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यूपी में फास्ट फूड से एक और मौत!: बर्गर और नूडल्स का अधिक सेवन... छात्रा की दिमाग में गांठें बनने से हुई मौत
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:25 AM IST
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सार
यूपी में फास्ट फूड से एक और मौत की खबर है। बर्गर और नूडल्स का अधिक सेवन करने से छात्रा की दिमाग में गांठें बन गई। छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
इलमा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
यूपी के अमरोहा में फास्ट फूड के सेवन की वजह से एक और मौत का मामला सामने आया है। नीट की तैयारी कर रही चुचैला कलां गांव की रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा इलमा कुरैशी की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार की दोपहर बाद मौत हो गई।
उसके दिमाग में गांठे बन गई थीं। परिजनों के मुताबिक इलमा का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया था कि फास्ट फूड में प्रयोग की जाने वाली पत्ता गोभी के जरिए के दिमाग में पहुंचे कीड़े ने गांठे बनाई थीं।
छात्रा इलमा कुरैशी गांव चुचैला कलां गांव में रहने वाले नदीम कुरैशी की बेटी थी। नदीम कुरैशी नोएडा में कबाड़ का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी इलमा को करीब एक महीने पहले सिर दर्द की शिकायत हुई थी। इलाज कराने से उसको आराम मिल गया था।
कुछ दिन बाद इलमा को फिर से सिर दर्द की शिकायत हुई तो वह इलमा को नोएडा ले आए और उसका निजी अस्पताल में उपचार कराया गया। यहां चिकित्सक ने इलमा का एमआरआई और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी।
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उसके दिमाग में गांठे बन गई थीं। परिजनों के मुताबिक इलमा का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया था कि फास्ट फूड में प्रयोग की जाने वाली पत्ता गोभी के जरिए के दिमाग में पहुंचे कीड़े ने गांठे बनाई थीं।
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छात्रा इलमा कुरैशी गांव चुचैला कलां गांव में रहने वाले नदीम कुरैशी की बेटी थी। नदीम कुरैशी नोएडा में कबाड़ का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी इलमा को करीब एक महीने पहले सिर दर्द की शिकायत हुई थी। इलाज कराने से उसको आराम मिल गया था।
कुछ दिन बाद इलमा को फिर से सिर दर्द की शिकायत हुई तो वह इलमा को नोएडा ले आए और उसका निजी अस्पताल में उपचार कराया गया। यहां चिकित्सक ने इलमा का एमआरआई और सीटी स्कैन कराने की सलाह दी।
जांच रिपोर्ट में इलमा के दिमाग में गांठ बताई गईं। कुछ दिन इलाज के बाद इलमा को आराम मिल गया। लेकिन, बीती 18 दिसंबर को परिवार में हुई एक शादी में शामिल होने के लिए गांव भी आई थी। तबीयत खराब होने पर अगले दिन ही परिजन उसे दिल्ली ले गए। उसे यहां भी निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
इलाज महंगा होने के कारण पिता ने इलमा को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां भी इलमा की हालत बिगड़ती चली गई। पिता के मुताबिक जांच के दौरान इलमा के दिमाग में गांठों की संख्या बढ़कर 20 से अधिक हो गई। सोमवार की दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बाद में रोते बिलखते परिजन इलमा का शव लेकर गांव ले आए। पिता नदीम ने बताया कि इलमा का इलाज करने वाले चिकित्सक का कहना था कि पत्ता गोभी में मौजूद कीड़ा दिमाग में प्रवेश कर गया। कीड़े की वजह से ही इलमा के दिमाग में गांठें बन गई थीं। फास्ट फूड में अक्सर पत्ता गोभी का प्रयोग किया जाता है। पिता ने बताया कि इलमा भी बर्गर व नूडल्स आदि का सेवन करती थी।
पत्ता गोभी कीड़ा होने की बात सामने आई है। उसमें मौजूद कीड़ा दिमाग में प्रवेश कर गांठें बना सकता है। उनका कहना है कि नाॅन वेज खाने का सेवन करने वालों को भी इस तरह की परेशानी हो सकती है। कुछ पशुओं के शरीर में इस तरह के कीड़े होते हैं। उनका मांस खाने वालों को भी दिमाग में कीड़े हो सकते हैं।- डॉ. राहुल कुमार, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
15 साल पहले एक युवक की दिमाग में भी कीड़े हुए थे
मंडी धनौरा के ब्लॉक कार्यालय के पास रहने वाले एक युवक के दिमाग में भी 15 साल पहले कीड़े हुए थे। युवक ने बताया कि सिर में दर्द होने पर चिकित्सक ने उसके दिमाग में कीड़े होने की बात कही थी।
मंडी धनौरा के ब्लॉक कार्यालय के पास रहने वाले एक युवक के दिमाग में भी 15 साल पहले कीड़े हुए थे। युवक ने बताया कि सिर में दर्द होने पर चिकित्सक ने उसके दिमाग में कीड़े होने की बात कही थी।
चिकित्सक ने बताया था कि पत्ता गोभी के सेवन करने से उसमें मौजूद कीड़े आंतों के जरिए दिमाग में पहुंच जाते हैं। हालांकि समय पर उपचार मिल जाने की वजह से युवक की जान बच गई थी। लेकिन उसे दो माह तक अस्पताल में रहना पड़ा था।
