UP: लोकसभा चुनाव से शुरू हुई थी नदवी और आजम परिवार के बीच तल्खी, जौहर विवि में एंट्री न मिलने पर कही ये बात
लोकसभा चुनाव से आजम परिवार और सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के बीच तल्खी शुरू हुई थी। आजम रामपुर सीट से नदवी को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में नहीं थे। अखिलेश यादव को सैफई परिवार से किसी को मैदान में उतारने का सुझाव दिया था।
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सपा नेता आजम खां के सपनों से तामीर हुई जौहर यूनिवर्सिटी में शनिवार को पार्टी के ही सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को यूनिवर्सिटी गेट पर रोक दिए जाने का घटनाक्रम सपा ही नहीं अन्य दलों में भी चर्चा का विषय बन गया। ज्यादातर लोगों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के समय से आजम खां परिवार और नदवी के बीच पैदा हुई तल्खी अभी खत्म नहीं हुई है।
जौहर यूनिवर्सिटी के 28 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद से सांसद नदवी ने इस मुद्दे के जरिये आजम परिवार के करीब आने की पहल की है लेकिन शनिवार की घटना ने साफ कर दिया कि आजम परिवार ने नदवी के प्रति रुख नहीं बदला है।
साल 2024 में लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के समय आजम खां जेल में थे। मुकदमों में अदालत से सजा मिलने के कारण उनके या बेटे के चुनाव लड़ने के रास्ते बंद थे। लिहाजा उस समय उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव को रामपुर की सीट से सैफई परिवार के किसी शख्स को चुनाव मैदान में लाने का सुझाव दिया था।
उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान अखिलेश यादव ने रामपुर जिले के मूल निवासी लेकिन दिल्ली की एक मस्जिद में इमामत करने वाले मौलाना नदवी को रामपुर सीट से सपा प्रत्याशी बना दिया था। इससे न सिर्फ आजम खां और उनका परिवार असंतुष्ट हुआ बल्कि तब रामपुर के कई सपा नेताओं ने नदवी को चुनाव न लड़ाने का एलान भी कर दिया था।
रामपुर के सपा सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी शनिवार को जौहर यूनिवर्सिटी गए, लेकिन उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने गेट पर ही रोक दिया। करीब आधे घंटे गेट पर इंतजार के बाद भी प्रवेश न मिलने पर वह वापस लौट गए। वापसी करने से पहले नदवी ने वहां मौजूद मीडिया के सवालों के जवाब दिए।
सरकार संस्थानों को शख्सियत से न जोड़े। विश्वविद्यालयों को किसी एक शख्सियत से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हमेशा पॉजिटिव सियासत करते हैं। मैं उनका ही पैगाम लेकर आया था। हमारी पार्टी की हमेशा कोशिश रही है और आगे भी रहेगी कि तालीमी इदारों को राजनीति से पूरी तरह दूर रखा जाए।
एक सवाल के जवाब में सांसद ने कहा कि हम बिल्कुल यह नहीं चाहेंगे कि यूनिवर्सिटी का एक प्लास्टर भी गिरे। यह संस्थान लोगों की गाढ़ी कमाई और कड़ी मेहनत से बना है। हम सभी इस इबादतखाने की इज्जत और एहतराम करते हैं।