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UP: मुरादाबाद की 73 औद्योगिक इकाइयों पर लटकी तलवार, पर्यावरण संरक्षण मानकों का पालन नहीं, स्वास्थ्य पर भी असर
देव शर्मा, अमर उजाला मुरादाबाद
Published by: Vimal Sharma
Updated Fri, 27 Mar 2026 07:06 PM IST
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सार
मुरादाबाद के 73 औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इनके बंदी की संस्तुति की है। इसके बाद से इनके संचालकों पर हड़कंप मचा हुआ है।
उद्योगिक उत्पादन
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुरादाबाद के आवासीय क्षेत्र में मौजूद 73 औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इन्हें पर्यावरण मानकों के विपरीत बताते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने मुख्यालय रिपोर्ट भेजी है। साथ ही इन्हें बंद करने की संस्तुति की है। इनसे प्रदूषण बढ़ने और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का हवाला देते हुए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को भी कार्रवाई के लिए लिखा है।
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कार्रवाई के दायरे में आ रहे उद्योगों में पीतल गलाने वाली भट्ठियां, ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) प्रोसेसिंग से जुड़ी इकाइयां ज्यादा हैं। पानी की तीन इकाइयां (वाटर यूनिट) भी हैं। इन सबको पर्यावरण संरक्षण के मानकों पर फेल माना गया है। साथ ही इन कॉमर्शियल गतिविधियों का आवासीय क्षेत्र में संचालन भी एक मुद्दा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डीके गुप्ता ने बताया कि ये औद्योगिक इकाइयां घनी आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। ये पर्यावरण मानकों का उल्लंघन कर प्रदूषण फैला रही हैं। इन्हें बिना वैध अनुमति के संचालित किया जा रहा है। इनसे आसपास रहने वालों की सेहत सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। किसी भी इकाई संचालक ने न तो कोई दस्तावेज दिखाए और न ही स्पष्टीकरण दिया। कुछ के मिले जवाब संतोषजनक नहीं थे। इसलिए अब इन्हें बंद कराने की संस्तुति के साथ मुख्यालय रिपोर्ट भेजी है।
उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने पर सवाल उठाते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से एमडीए को भी लिखा गया है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि प्राधिकरण को भी इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।