{"_id":"698ef992d5dc9ad7690d5d4c","slug":"muzaffarnagar-cyber-crime-under-the-guise-of-tailor-work-fraud-of-rs-85-crore-links-with-tamil-nadu-2026-02-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar: दर्जी के काम की आड़ में साइबर क्राइम, 85 करोड़ की ठगी, तमिलनाडु के गिरोह से जुड़े तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar: दर्जी के काम की आड़ में साइबर क्राइम, 85 करोड़ की ठगी, तमिलनाडु के गिरोह से जुड़े तार
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Fri, 13 Feb 2026 03:44 PM IST
विज्ञापन
सार
गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल पर शिकायत की गई थी। पुलिस ने मुजफ्फरनगर के टेलर नदीम व गुफरान और सुजडू गांव के मयूर अफजल राना को पकड़ा है। इनके खातों में 60 लाख का लेन-देन फिलहाल सामने आया है।
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
तमिलनाडु के साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामले में पुलिस ने कुटेसरा गांव के टेलर नदीम व गुफरान और सुजडू गांव के मयूर अफजल राना को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खातों से 60 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। जबकि गिरोह के खिलाफ 70 शिकायतों में 85 करोड़ की साइबर ठगी जांच में सामने आई।
Trending Videos
एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन में बताया कि तमिलनाडु में किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर 4.5 करोड़ रुपये ठगने की गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल पर की गई थी। जांच में चरथावल क्षेत्र के कुटेसरा गांव निवासी पांचवीं पास टेलर गुफरान और नदीम की भूमिका संदिग्ध मिली। उनके खातों में अलग-अलग जगह से ठगी के रुपये आते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले के तार सुजड़ू के मयूर अफजल राना से जुड़े मिले। पिछले डेढ़ साल से नदीम विभिन्न लोगों के खातों में रुपये मंगवाकार सुजड़ू निवासी मयूर अफजल राना को नकद देता था। सउदी अरब से लौटने के बाद गिराह में गुफरान भी जुड़ गया। खातों से मिलने वाले रुपयों को राना यूएसडीटी (यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर टेथर) में बदलवाता था। दोनों आरोपियों को उनका कमीशन और अपना हिस्सा रखकर राना बाकी रुपये साइबर ठगों को भेजता था। आरोपियों ने परिजनों और परिचितों के नाम पर कई बैंक खाते खुलवा रखे थे। ठगी में प्रयुक्त किए गए दो मोबाइल, बैंक की चेक बुक और एक डायरी बरामद हुई।
सऊदी अरब में सीख लिया ठगी का खेल
कुटेसरा निवासी गुफरान लंबे समय तक सऊदी अरब में रहकर करीब छह महीने पहले लौट आया। यहां पर वह गांव के ही नदीम के साथ सिलाई का काम करने लगा। सउदी अरब में साइबर ठगी सीखी। वह साइबर ठगों को खाते उपलब्ध कराता था। खाते पांच से दस प्रतिशत के कमीशन पर दिए थे। कई बार फ्रॉड के रुपये आने पर उनके खाते फ्रीज हो गए थे लेकिन वह अलग-अलग लोगों के नाम पर खाते खुलवाते रहे और ठगी का खेल जारी रहा।
कुटेसरा निवासी गुफरान लंबे समय तक सऊदी अरब में रहकर करीब छह महीने पहले लौट आया। यहां पर वह गांव के ही नदीम के साथ सिलाई का काम करने लगा। सउदी अरब में साइबर ठगी सीखी। वह साइबर ठगों को खाते उपलब्ध कराता था। खाते पांच से दस प्रतिशत के कमीशन पर दिए थे। कई बार फ्रॉड के रुपये आने पर उनके खाते फ्रीज हो गए थे लेकिन वह अलग-अलग लोगों के नाम पर खाते खुलवाते रहे और ठगी का खेल जारी रहा।
मयूर अफजाल राना के जरिये ठगों की तलाश
तमिलनाडु के साइबर ठगों से जुड़े मयूर अफजाल राना से पुलिस ने पूछताछ की। वही ठगों तक रकम भेजता था। आरोपी की जरिये यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में कितने लोग हैं और किन-किन राज्यों में सदस्य हैं।
तमिलनाडु के साइबर ठगों से जुड़े मयूर अफजाल राना से पुलिस ने पूछताछ की। वही ठगों तक रकम भेजता था। आरोपी की जरिये यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह में कितने लोग हैं और किन-किन राज्यों में सदस्य हैं।
बैंक खाते वालों की दिनभर करते थे तलाश
आरोपियों की जेब में लाखों रुपये आने शुरू हुए तो वह दिनभर भोले-भाले लोगों को झांसे में लेने का काम करने लगे। पहले अपने खाते खुलवाए गए, इसके बाद परिजनों के भी बैंक खातों में रुपये मंगाए। शिकायतों पर खाते फ्रीज हुए तो इसके बाद परिचितों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाने का खेल चलता रहा।
आरोपियों की जेब में लाखों रुपये आने शुरू हुए तो वह दिनभर भोले-भाले लोगों को झांसे में लेने का काम करने लगे। पहले अपने खाते खुलवाए गए, इसके बाद परिजनों के भी बैंक खातों में रुपये मंगाए। शिकायतों पर खाते फ्रीज हुए तो इसके बाद परिचितों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाने का खेल चलता रहा।
