{"_id":"69adc89b2fa6c7576d0a1b9a","slug":"imported-waste-paper-becomes-expensive-finish-paper-price-increased-by-rs-2-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1005-166627-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: इंपोर्टेड वेस्ट पेपर महंगा, दो रुपये बढ़ाए गए फिनिश पेपर के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: इंपोर्टेड वेस्ट पेपर महंगा, दो रुपये बढ़ाए गए फिनिश पेपर के दाम
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। ईरान-इस्राइल युद्ध से समुद्री मार्गों में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। जबकि युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत (कंटेनर सरचार्ज) में भी वृद्धि हुई है। इसका दुष्प्रभाव खाड़ी देशों से आने वाले वेस्ट पेपर के दामों पर पड़ा है। कच्चा माल महंगा होने पर यूपी पेपर मिल एसोसिएशन की ओर से भी फिनिश पेपर के दाम दो रुपये प्रति किलो बढ़ाने की घोषणा की गई है।
पश्चिम एशिया में तनाव का प्रभाव स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। जबकि प्लास्टिक दाना भी महंगा हो चुका है।
खाड़ी देशों से माल की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हुई है। जनपद में 33 पेपर मिल संचालित होती हैं। कच्चे माल के लिए अधिकतर पेपर मिल खाड़ी देशों से आने वाले इंपोर्टेड वेस्ट पेपर पर निर्भर हैं। वेस्ट पेपर आयात पर खर्च बढ़ने के कारण तैयार माल महंगा होना शुरू हो गया है।
फिनिश पेपर का दाम दो रुपये किलो बढ़ाने की घोषणा : पंकज
यूपी पेपर मिल एसोसिएशन अध्यक्ष एवं पूर्व अध्यक्ष पंकज अग्रवाल का कहना है कि युद्ध के चलते खाड़ी देशों से इंपोर्टेड वेस्ट पेपर नहीं आ पा रहा। शिपिंग चार्ज बढ़ने की भी जानकारी मिल रही है। जबकि पैकिंग में काम आने वाली पन्नी और प्लास्टिक एवं इंपोर्टेड कोयले के दाम बढ़ने के चलते तैयार पेपर की कॉस्ट अधिक आ रही है। जिसके चलते एसोसिएशन की ओर से फिनिश पेपर का दाम दो रुपये प्रति किलो बढ़ाने की घोषणा की गई है।
लागत महंगी होने के कारण बढ़ेगा उत्पाद का दाम : मयंक
बिंदल पेपर मिल के निदेशक मयंक बिंदल का कहना है कि कंटेनर शिपिंग कंपनियों द्वारा वॉर सरचार्ज लगाए जाने से फ्रेट चार्ज में बढ़ोतरी हो रही है। कच्चे माल (वेस्ट पेपर) की लागत बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही पेपर की दर बढ़ने वाली है। ऊर्जा की बढ़ती लागत और कच्चे माल की कमी के कारण पेपर मिलों का संचालन महंगा हो गया है। इन सारे हालात का प्रभाव स्थानीय पेपर मिल संचालकों पर भी पड़ना शुरू हो गया है।
फिनिश पेपर महंगा होने से गहराया संकट : पवन
आईआईए के डिविजनल सचिव एवं कोन पेपर उत्पाद से जुड़े पवन गोयल का कहना है कि बाजार में फिनिश पेपर अथवा पेपर बोर्ड के दाम दो रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। फिनिश पेपर का उपयोग कोन और बॉक्स बनाने में होता है। कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी का प्रभाव बाजार पर पड़ना शुरू हो गया है।
Trending Videos
पश्चिम एशिया में तनाव का प्रभाव स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। जबकि प्लास्टिक दाना भी महंगा हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खाड़ी देशों से माल की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हुई है। जनपद में 33 पेपर मिल संचालित होती हैं। कच्चे माल के लिए अधिकतर पेपर मिल खाड़ी देशों से आने वाले इंपोर्टेड वेस्ट पेपर पर निर्भर हैं। वेस्ट पेपर आयात पर खर्च बढ़ने के कारण तैयार माल महंगा होना शुरू हो गया है।
फिनिश पेपर का दाम दो रुपये किलो बढ़ाने की घोषणा : पंकज
यूपी पेपर मिल एसोसिएशन अध्यक्ष एवं पूर्व अध्यक्ष पंकज अग्रवाल का कहना है कि युद्ध के चलते खाड़ी देशों से इंपोर्टेड वेस्ट पेपर नहीं आ पा रहा। शिपिंग चार्ज बढ़ने की भी जानकारी मिल रही है। जबकि पैकिंग में काम आने वाली पन्नी और प्लास्टिक एवं इंपोर्टेड कोयले के दाम बढ़ने के चलते तैयार पेपर की कॉस्ट अधिक आ रही है। जिसके चलते एसोसिएशन की ओर से फिनिश पेपर का दाम दो रुपये प्रति किलो बढ़ाने की घोषणा की गई है।
लागत महंगी होने के कारण बढ़ेगा उत्पाद का दाम : मयंक
बिंदल पेपर मिल के निदेशक मयंक बिंदल का कहना है कि कंटेनर शिपिंग कंपनियों द्वारा वॉर सरचार्ज लगाए जाने से फ्रेट चार्ज में बढ़ोतरी हो रही है। कच्चे माल (वेस्ट पेपर) की लागत बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही पेपर की दर बढ़ने वाली है। ऊर्जा की बढ़ती लागत और कच्चे माल की कमी के कारण पेपर मिलों का संचालन महंगा हो गया है। इन सारे हालात का प्रभाव स्थानीय पेपर मिल संचालकों पर भी पड़ना शुरू हो गया है।
फिनिश पेपर महंगा होने से गहराया संकट : पवन
आईआईए के डिविजनल सचिव एवं कोन पेपर उत्पाद से जुड़े पवन गोयल का कहना है कि बाजार में फिनिश पेपर अथवा पेपर बोर्ड के दाम दो रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। फिनिश पेपर का उपयोग कोन और बॉक्स बनाने में होता है। कच्चे माल के दामों में बढ़ोतरी का प्रभाव बाजार पर पड़ना शुरू हो गया है।
