कानपुर किडनी रैकेट: गिरोह के लिए गाड़ियां बुक करता था मेरठ का अंकित, गाजियाबाद का परवेज ले जाता था अस्पताल
कानपुर में सामने आए किडनी रैकेट मामले में मेरठ और गाजियाबाद कनेक्शन उजागर हुआ है। जांच में पता चला है कि मेरठ का अंकित गिरोह के लिए गाड़ियां बुक करता था, जबकि परवेज सैफी आरोपियों को अस्पताल तक लाता था।
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कानपुर में सामने आए किडनी रैकेट मामले की जांच में मेरठ और गाजियाबाद कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि मेरठ निवासी अंकित गिरोह के लिए गाड़ियों की बुकिंग करता था, जबकि गाजियाबाद का शातिर परवेज सैफी आरोपियों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल तक पहुंचाने का काम करता था।
पुलिस जांच के अनुसार परवेज सैफी आरोपियों के आने-जाने के लिए गाड़ियां उपलब्ध कराता था। बताया गया है कि 31 मार्च को भी वही आरोपियों को ट्रांसप्लांट के लिए आहूजा हॉस्पिटल लेकर आया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक परवेज सैफी पहले भी गाजियाबाद में लूट और डकैती के मामलों में जेल जा चुका है।
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जांच में यह भी सामने आया है कि मेरठ निवासी अंकित इस पूरे नेटवर्क के लिए अलग-अलग नामों से वाहन बुक करता था। वह डॉ. रोहित, वैभव मुद्गल, डॉ. अफजल, डॉ. मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली और डॉ. अनुराग समेत गिरोह के अन्य सदस्यों के लिए गाड़ियों की व्यवस्था करता था। अलग-अलग नामों से गाड़ी बुक कराने की वजह से गिरोह की गतिविधियां गुप्त बनी रहती थीं और उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि परवेज सैफी डॉ. रोहित की टीम को तीन बार मेरठ से कानपुर लेकर आया था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
एंबुलेंस चालक ने डॉक्टर बनकर की थी जांच
इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आठवीं पास एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल ने खुद को डॉक्टर बताकर दक्षिण अफ्रीका की एक महिला मरीज की स्वास्थ्य जांच की थी। पुलिस को शिवम के मोबाइल फोन से एक फोटो भी मिली है, जिसमें वह महिला की जांच करता दिखाई दे रहा है।
पुलिस ने इस मामले में आहूजा हॉस्पिटल के मालिक सुरजीत सिंह आहूजा और उनकी पत्नी प्रीति आहूजा के साथ-साथ दलाल एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल और तीन अन्य अस्पताल संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे किडनी रैकेट नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।