UP: राप्ती-गंगा एक्सप्रेस से गिरा छात्र, चेन पुलिंग के बाद भी नहीं रुकी ट्रेन, मुरादाबाद में साथियों का हंगामा
राप्ती-गंगा एक्सप्रेस में सवार छात्र के नगीना-बुंदकी स्टेशन के बीच ट्रेन से गिरने के बाद मुरादाबाद पहुंचने पर उसके साथियों ने हंगामा किया। इससे स्टेशन पर अफरा तफरी मच गई। डीआरएम के निर्देश पर पेट्रोलिंग टीम ने घायल छात्र को खोजकर बिजनौर के जिला अस्पताल पहुंचाया। छात्रों का आरोप है कि चेन पुलिंग के बाद भी ट्रेन नहीं रुकी।
विस्तार
राप्ती-गंगा एक्सप्रेस में हरिद्वार से गोरखपुर जा रहा एक छात्र ट्रेन से नीचे गिर गया। दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज गोरखपुर के रक्षा अध्ययन के छात्रों का समूह शैक्षिक टूर से लौट रहा था। इसी दौरान मंडल के नगीना व बुंदकी स्टेशन के बीच में यह हादसा हुआ।
ट्रेन मुरादाबाद पहुंची तो अन्य छात्रों ने इंजन के आगे पटरियों पर बैठकर हंगामा किया। घटना मंगलवार देर रात की है। छात्रों का आरोप था कि साथी के गिरने पर उन्होंने कई बार चेन पुलिंग की लेकिन ट्रेन नहीं रुकी।
धीमी गति पर ही कुछ छात्र उतर गए और साथी की तलाश में जुट गए। आरोप है कि टीटीई व गार्ड से बताने पर भी कोई मदद नहीं मिली। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने बमुश्किल समझाया।
कंट्रोल के जरिए डीआरएम समेत वरिष्ठ अधिकारियों तक मैसेज पहुंचा तो तब छात्र शांत हुए। डीआरएम विनीता श्रीवास्तव के निर्देशों पर फौरन पेट्रोलिंग टीम को छात्र का फोटो भेजकर जल्द पता लगाने के लिए कहा गया।
साथ ही एक डॉक्टर की ड्यूटी भी लगाई गई, जिससे फौरन उपचार दिया जा सके। 20-25 मिनट बाद पेट्रोलिंग टीम ने घायल छात्र को ढूंढ निकाला और नजीबाबाद स्वस्थ्य केंद्र पहुंचाया।
वहां से छात्र को बिजनौर के जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया। साथी का पता चला तो छात्र फौरन बिजनौर के लिए रवाना हो गए। बिजनौर के जिला अस्पताल पहुंचकर वहां से छात्र को इलाज के लिए मेरठ ले गए।
छात्र बोला- पानी पीने दरवाजे पर आया था, चक्कर खाकर गिर पड़ा
दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज गोरखपुर के 26 छात्रों का दल प्राध्यापक डॉ. राम प्रसाद यादव के साथ शैक्षिक टूर पर हरिद्वार गया था। वहां से लौटते समय यह हादसा हुआ। घायल छात्र सागर निषाद ने बताया कि वह पानी पीने के लिए दरवाजे पर आया था। अचानक चक्कर आने व झटका लगने से नीचे गिर गया। सहायता पहुंचाने के लिए छात्र ने रेलवे की टीम का आभार व्यक्त किया।
राप्ती-गंगा एक्सप्रेस के कोच से एक छात्र के गिरने की सूचना मिली थी। हमने फौरन पेट्रोलिंग और मेडिकल टीम को रवाना किया। छात्र के चेहरे पर चोट लगी थी। एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाकर उपचार दिलाया गया। हमारी टीम लगातार छात्रों के संपर्क में रही। - विनीता श्रीवास्तव, डीआरएम
