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Muzaffarnagar: खतौली में पकड़ा अवैध टेलीफोन एक्सचेंज, पांचवीं पास सरगना समेत दो गिरफ्तार; ऐसे करते थे ठगी

अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: Mohd Mustakim Updated Wed, 25 Mar 2026 10:03 PM IST
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सार

खतौली निवासी वसीम और मेरठ निवासी वकील अपने साथियों के साथ अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि इनके दो साथी भाग गए। 

Muzaffarnagar: Illegal telephone exchange caught in Khatauli, two including fifth pass kingpin arrested
गिरफ्तार दो आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

साइबर थाना पुलिस ने खतौली में चलाए जा रहे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज को पकड़ा है। पांचवीं पास सरगना खतौली निवासी वसीम और कक्षा 12 पास साथी मवाना निवासी वकील को गिरफ्तार किया। दो आरोपी भाग निकले। आरोपी मोबाइल टावर से चुराए आरआरयू की मदद से विदेशी कॉल को भारतीय कॉल में बदल रहे थे। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। पुलिस आरोपियों के आतंकी संबंधों की भी जांच कर रही है।
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एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि टेलीकॉम कंपनी से सूचना मिली थी कि खतौली के शेखपुरा में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चलाया जा रहा है। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई की तो दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके दो साथी फिरोज व वासित भाग गए। ये लोग विदेशी कॉल को आरआरयू की मदद से परिवर्तित कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे थे। चोरी के आरआरयू व मोबाइल टावर से चुराए सामान को दिल्ली व गल्फ देश सऊदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और ओमान भेजा जाता था। आरआरयू की मदद से कॉल करने पर मोबाइल का नंबर स्थानीय दिखाई देता था।
 
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बरामद आरआरयू चोरी का है। पता किया जा रहा है कि आरआरयू कहां-कहां से चोरी हुए हैं। आरआरयू केवल नोकिया व सोनी कंपनी बनाती है। एक आरआरयू की कीमत दस लाख रुपये है। आरआरयू से सिम से बात करने की स्पीड बढ़ जाती है। मौके से भागा एक आरोपी फिरोज पहले भी इसी मामले में जेल जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के पासपोर्ट बने हैं या नहीं, या उन्होंने विदेश यात्रा की है, इसकी भी जांच की जा रही है। आशंका है कि यह गिरोह सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचा चुका है। प्रेसवार्ता में साइबर थाना प्रभारी सुल्तान सिंह भी मौजूद रहे।
 

इन्हें किया गिरफ्तार
- वसीम, निवासी गांव शेखपुरा, थाना खतौली, मुजफ्फरनगर
- वकील, निवासी मोहल्ला कल्याण सिंह अटोरा रोड मवाना, जनपद मेरठ
ये हुई बरामदगी-
- 36 सिम कार्ड
- 02 एटीएम कार्ड
- 01 डिस कार्ड
- 10 मोबाइल
- 02 लेपटॉप
- 02 नोकिया के रिमोर्ट रेडियो यूनिट (आरआरयू)
 

साथियों के साथ जीजा-साले चला रहे थे धंधा 
गिरफ्तार खतौली के शेखपुरा निवासी वसीम ने पुलिस को बताया कि वह स्क्रेप का काम करता है। उसकी शादी मवाना मेरठ में हुई है। उसके साले वासित ने उसे बताया था कि वह अपने यहां के ही रहने वाले फिरोज पुत्र अय्यूब, फिरोज पुत्र कमरूद्दीन व वकील के साथ मिलकर टेलीफोन एक्सचेंज चलाता है। उन्हें कोई ज्यादा काम नहीं करना पड़ता और कमाई भी अच्छी होती है। उन्हें केवल दूसरे लोगों के मोबाइल के फर्जी सिम लगाकर आरआरयू में छोड़ देना है, वह अपने आप ही चलता रहता है। उनके साथ जुड़ने पर उसे भी अच्छी काफी कमाई हो सकती है। 
 

इसके बाद वह उन लोगों के साथ जुड़ गया था। उसके साले वासित ने उसकी मुलाकात अपने तीनों साथियों से कराई। उन्होंने उसे सिम बाक्स लेपटॉप, सिम कार्ड, दो आरआरयू लाकर दिये थे। यह सेटअप बाक्स फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज उसके घर पर चलाना शुरू कर दिया था। इसी बीच पता चला कि पुलिस को इस बारे में पता चल गया है। तो उन्होंने यह सेटअप दूसरे स्थान पर लगाने की योजना बनाई। वह सेटअप को मेरठ के मवाना ले जा रहे थे। पुलिस ने पकड़ लिया।
 

मोबाइल से मिले जीएसटी के फर्जी 100 बिल
एसपी क्राइम ने बताया कि गिरफ्तार वसीम के मोबाइल फोन को खंगाला गया था। पुलिस को उसके मोबाइल से जीएसटी के फर्जी 100 बिल भी मिले। गिरफ्तार आरोपी बिना माल के जीएसटी बिल भी बनवाता था। इन बिलों की जानकारी जीएसटी टीम को दे दी है। वह जांच कर रही है।
 

दो साल से इस धंधे में जुड़ा है आरोपी
आरोपी गिरफ्तार वकील ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ दो साल से अवैध सेटअप चला रहा था। कुछ दिन पहले इसके साथी वासित ने उसे बताया था कि उसके जीजा वसीम उनके साथ उनके साथ काम करना चाहता है। खतौली में वसीम का एक मकान शेखपुरा में खाली था। वहां पर दो आरआरयू का सेटअप लगाकर काम शुरू किया गया।

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आरआरयू
मोबाइल टावरों से आरआरयू (Remote Radio Unit) की चोरी भारत में एक गंभीर समस्या बन गई है, जिससे टेलीकॉम कंपनियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है और मोबाइल नेटवर्क (कॉल ड्रॉप और डेटा समस्या) प्रभावित हो रहा है।
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