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UP: जौहर यूनिवर्सिटी गेट पर बारिश में भी छात्रों का धरना जारी, अखिलेश बोले- बदले की भावना से काम कर रही सरकार

Sun, 19 Jul 2026 09:19 PM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: Vimal Sharma Updated Sun, 19 Jul 2026 09:19 PM IST
सार

रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में छात्रों का बेमियादी धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद छात्र-छात्राएं यूनिवर्सिटी गेट पर डटे रहे और प्रशासन से आदेश वापस लेने की मांग की। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी हजारों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी है और समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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Students sit-in protest at Jauhar University gate continues despite rain; Akhilesh calls government move wrong
जाैहर यूनिवर्सिटी गेट पर धरना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में शनिवार से कैंपस के गेट पर शुरू हुआ विद्यार्थियों का बेमियादी धरना दूसरे दिन रविवार की छुट्टी में भी जारी रहा। इस दौरान कई दफा हुई तेज बारिश भी आंदोलनकारियों को नहीं डिगा सकी। इसके चलते आंदोलनकारियों के इर्दगिर्द मुस्तैद किए गए पुलिसकर्मियों को भी बारिश में भीगना पड़ा।

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दूसरे दिन के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थीं, जिनकी जुबां पर सेव यूनिवर्सिटी और सेव एजुकेशन के नारे थे। विद्यार्थी इन्हीं नारों के प्लेकार्ड हाथों में थामे हुए थे। धरने पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के फैसले का विरोध करते हुए अपने भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई के सपनों का केंद्र है। यहां तमाम जगहों से आकर छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना था कि भवनों के ध्वस्तीकरण से सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों का होगा। वर्षों की मेहनत और अभिभावकों की उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालने की अपील की। साथ ही कहा कि सरकार को शिक्षा के मंदिर को बचाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। चेतावनी भरे लहजे में छात्र-छात्राओं ने कहा कि जब तक यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश वापस नहीं लिया जाता या मामले का सकारात्मक समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं और उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि अपनी शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित रखना है। उन्होंने सभी छात्रों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने और प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शिक्षा हित में निर्णय लेने की मांग की। इस आंदोलन में जौहर यूनिवर्सिटी के कुछ पूर्व छात्र-छात्राएं भी शिरकत कर रहे हैं। रविवार रात तक भी सभी धरना स्थल पर डटे थे।

छात्राओं की तादाद देख बढ़ाई महिला पुलिस
रविवार को बारिश के बावजूद विद्यार्थियों का जौहर यूनिवर्सिटी के गेट पर धरना जारी रखने से वहां पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। रामपुर के अजीमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित यूनिवर्सिटी के गेट पर थाने की पुलिस के अलावा ठीकठाक संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद रहीं। उनकी तैनाती धरने में छात्राओं की बढ़ी संख्या को देखते हुए की गई है।

विकास प्राधिकरण से जारी हुआ है ध्वस्तीकरण का आदेश
जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए जाने के आरोप में रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश डीएम एवं आरडीए के वीसी अजय कुमार द्विवेदी ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन का पूरा पक्ष सुनने के बाद 15 जुलाई को दिया था। इसके बाद से यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज है।

छात्रों के सपनों पर बुलडोजर चलाने की कोशिश कर रही है सरकार : अखिलेश
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि सरकार छात्रों के सपने पर बुलडोजर चलाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि भाजपा की सोच को शिक्षा रास नहीं आती, क्योंकि शिक्षित लोग नौकरी और रोजगार मांगते हैं, जबकि नौकरी-भर्ती भाजपा के एजेंडे में नहीं है।

जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं की मुहिम का समर्थन करते हुए लिखा है कि बदले की भावना से काम कर रही भाजपा सरकार यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे। पार्टी का छोटे से छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़ा से बड़ा नेता तथा हजारों विद्यार्थी और उनके मेहनतकश अभिभावक इन युवाओं के साथ हैं। उन्होंने देशभर के लोगों से शिक्षा के मंदिर को बचाने की मुहिम में साथ आने की अपील भी की है।
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