2019: औसतन हर ढाई दिन में आजम और परिवार पर दर्ज हुआ मुकदमा, जल्द पूरा हो जाएगा शतक
सीतापुर की जेल में पत्नी और बेटे के साथ बंद सांसद आजम खां के लिए 2019 का साल बहुत अच्छा नहीं रहा। आजम खां के खिलाफ अब तक 91 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें से 70 मुकदमे 2019 में दर्ज हुए हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा के खिलाफ 34 और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम के खिलाफ 44 मुकदमे भी 2019 में दर्ज हुए हैं।
वर्ष 2019 में औसतन हर ढाई दिन में आजम खां या उनके परिवार के सदस्य पर एक मुकदमा दर्ज हुआ है। आजम और उनके परिवार पर 2019 में 148 मुकदमे दर्ज हुए हैं।
सांसद आजम खां सक्रिय राजनीति में पिछले 43 साल से हैं। उनके खिलाफ कई मुकदमे भी दर्ज हुए थे।
2017 तक उनके खिलाफ 21 मुकदमे दर्ज थे। इनमें से 9 मुकदमों को सपा की पिछली सरकार में वापस ले लिया गया था। छह मुकदमों में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट और छह में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। आजम खां के खिलाफ सबसे अधिक 70 मुकदमे 2019 में दर्ज हुए हैं।
2019 में आजम खां के खिलाफ आलियागंज के किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में 28, आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में 20 और यतीमखाना के लोगों के घर उजाड़ने के आरोप में 10 मुकदमे दर्ज हुए।
इसके अलावा शत्रु संपत्ति की जमीन कब्जाने, सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा करने, अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के साथ मारपीट और धमकी देने के आरोप में भी अलग-अलग थानों में कई मुकदमे 2019 में दर्ज हुए। 2019 में ही पुलिस ने आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा के खिलाफ 34 और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम के खिलाफ 44 मुकदमे दर्ज किए।
इस तरह से आजम खां के खिलाफ अब तक जो 91 मुकदमे हैं, उसमें नौ सरकार वापस ले चुकी, सात में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है, एक मुकदमे में नामजदगी झूठी पाई गई और 73 मुकदमों में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी है। आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों में सिर्फ एक में विवेचना अभी जारी है।
डॉ. तजीन फात्मा के खिलाफ दर्ज 34 मुकदमों में से सभी में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी है। अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दर्ज 44 मुकदमों में से दो में उनकी नामजदगी झूठी पाई गई है, 41 में पुलिस चार्जशीट दाखिल कर दी गई और एक मुकदमे में अभी विवेचना जारी है।
पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों से अधिकांश में उनकी जमानत हो चुकी है। सिर्फ दो मुकदमों में जमानत बाकी है। इसी तरह से डॉ. तजीन फात्मा की दो मुकदमों और अब्दुल्ला की तीन मुकदमों में जमानत नहीं हुई है।
जल्द पूरा हो जाएगा आजम के मुकदमों का शतक
पुलिस ने आजम खां का नाम गंज थाने में दर्ज 11 मुकदमों की विवेचना के दौरान शामिल कर लिया है। आरोप है कि आजम खां के कहने पर आरोपियों ने डूंगरपुर के लोगों के घरों को उजाड़ा था। पुलिस ने इन मुकदमों में आजम खां को आईपीसी की धारा 120-बी (षडयंत्र रचने) का आरोपी बनाया है। एसपी शगुन गौतम का कहना है कि इन मुकदमों में चार्जशीट दाखिल होते ही आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या 102 हो जाएगी।
जयाप्रदा पर अशोभनीय टिप्पणी के मुकदमे में जारी है विवेचना
एसपी शगुन गौतम का कहना है कि आजम खां ने भाजपा की प्रत्याशी और पूर्व सांसद जयाप्रदा के खिलाफ जो टिप्पणी की थी, उसकी सीडी जांच को भेजी गई है। जांच की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
2019 में ही अब्दुल्ला की विधायकी रद्द करने का फैसला आया
रामपुर सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम 2017 के विधानसभा चुनाव में स्वार से निर्वाचित हुए थे। नामांकन के वक्त उनकी उम्र को कम बताते हुए बसपा के प्रत्याशी नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने उनके निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को अब्दुल्ला की विधायकी रद्द कर दी थी। हालांकि अब्दुल्ला ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जो अभी विचाराधीन है।