Rampur: जौहर यूनिवर्सिटी बचाने को सड़क पर उतरे छात्र, अनिश्चितकालीन धरना शुरू, रामपुर से लेकर लखनऊ तक हलचल
जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में शनिवार को छात्रों ने मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। छात्रों ने कहा कि प्रशासनिक विवादों का असर उनकी पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में शनिवार को छात्रों ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने में शामिल छात्र-छात्राओं ने कहा कि भवनों के नक्शे और अन्य प्रशासनिक विवादों की सजा विद्यार्थियों को नहीं मिलनी चाहिए।
सरकार यदि चाहे तो यूनिवर्सिटी को अपने अधीन लेकर उसका संचालन करे, लेकिन हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न किया जाए। जौहर यूनिवर्सिटी को आरडीए की ओर से ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया गया है। इसको लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। आरडीए के नोटिस के बाद छात्रों का गुस्सा भड़क गया है।
शनिवार की शाम को यूनिविर्सिटी के साथ ही अन्य कॉलेजों के तमाम छात्र जौहर यूनिवर्सिटी पहुंच गए,जहां पर उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद छात्रों ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। धरने पर बैठे छात्रों का कहना था कि यूनिवर्सिटी में करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
इनमें बड़ी संख्या ऐसे विद्यार्थियों की है जो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, जबकि कई छात्र-छात्राएं छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। यदि भवनों को ध्वस्त किया गया तो उनकी पढ़ाई बीच में ही रुक जाएगी और उनका भविष्य संकट में पड़ जाएगा। देर शाम तक धरना जारी था। छात्रों का कहना था कि उनकी मांगो को पूरा किया जाए।
धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने कहा कि यूनिवर्सिटी बनने के बाद क्षेत्र में शिक्षा का स्तर विशेष रूप से छात्राओं के बीच बढ़ा है। बड़ी संख्या में बेटियां अब उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और अपने परिवार तथा क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। छात्रों का कहना था कि यदि यूनिवर्सिटी बंद होती है तो इसका सबसे अधिक असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा।
छात्रों ने सरकार से मांग की कि प्रशासनिक और कानूनी विवाद का समाधान विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाए। यदि भवनों के नक्शे या अन्य औपचारिकताओं में कोई कमी है तो उसका समाधान निकाला जाए, लेकिन संस्थान को नष्ट न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। धरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई।
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