Moradabad: जिस अरविंद की मौत पर 17 घंटे बवाल, वह 21 घंटे बाद घर लौटा, पुलिस से बोला- बाग में सो गया था
दीवान शुगर मिल में मजदूर अरविंद कुमार के गन्ना चेन में गिरकर पिसने की अफवाह से हड़कंप मच गया। इसके बाद परिवार-किसान संगठनों और पुलिस-प्रशासन ने मिल में जांच की। करीब 21 घंटे बाद वह घर पहुंच गया। पुलिस ने दोनों भाइयों से पूछताछ कर रही है।
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दीवान शुगर मिल में मंगलवार की रात को 12 बजे मजदूर अरविंद के गन्ना चेन में गिरने का हल्ला मचा। अरविंद के साथ काम करने वाले उसके बड़े भाई जितेंद्र ने तो यहां तक बताया कि उसने भाई को चेन में गिरते हुए देखा था। चेन बंद कराने के लिए अफसरों से कहा भी लेकिन चेन बंद नहीं की गई। जब अरविंद के घर वाले और आसपास के ग्रामीण पहुंचे तो चेन को बंद कराया गया।
भारी फोर्स की मौजूदगी में जगह-जगह जांच हुई। लेकिन कहीं सुराग नहीं लगा। घर वाले कहते रहे कि अरविंद चेन में गिरकर पिस गया है। परिवार वाले भी सारा दिन बिलखते रहे। लेकिन बृहस्पतिवार की सुबह करीब पांच बजे पूरे 21 घंटे के बाद वह वापस लौट आया। पुलिस को बताया कि वह चीनी मिल के पास में ही एक बाग में जाकर सो गया था। जब हंगामा होते देखा तो घबराकर छिप गया।
दरअसल मझोला थानाक्षेत्र के उत्तमपुर बहलोलपुर निवासी अरविंद कुमार और उसका बड़ा भाई जितेंद्र दीवान शुगर मिल में काम करते हैं। मंगलवार की रात करीब 12 बजे गन्ना कैरियर के पास गन्ना चेन पर दोनों काम कर रहे थे। इसी दौरान जितेंद्र ने शोर मचा दिया था कि उसका भाई चेन में गिर गया है। हालांकि ऑपरेटर ने मशीन बंद नहीं की थी।
मिल वाले ऐसी किसी घटना से इन्कार करते रहे लेकिन जितेंद्र कहता रहा कि उसका भाई चेन में गिर गया है। कुछ ही देर में उसने अपने परिवार वालों को बुला लिया। सुबह होते होते आसपास के किसान पहुंच गए। भाकियू नेता समेत कई संगठनों के पदाधिकारियों ने मिल में डेरा जमा लिया। मिल पर आरोप गूंजने लगे।
जितेंद्र कहता रहा कि उसने चेन बंद करने के लिए कहा था मगर उसकी सुनी नहीं गई। उसका भाई गन्ने के साथ पिस गया है। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। चेन की चेकिंग की गई। भूसी का ढेर तक खंगाला गया। फोरेंसिक टीम भी साक्ष्य इकट्ठा करती रही। डॉग स्क्वाड भी बुला लिया गया। शाम को पांच बजे के करीब पांच बजे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिल प्रशासन और मजदूर के परिजनों में समझौता हो गया है।
अरविंद के घर वाले भी बिलखते हुए अपने घर चले गए और घर में किसी की मृत्यु होने के बाद होने वाली परंपरा करने की तैयारी करने लगे। इसी दौरान अरविंद ने जितेंद्र को कॉल कर बताया कि वह जिंदा है और रेलवे स्टेशन पर है। इसके बाद परिजन उसे घर ले गए लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी। अरविंद के घर लौटने पर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है।
इसी शोर शराबा के बीच आस पड़ोस के लोगों को अरविंद के घर लौटने की भनक लग गई। उन्होंने इसी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस गांव पहुंची और अरविंद और उसके भाई को थाने ले गई। अरविंद ने पुलिस को बताया कि वह नशे की हालत में सो गया था। मिल के पास ही जंगल में सो गया था।
सुबह जागा तो देखा कि हंगामा हो रहा है। इसके बाद वह बाग में छिप गया था। इसके बाद बुधवार रात रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया और घूमता रहा और अपने भाई को सूचना दे दी। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि अरविंद के जितेंद्र के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की है।
नौ घंटे मिल बंद रहने से 25 लाख रुपये नुकसान
दीवान शुगर मिल की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। जिसमें आरोप लगाया है कि मिल प्रबंधन को अरविंद के परिजन, ग्रामीण और रिश्तेदारों ने ब्लैकमेल किया है। बुधवार सुबह आठ बजे मिल बंद करा दी थी।करीब नौ घंटे तक मिल बंद रही। जिससे मिल को 25 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। जिस लोगों ने मिल प्रबंधन को ब्लैकमेल किया है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मिल के जीएम सुशील कुमार खोखर का कहना है कि इन लोगों ने मिल की छवि खराब करने की कोशिश की है। इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।
