UP: कुमार विश्वास ने तमिलनाडु के डिप्टी सीएम पर साधा निशाना, कहा-शंकराचार्य पर टिप्पणी मेरी सामर्थ्य नहीं
कवि कुमार विश्वास ने भाषाई विवाद को लेकर तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। कहा कि राम के अस्तित्व से इनकार करने जैसे बयान पीड़ा और चिंता पैदा करते हैं। उन्होंने सभी भारतीय भाषाओं को समृद्ध मानते हुए किसी एक भाषा के विरोध को राजनीति का हिस्सा बताया।
विस्तार
कवि कुमार विश्वास ने भाषाई विवाद को लेकर तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री एम के स्टालिन पर निशाना साधा। कहा कि यदि राम का अस्तित्व नहीं हैं तो उनके पिता कहां से आए। किसी एक भाषा का विरोध करना राजनीति का एक हिस्सा बन गया है।
कवि कुमार विश्वास गणतंत्र दिवस पर शहर के एक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। उन्होंने बुद्धि विहार में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि यह माहेश्वर तिवारी, जिगर मुरादाबादी, हुल्लड़ मुरादाबादी और मक्खन मुरादाबादी का शहर है। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा है कि राम का अस्तित्व ही नहीं है।
उनके पिता करुणानिधि का नाम ही राम का पर्यायवाची है। ऐसे बयान पीड़ा और चिंता पैदा करते हैं। तमिल संस्कृत से निकली एक अद्भुत एवं महान भाषा है। हर भारतीय चाहता है कि तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और बंगाली जैसी सभी भारतीय भाषाएं फले-फूले लेकिन किसी एक भाषा का विरोध करना राजनीति का हिस्सा बन गया है।
इस देश में 1947 के बाद दिल्ली के नेताओं ने दक्षिण में जाकर राजनीति की। भाषा के नाम पर समाज को बांटने की प्रवृत्ति छोड़नी होगी। हिंदी भाषी लोगों को भी दक्षिण भारतीय भाषाओं के महान विद्वानों और साहित्य को पढ़ना चाहिए। भाषाओं का विरोध त्यागना चाहिए।
शंकराचार्य पर टिप्पणी करने की मेरा सामर्थ्य नहीं
कवि कुमार विश्वास ने कहा कि शंकराचार्य पर टिप्पणी करने की मेरी सामर्थ्य नहीं है। दो अनुरोध हैं, प्रशासन को संवेदनशील होकर कार्य करना चाहिए, जिसके भी शरीर पर भगवा है, जिसने धर्म संस्कृति के प्रति खुद को अर्पित कर दिया है।
उससे संवाद करते समय थोड़ी मर्यादा और जिम्मेदारी का भाव रखना चाहिए। शंकराचार्य से अनुरोध करता हूं कि सात्विक क्रोध त्यागें, सब पर कृपा बरसाएं। सबके मंगल के लिए सबको आशीर्वाद प्रदान करें। यदि किसी से अपराध हुआ तो शंकराचार्य से क्षमा मांगते हैं।
भाई की तरह मंसूर उस्मानी से दुख साझा किया
कवि कुमार विश्वास ने कहा कि वह बारादरी स्थित शायर मंसूर उस्मानी के घर गए थे। एक दुर्घटना में उनकी बेटी का निधन हुआ है। एक भाई की तरह उन्होंने मंसूर उस्मानी से दुख साझा किया है। इस बारे में पूछने पर शायर मंसूर उस्मानी ने बताया कि उनका कुमार विश्वास से संबंध पुराना है।
कई बार दोनों ने एक साथ मंच साझा किया है। घर पर काफी देर तक उन्होंने बातचीत की। दोनों एक ही साहित्यिक कुनबे के हैं। लगभग 45 मिनट तक कुमार विश्वास ने उस्मान मंसूरी के साथ व्यतीत किया।
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