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Muzaffarnagar: भभीसा के पवन की हत्या में चार दोषी, 13 अगस्त को फैसला; घर में घुसकर मारी थीं गोलियां

Fri, 07 Aug 2026 11:34 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: Mohd Mustakim Updated Fri, 07 Aug 2026 11:34 AM IST
सार

शामली के गांव भभीसा में रंजिश के चलते 12 साल पहले पवन की हत्या की गई थी, जबकि उसके भाई को भी गोली मारकर घायल कर दिया था। इस मामले का मुख्य आरोपी विपुल खूनी पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। 

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Muzaffarnagar: Four convicted for the murder of Pawan from Bhabhisa; verdict on August 13; he was shot
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

शामली के भभीसा गांव में 12 साल पहले घर में घुसकर पवन कुमार की दो गोली मारकर हत्या के मामले में चार अभियुक्तों पर दोष सिद्ध हुआ है। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर सुनवाई की। दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया है। सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए 13 अगस्त तय की गई है। सरकारी वकील से दोषियों का आपराधिक इतिहास मंगाने का आदेश दिया गया है।
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वादी अशोक कुमार ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 14 जुलाई 2014 को सुबह करीब 10:45 बजे बुढ़ाना-कांधला मार्ग से हमलावर एक सफेद कार से आए। अशोक के घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की। इस गोलीबारी में अशोक घायल हो गया, जबकि उसके भाई पवन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। बृहस्पतिवार को शामली के पीरखेड़ा निवासी रामवीर, बड़ौत के रामनगर निवासी राजीव उर्फ छोटू, भभीसा निवासी राहुल उर्फ बोसी और कांजरहेड़ी निवासी हरेंद्र कुमार पर दोष सिद्ध हुआ।
 
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अदालत में पेश किए गए नौ गवाह
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष कुल नौ गवाह पेश किए। वादी अशोक चश्मदीद दाहिने हाथ में गोली लगने से घायल हुए थे। उनके अलावा सोहनवीरी भी चश्मदीद गवाह थीं। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल से खोखा कारतूस, खून आलूदा मिट्टी और अवैध तमंचे की बरामदगी को साबित किया। राहुल उर्फ बोसी के पास से हत्या में इस्तेमाल 315 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुआ था। बोसी को आर्म्स एक्ट में भी दोषी बनाया गया है।
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हमलावर घर में घुसे...पूछा कहां है आशु
वादी अशोक कुमार ने ट्रायल के दौरान बयान दिया कि मेरे भाई पवन का लड़का आशु है। मेरे भतीजे आशु का नाम विपुल उर्फ खूनी के साथी अजय की हत्या में झूठा दर्ज करा दिया गया था। इस बात को लेकर घटना से करीब दो माह पहले आशु ने विपुल की मां को अपनी फर्जी व झूठी नामजदगी के बारे में बुरा-भला कह दिया था। इसी वजह से विपुल खूनी हमारे परिवार से रंजिश रखने लगा। वारदात के दिन हमलावरों ने घर में घुसते ही पूछा था कि आशु कहां है। 
 

मारा जा चुका विपुल खूनी...तीन की जांच
अभियोजन प्रपत्रों के अनुसार अभियुक्त भभीसा निवासी विपुल उर्फ खूनी, अशोक और भड़ल निवासी राहुल के विरुद्ध विवेचना जारी है। पिछले दिनों विपुल खूनी बागपत में मुठभेड़ में मारा गया था। अमित पुत्र सत्यप्रकाश की पत्रावली अभियुक्त के फरार होने के कारण न्यायालय ने एक मार्च 2024 को अलग कर दी थी।
 

पवन की हत्या के दोषियों को मिले फांसी की सजा
गांव भभीसा निवासी मृतक के भाई अशोक कुमार ने कहा कि जिस तरह आरोपियों ने घर में घुसकर उनके भाई पवन की निर्मम हत्या की थी, वह अत्यंत जघन्य अपराध था। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराकर न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब परिवार की उम्मीद है कि अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों को देखते हुए दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जाए, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। 
 
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