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यूपी बोर्ड: ऑनलाइन लगेगी 9वीं से 12वीं तक की हाजिरी, ये होगी प्रक्रिया; 8वीं तक के बच्चों के लिया आया ये आदेश
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Mon, 06 Apr 2026 05:04 PM IST
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सार
Saharanpur News: माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में कई बदलाव किए हैं। ऑनलाइन हाजिरी के साथ ही आदेश दिया है कि आठवीं तक के बच्चों की निशुल्क शिक्षा का नियम सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश दिया है।
यूपी बोर्ड। सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों की हाजिरी ऑनलाइन लगेगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही आठवीं तक के बच्चों की शिक्षा निशुल्क होना सुनिश्चित किया जाएगा।
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सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों के लिए जारी आदेश में कहा गया है कि प्रवेश के बाद छात्र-छात्राओं का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इससे उनका नाम उपस्थिति पोर्टल पर प्रदर्शित होगा, जिससे उनकी नियमित ऑनलाइन उपस्थिति अंकित की जा सकेगी। निर्देश दिए गए हैं कि एक अप्रैल से ही सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तरकार्मिकों की ऑनलाइन उपस्थिति परिषद के पोर्टल/एप पर दर्ज की जाए। एक अप्रैल से छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में कोई भी लापरवाही न बरती जाए। परिषद के आदेश के अनुपालन में जनपद स्तर पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
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सख्ती से लागू हो निशुल्क शिक्षा का नियम
राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आठवीं तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है। सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में इस कानून का सख्ती से पालन कराएं। कहीं भी किसी तरह का शुल्क न लिया जाए।
राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आठवीं तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है। सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में इस कानून का सख्ती से पालन कराएं। कहीं भी किसी तरह का शुल्क न लिया जाए।
विद्यालयों में सुविधाएं दी जाएं
परिषद ने माना है कि राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में सुविधाएं कम होने की वजह से अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश कराने से कतराते हैं। ऐसे में राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा, परिसरों की सफाई, अनुशासन, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, खेल कूद और अन्य गतिविधियों पर ध्यान दिया जाए।
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परिषद ने माना है कि राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में सुविधाएं कम होने की वजह से अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश कराने से कतराते हैं। ऐसे में राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा, परिसरों की सफाई, अनुशासन, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, खेल कूद और अन्य गतिविधियों पर ध्यान दिया जाए।
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