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Muzaffarnagar News: कैंसर पीड़ित को नहीं मिल रहा आयुष्मान का आशीर्वाद
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मुजफ्फरनगर। वहलना निवासी मजदूर बबलू (35) को तीन साल से ब्लड कैंसर से पीड़ित है। आयुष्मान कार्ड बनवाकर उपचार शुरू कराया। करीब छह माह पहले वह उपचार के लिए एम्स गया लेकिन उसको उपचार देने से यह कहकर मना कर दिया गया कि उसका अंत्योदय कार्ड निरस्त हो चुका है।
जांच में पता चला कि रंजिश के चलते एक व्यक्ति की शिकायत पर उसका कार्ड कैंसिल किया गया था। चार महीने की जद्दोजहद के बाद दोबारा अंत्योदय कार्ड बनाया गया। इसके उपरांत नए आयुष्मान कार्ड से उपचार शुरू हुआ लेकिन एक माह के उपचार के बाद उसे एम्स ऋषिकेश से यह कहकर वापस लौटा दिया गया कि उसके आयुष्मान कार्ड पर भुगतान नहीं हो पा रहा।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के जिला कोऑर्डिनेटर डॉ.आकाश त्यागी का कहना है कि जनपद स्तर से कोई समस्या नहीं है। एम्स ऋषिकेश से यह कहकर उपचार देने से इन्कार किया गया कि उपचार के सापेक्ष भुगतान नहीं हो पा रहा।
उपचार के लिए बेचनी पड़ गई भैंस
बबलू ने बताया कि पूर्व में चार माह तक आयुष्मान कार्ड से उसका उपचार नहीं हो सका। इसलिए उपचार पर खर्च के लिए उसे उसकी दुधारू भैंस 50 हजार रुपये में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के जिला कोऑर्डिनेटर डॉ.आकाश त्यागी का कहना है कि जनपद स्तर से कोई समस्या नहीं है। एम्स ऋषिकेश से यह कहकर उपचार देने से इन्कार किया गया कि उपचार के सापेक्ष भुगतान नहीं हो पा रहा।
उपचार के लिए बेचनी पड़ गई भैंस
बबलू ने बताया कि पूर्व में चार माह तक आयुष्मान कार्ड से उसका उपचार नहीं हो सका। इसलिए उपचार पर खर्च के लिए उसे उसकी दुधारू भैंस 50 हजार रुपये में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
