मेरठ सेंट्रल मार्केट विवाद: सेक्टर-2 में लगे पलायन के पोस्टर, 859 अवैध निर्माण गिराने का है 'सुप्रीम' आदेश
मेरठ के सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर सेक्टर-2 में लोगों ने पलायन के पोस्टर लगा दिए हैं। निवासियों का कहना है कि छोटे घरों में सेटबैक प्रक्रिया लागू होने से उनका बाथरूम या ड्राइंग रूम खत्म हो सकता है, जिससे रहने का संकट खड़ा हो जाएगा।
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मेरठ सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर अब सेक्टर-2 में रहने वाले लोगों का दर्द खुलकर सामने आने लगा है। क्षेत्र के कई स्थानों पर स्थानीय निवासियों ने अपने घरों और दीवारों पर पलायन के पोस्टर लगा दिए हैं, जिससे इलाके में हलचल मच गई है।
निवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा प्रस्तावित सेटबैक प्रक्रिया उनके लिए बड़ी समस्या बन सकती है। उनका कहना है कि सेक्टर-2 में अधिकांश मकान छोटे-छोटे हैं और ऐसे में सेटबैक नियम लागू करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार यदि सेटबैक लागू किया गया तो किसी का बाथरूम तो किसी का ड्राइंग रूम खत्म हो जाएगा। इससे घर रहने लायक नहीं रहेंगे और लोगों को मजबूरन अपने घर छोड़ने पड़ सकते हैं।
लोगों ने सवाल उठाया कि अगर मकानों का हिस्सा टूटेगा तो वे आखिर रहेंगे कहां। उनका कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से अपने छोटे-छोटे घर बनाए हैं और अब उन पर संकट खड़ा हो गया है।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समाधान निकाला जाए, ताकि आम लोगों को अपने ही घरों से बेघर होने की नौबत न आए। फिलहाल क्षेत्र में लगे पलायन के पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं और लोग इस मुद्दे को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।