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Muzaffarnagar News: सिंथेटिक ट्रैक पर रार, विरोध में खिलाड़ी...अब क्रिकेट मैच नहीं
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कलेक्ट्रेट में डीएम उमेश मिश्रा से मिलते क्रिकेट खिलाड़ी : स्रोत वीडियो ग्रेब
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मुजफ्फरनगर। चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलो इंडिया योजना से सिंथेटिक ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो गया है। निर्माण शुरू होते ही क्रिकेट खिलाड़ी विरोध में उतर आए। तीन दशक बाद अब क्रिकेट के मुकाबले नहीं होंगे। क्रिकेट खिलाड़ियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम उमेश मिश्रा से मुलाकात की। एक तरफ ट्रैक से अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स सुविधाएं मिलेगी, दूसरी तरफ क्रिकेट खिलाड़ियों का कहना है कि उनका मैदान छिन जाएगा।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के प्रस्ताव पर पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सिंथेटिक ट्रैक बिछवाने का आश्वासन दिया था। प्रभारी क्रीड़ाधिकारी भूपेंद्र यादव ने बताया कि ट्रैक के लिए 12.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पहली किस्त के तौर पर तीन करोड़ 70 लाख रुपये जारी किए गए।
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने बृहस्पतिवार को स्टेडियम में पहुंचकर कार्य शुरू कर दिया। पेवेलियान के हिस्से में ट्रैक के लिए खोदाई भी शुरू कर दी गई।
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उधर, निर्माण की जानकारी मिलते ही क्रिकेट खिलाड़ी और कोच स्टेडियम में एकत्र हुए। इसके बाद इकट्ठे होकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। डीएम उमेश मिश्रा से निर्माण रुकवाने की मांग रखी। खिलाड़ी विवेक कुमार, अंकुर कुमार, ध्रुवित ने कहा कि उनके भविष्य का क्या होगा।
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400 मीटर के ट्रैक पर बनेगी आठ लेन
सिंथेटिक ट्रैक 400 मीटर का बनेगा और इस पर आठ लेन बनाई जाएगी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार स्थानीय एथलीटों को सुविधा मिलेगी। मिशन ओलंपिक के तहत सुविधा दी गई है। रनिंग इवेंट्स में स्प्रिंट, 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और 1500 मीटर की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा बाधा दौड़, रिले रेस, स्टीपलचेज, लंबी कूद, ऊंची कूद, ट्रिपल जंप, पोल वॉल्ट, गोला फेंक, चक्का फेंक, हैमर थ्रो समेत अन्य खेलों को बढ़ावा दिए जाने की तैयारी है।
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क्रिकेट का सिर्फ अभ्यास, मैच नहीं होंगे
स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बन जाने से यहां पर क्रिकेट के मुकाबले नहीं हो सकेंगे। प्रभारी क्रीडाधिकारी भूपेंद्र यादव ने बताया कि खिलाड़ियों के अभ्यास पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रैक्टिस नेट बरकरार रहेंगे लेकिन क्रिकेट के मुकाबले स्टेडियम में नहीं होंगे। शासन की योजना के अनुसार ही प्रशासन की ओर से यहां निर्माण कराया जा रहा है।
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ढाई दशक में क्रिकेट हुए बड़े मुकाबले
मुजफ्फरनगर। पिछले ढाई दशक में चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम उपलब्धियों का गवाह रहा है। वर्ष 2002 में भारत-श्रीलंका की महिला टीमों के बीच अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हुआ। इसके बाद जिले से निकली महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर लोहा मनवाया। साल 2009 से 2021 तक बीसीसीआई के विभिन्न आयु वर्गों के मुकाबले यहां हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जिले के क्रिकेट खिलाड़ियों ने पहचान बनाई है। ब्यूरो
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एमसीए ने लिखी चिट्ठी, क्रिकेट को बचाना होगा
मुजफ्फरनगर क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव मनोज पुंडीर ने बताया कि डीएम उमेश मिश्रा को पत्र दिया गया है। क्रिकेट को बचाने के लिए पहल करनी होगी। जरूरत पड़ी तो जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की जाएगी। यहां 150 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं, उनके भविष्य का क्या होगा। एसोसिएशन की ओर से जल्द बैठक बुलाकर निर्णय लिया जाएगा।
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पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के प्रस्ताव पर पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सिंथेटिक ट्रैक बिछवाने का आश्वासन दिया था। प्रभारी क्रीड़ाधिकारी भूपेंद्र यादव ने बताया कि ट्रैक के लिए 12.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पहली किस्त के तौर पर तीन करोड़ 70 लाख रुपये जारी किए गए।
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उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने बृहस्पतिवार को स्टेडियम में पहुंचकर कार्य शुरू कर दिया। पेवेलियान के हिस्से में ट्रैक के लिए खोदाई भी शुरू कर दी गई।
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उधर, निर्माण की जानकारी मिलते ही क्रिकेट खिलाड़ी और कोच स्टेडियम में एकत्र हुए। इसके बाद इकट्ठे होकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। डीएम उमेश मिश्रा से निर्माण रुकवाने की मांग रखी। खिलाड़ी विवेक कुमार, अंकुर कुमार, ध्रुवित ने कहा कि उनके भविष्य का क्या होगा।
400 मीटर के ट्रैक पर बनेगी आठ लेन
सिंथेटिक ट्रैक 400 मीटर का बनेगा और इस पर आठ लेन बनाई जाएगी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार स्थानीय एथलीटों को सुविधा मिलेगी। मिशन ओलंपिक के तहत सुविधा दी गई है। रनिंग इवेंट्स में स्प्रिंट, 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और 1500 मीटर की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा बाधा दौड़, रिले रेस, स्टीपलचेज, लंबी कूद, ऊंची कूद, ट्रिपल जंप, पोल वॉल्ट, गोला फेंक, चक्का फेंक, हैमर थ्रो समेत अन्य खेलों को बढ़ावा दिए जाने की तैयारी है।
क्रिकेट का सिर्फ अभ्यास, मैच नहीं होंगे
स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बन जाने से यहां पर क्रिकेट के मुकाबले नहीं हो सकेंगे। प्रभारी क्रीडाधिकारी भूपेंद्र यादव ने बताया कि खिलाड़ियों के अभ्यास पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रैक्टिस नेट बरकरार रहेंगे लेकिन क्रिकेट के मुकाबले स्टेडियम में नहीं होंगे। शासन की योजना के अनुसार ही प्रशासन की ओर से यहां निर्माण कराया जा रहा है।
ढाई दशक में क्रिकेट हुए बड़े मुकाबले
मुजफ्फरनगर। पिछले ढाई दशक में चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम उपलब्धियों का गवाह रहा है। वर्ष 2002 में भारत-श्रीलंका की महिला टीमों के बीच अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हुआ। इसके बाद जिले से निकली महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर लोहा मनवाया। साल 2009 से 2021 तक बीसीसीआई के विभिन्न आयु वर्गों के मुकाबले यहां हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जिले के क्रिकेट खिलाड़ियों ने पहचान बनाई है। ब्यूरो
एमसीए ने लिखी चिट्ठी, क्रिकेट को बचाना होगा
मुजफ्फरनगर क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव मनोज पुंडीर ने बताया कि डीएम उमेश मिश्रा को पत्र दिया गया है। क्रिकेट को बचाने के लिए पहल करनी होगी। जरूरत पड़ी तो जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की जाएगी। यहां 150 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं, उनके भविष्य का क्या होगा। एसोसिएशन की ओर से जल्द बैठक बुलाकर निर्णय लिया जाएगा।

कलेक्ट्रेट में डीएम उमेश मिश्रा से मिलते क्रिकेट खिलाड़ी : स्रोत वीडियो ग्रेब