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चैत्र नवरात्रि: महाअष्टमी आज, मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और घरों में होगा कन्या पूजन; ये हैं शुभ मुहूर्त

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Thu, 26 Mar 2026 12:10 AM IST
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सार

Meerut News: आज मां महागौरी की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अष्टमी और नवमी पर श्रद्धालु 5, 7, 9, 11 या 24 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराते हैं।

Chaitra Navratri: Maha Ashtami today, special rituals in temples and Kanya Puja in homes
शास्त्रीनगर स्थित गोल मंदिर में आरती करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

आस्था, भक्ति और विश्वास के महापर्व चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी आज बृहस्पतिवार को है। महानवमी की पूर्णाहुति शुक्रवार को सविधि मंत्रोच्चार के साथ होगी। इस बार अष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग का भी संयोग मिल रहा है। इस विशेष संयोग ने देवी आराधना के महत्व और बढ़ा दिया है। घर-घर में कन्या पूजन की तैयारियां जोरों पर हैं और मंदिरों में विशेष अनुष्ठान की धूम है।
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ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी के अनुसार, महागौरी को परम कल्याणकारी और मंगलकारी देवी माना जाता है। इनकी आराधना से पूर्व जन्म के पापों का नाश होता है और जीवन की दुख, दरिद्रता व कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्त इस दिन व्रत का पारण करने के साथ ही कन्या पूजन भी करते हैं।
 
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इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स बताते हैं कि महागौरी का वर्ण अत्यंत गौर है, इसी कारण उन्हें यह नाम प्राप्त हुआ। पुराणों में उन्हें अष्टवर्षीय देवी के रूप में वर्णित किया गया है। श्वेत वस्त्र और आभूषण धारण करने वाली महागौरी को श्वेतांबरधरा भी कहा जाता है, जबकि उनका वाहन वृषभ होने से वे वृषारूढ़ा कहलाती हैं।
 

आचार्य मनीष स्वामी के अनुसार, मां महागौरी की आराधना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। अष्टमी और नवमी पर, श्रद्धालु 5, 7, 9, 11 या 24 कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें भोजन कराते हैं। कई स्थानों पर यह पूजन अष्टमी को किया जाता है, जबकि कुछ जगहों पर नवमी के दिन। प्रसाद के रूप में सूखा नारियल, मखाना, मूंगफली और मिश्री अर्पित की जाती है।
 

कन्या पूजन अति विशेष मुहूर्त
कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः सूर्योदय से सुबह 7 बजे तक तथा दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इन शुभ समय में पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

महाअष्टमी पूजा के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:52 बजे भोर – 05:39 बजे तक।
अमृत काल/सुबह की पूजा: 06:17 से 08:20 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: 12:02 से 12:51 बजे तक।
लाभ-उन्नति मुहूर्त (कन्या पूजन): 10:56 से – 03:31 बजे तक

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