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अधिवक्ता समीर हत्याकांड: साढ़े पांच साल बाद हत्या में चार आरोपियों पर दोष सिद्ध, सज़ा पर होगी सुनवाई

न्यूज़ नेटवर्क, अमर उजाला, मुज़फ्फरनगर Published by: Pratyush Sharma Updated Sat, 04 Apr 2026 10:00 PM IST
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सार

मुजफ्फरनगर की शहर कोतवाली क्षेत्र के अधिवक्ता समीर सैफी (28) की अपहरण के बाद हत्या के मामले में चारों आरोपियों पर दोष सिद्ध हो गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने सुनवाई की। सजा के प्रश्न पर सोमवार को सुनवाई होगी।

Advocate Sameer Murder Case: Four Accused Convicted of Murder After Five and Half Years
अधिवक्ता समीर की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मुज़फ्फरनगर के लद्दावाला से 15 अक्तूबर 2019 की शाम संदिग्ध हालात में अधिवक्ता समीर सैफी गायब हो गए थे। इसके बाद 19 अक्तूबर को भोपा रोड पर पर पेट्रोल पंप के पास शव बरामद हुआ था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि लेन-देन के विवाद में अधिवक्ता का अपहरण कर हत्या की वारदात अंजाम दी गई थी। वादी अजहर ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने बकरा मार्केट निवासी सोनू उर्फ रिजवान, सिंगोल अल्वी, शालू उर्फ अरबाज एवं भोपा के सीकरी निवासी दिनेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह अदालत में पेश किए। शनिवार को अदालत में सुनवाई के बाद आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए छह अप्रैल नियत की गई।

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Advocate Sameer Murder Case: Four Accused Convicted of Murder After Five and Half Years
पुलिस बोर्ड (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

क्या था मामला

पुलिस ने खुलासा किया था कि समीर का आरोपियों के साथ करीब 40 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब था। मृतक अपने रुपये मांग रहा था लेकिन आरोपियों ने देने से मना कर दिया और हत्या की साजिया रची। शहर से कार में ले जाकर भोपा क्षेत्र के सीकरी फार्म पर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को मिट्टी में दबा दिया।


वारदात के दिन हुआ था चैंबर का उद्घाटन

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया गया है कि मृतक मोहम्मद समीर एडवोकेट नही था, क्योंकि वह निजी व्यापार भी करता था। इस पर अभियोजन की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि यह बात सही है कि समीर एडवोकेट पूर्व में निजी व्यापार भी करता था और नया-नया बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन कराकर अधिवक्ता नियुक्त हुआ था। अजहर ने अपने मुख्य बयान में कथन किया है कि घटना के दिन ही समीर ने कचहरी में अपने चैंबर का उद्घाटन किया।

मुजफ्फरनगर की शहर कोतवाली क्षेत्र के अधिवक्ता समीर सैफी (28) की अपहरण के बाद हत्या के मामले में चारों आरोपियों पर दोष सिद्ध हो गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने सुनवाई की। सजा के प्रश्न पर सोमवार को सुनवाई होगी।
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