोजपुर के धर्मपुरा निवासी इलमा और उसके पति सुलेमान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि कई लोगों के निर्वस्त्र वीडियो और फोटो इनके मोबाइल में मिले हैं। आरोपियों ने कबूला है कि वह अपने सात अन्य साथियों के साथ मिलकर अब तक 50 से ज्यादा लोगों को शिकार बना चुके हैं। शाम को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। अन्य की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। 

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इस तरह जाल में फंसाया था युवक को
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि करीब एक साल पहले पीड़ित युवक भोजपुर के रसूलपुर में रहने वाले धर्मपुरा निवासी सुलेमान की दुकान पर लोहे का सामान बेचने गया था। इस दौरान सुलेमान ने उसके मोबाइल से एक नंबर पर कॉल की थी। अगले दिन उसी नंबर से युवक के पास कॉल आने लगी। युवक ने कॉल रिसीव की तो सामने वाली युवती ने अपना परिचय कटघर के ताजपुर माफी निवासी शगुफ्ता के रूप में दिया। एक माह तक दोनों के बीच बातचीत हुई। 

युवती ने युवक को ताजपुर में रिहाना नाम की महिला के घर बुला लिया। युवक और शगुफ्ता अकेले में बातचीत कर रहे थे कि इसी दौरान रिहाना मोबाइल से वीडियो बनाने लगी। युवक ने विरोध किया तो वहां इलमा, इकरा, उबैद, सुलेमान, इमरान नानू, चांद बी और सैयद आ गए। सभी ने युवक को बंधक बना लिया और निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बना लिया था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। 18 अक्तूबर 2025 को शगुफ्ता के जीजा इमरान, सुलेमान, अनीस और पप्पी चौधरी ने युवक से एक लाख रुपये की मांग की। बदनामी के डर में युवक ने 85 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद भी आरोपी रकम मांग रहे थे।

सुलेमान उपलब्ध कराता मोबाइल नंबर, शगुफ्ता और रिहाना फंसाती थीं शिकार
रिश्तेदारों ने ही मिलकर हनीट्रैप गिरोह बना लिया। जिसमें पति पत्नी, मां,बहन बहनोई सभी शामिल हो गए। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह की सरगना शगुफ्ता और उसकी बहन रिहाना हैं लेकिन अन्य सभी सदस्यों की अलग अलग जिम्मेदारी तय की गई थी। कोई फोन नंबर हासिल करता था तो कोई बातचीत कर शिकार बनाता था जबकि कुछ लोगों को रुपये वसूली पर रखा गया था। 

शहर से सटे ताजपुर माफी गांव में हनी ट्रैप का यह गिरोह संचालित हो रहा था। इस गिरोह की सरगना शगुफ्ता और उसकी बहन रिहाना इसी गांव में रहती हैं जबकि इनका मायका भी इसी गांव का बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि सुलेमान की कबाड़ खरीदने की दुकान है। उसकी दुकान पर लोगों का आना जाना रहा है। वह किसी तरह लोगों का नंबर हासिल कर लेता और उसके बाद अपनी रिश्तेदार शगुफ्ता और रिहाना को नंबर उपलब्ध कराता। 

यह दोनों ही युवकों से बात करती हैं और कुछ दिन बात करने के बाद मिलने के बहाने ताजपुर माफी में बुलाती हैं। इसके बाद वहां खुद ही उसके साथ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लेती हैं। शगुफ्ता और रिहाना अपने गिरोह के अन्य सदस्यों को पहले ही अलर्ट करते हैं कि आज शिकार फंस गया और मिलने जाएगा। वह पहले ही घर में छिप जाते हैं। इसके बाद लोगों को रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी देकर और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर इनके साथ ठगी करते हैं। सुलेमान, उसकी पत्नी इलमा और शगुफ्ता, मां चांद बी, शगुफ्ता के जीजा इमरान, अनीस और पप्पी चौधरी भी शमिल हैं।

हनी ट्रैप गिरोह के निशाने पर थे शहर के कई रईसजादे
शहर में सक्रिय इस हनी ट्रैप गिरोह ने अपनी रणनीति में बदलाव शुरू कर दिया था। गिरोह अब तक मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों को अपना शिकार बनाता आ रहा था लेकिन अब उनके निशाने पर शहर के व्यापारी और कारोबारियों के बेटे आ गए थे। गिरोह का उद्देश्य था कि इन रईसजादों को फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूली जाएगी।

गिरोह के सदस्य पहले छोटे स्तर पर लोगों को निशाना बनाते थे। कारखानों और फर्मों में काम करने वाले लोग उनके आसान शिकार बनते थे। किसी से दस हजार, किसी से बीस हजार तो किसी से पचास हजार रुपये की ठगी की जा चुकी थी। इन्हें फंसाने के बाद गिरोह के सदस्यों ने बड़े सपने देखने शुरू कर दिए  थे। वह अब रईसजादों को अपने जाल में फंसाना चाहते थे। इस नई योजना के तहत गिरोह के  सदस्य सुलेमान और उसके अन्य साथी सक्रिय हो गए थे। 

उन्होंने शहर के व्यापारी और कारोबारियों के बेटों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। विशेष रूप से उनके मोबाइल नंबरों को एकत्र किया जा रहा था। यह जानकारी गिरोह की महिला सदस्यों, शगुफ्ता और रिहाना को दी जाती। यह नंबर गिरोह की दो महिला शगुफ्ता और रिहाना को सौंपे जाते। इन महिलाओं का काम इन रईसजादों से संपर्क स्थापित करना और उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसाना था। इसके बाद गिरोह उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देता। वह धमकी देकर या बदनामी का डर दिखाकर उससे पैसे ऐंठने की योजना बना चुके थे। लेकिन उससे पहले गिरोह का पर्दाफाश हो गया।

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