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Mission 2027: बंगाल चुनाव में सक्रिय मेरठ के भाजपा नेता, प्रचार के साथ सीख रहे बंगाली भाषा

कुलदीप त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 25 Mar 2026 10:31 AM IST
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सार

मेरठ समेत यूपी के भाजपा नेता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए डटे हैं। स्थानीय भाषा की बाधा दूर करने के लिए वे बंगाली भी सीख रहे हैं और बूथ स्तर पर सक्रिय हैं।

Mission 2027: Meerut BJP Leaders Campaigning in Bengal, Learning Bengali Language
बंगाली भाषा सीख रहे नेता - फोटो : AI
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विस्तार

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के भाजपा नेता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार कर रहे हैं। भाजपा का सबसे अधिक जोर इस समय पश्चिम बंगाल चुनावों पर है। मेरठ के भाजपा नेता भी पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार को धार दे रहे हैं।

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भाजपा ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जीतने के लक्ष्य के साथ अपने विधायक, सांसद, मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों को उतारा है। पश्चिम क्षेत्र के जिलों के तमाम भाजपा नेता पश्चिम बंगाल को मथने में लगे हैं। वे बूथ स्तर पर जाकर स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की जिज्ञासा को भी वे शांत कर रहे हैं।
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गिना रहे केंद्र सरकार की उपलब्धियां
केंद्र सरकार की उपलब्धियों को भी जनता तक पहुंचाया जा रहा है। मेरठ, गाजियाबाद, बागपत आदि जिलों से विधायकों, मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों को भेजा गया है। प्रदेश के जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक और विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज भी प्रचार में हैं। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज पोसवाल और सहारनपुर विधायक राजीव गुंबर भी शामिल हैं।
चुनाव प्रचार की रणनीति

भाजपा ने प्रत्येक नेता को एक विधानसभा क्षेत्र आवंटित किया है। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज पोसवाल को बारासात जिले में मध्यम ग्राम विधानसभा में लगाया गया है। एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज को बैरकपुर जिले में चुनाव प्रचार में उतारा गया है। उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के नेताओं को बूथों को मजबूत करने का दायित्व सौंपा गया है। वे प्रतिदिन बूथ पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं।

भाषा बाधा और समाधान
पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं को भाषा की बाधा का सामना करना पड़ा। हिंदी भाषी नेताओं के साथ बंगाली व हिंदी भाषा के जानकार स्थानीय कार्यकर्ताओं को लगाया गया है।

ये कार्यकर्ता भाजपा नेताओं के साथ बूथ की बैठकों और जनसंपर्क के दौरान रहते हैं। पहले भाजपा नेता हिंदी में बात कहते हैं, फिर कार्यकर्ता बंगाली में अनुवाद करते हैं। भाजपा नेता मनोज पोसवाल 30 जनवरी से पश्चिम बंगाल में डटे हुए हैं और उन्होंने बंगाली भाषा काफी हद तक सीख ली है।

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