सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Muzaffarnagar: Lawyer Sameer Saifi Murder Case: Three Convicts Get Death Penalty, One Sentenced to 7 Years

अधिवक्ता समीर हत्याकांड: तीन दोषियों को फांसी, 10 लाख का जुर्माना, एक को सात साल की सजा, फैसले में लिखी कविता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 06 Apr 2026 03:31 PM IST
विज्ञापन
सार

मुजफ्फरनगर में अधिवक्ता समीर सैफी अपहरण और हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। 40 लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में हुई हत्या के मामले में तीन दोषियों को फांसी और एक आरोपी को सात साल की सजा सुनाई गई।

Muzaffarnagar: Lawyer Sameer Saifi Murder Case: Three Convicts Get Death Penalty, One Sentenced to 7 Years
आरोपियों को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली क्षेत्र के अधिवक्ता समीर सैफी (28) की अपहरण के बाद हत्या के मामले में अदालत ने तीन दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।  एक दोषी को सात साल की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुनाया।

Trending Videos


यह भी पढ़ें: कानपुर किडनी रैकेट: गिरोह के लिए गाड़ियां बुक करता था मेरठ का अंकित, गाजियाबाद का परवेज ले जाता था अस्पताल 

विज्ञापन
विज्ञापन

शहर के लद्दावाला से 15 अक्तूबर 2019 की शाम संदिग्ध हालात में अधिवक्ता समीर सैफी गायब हो गए थे। इसके बाद 19 अक्तूबर को भोपा क्षेत्र के सीकरी में  शव बरामद हुआ था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 40 लाख के लेन-देन के विवाद में अधिवक्ता का अपहरण कर हत्या की वारदात अंजाम दी गई थी।

वादी अजहर ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने बकरा मार्केट निवासी सोनू उर्फ रिजवान, सिंगोल अल्वी, शालू उर्फ अरबाज एवं भोपा के सीकरी निवासी दिनेश के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह अदालत में पेश किए। शनिवार को आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ था। अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए सोनू उर्फ रिजवान, सिंगोल अल्वी, शालू उर्फ अरबाज को फांसी की सजा सुनाई।  चौथे आरोपी दिनेश को सात साल की सजा सुनाई गई।

क्या था मामला
पुलिस ने खुलासा किया था कि समीर का आरोपियों के साथ करीब 40 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब था। मृतक अपने रुपये मांग रहा था लेकिन आरोपियों ने देने से मना कर दिया और हत्या की साजिया रची। शहर से कार में ले जाकर भोपा क्षेत्र के सीकरी फार्म पर रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को मिट्टी में दबा दिया।

वारदात के दिन हुआ था चैंबर का उद्घाटन
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया गया है कि मृतक मोहम्मद समीर एडवोकेट नही था, क्योंकि वह निजी व्यापार भी करता था। इस पर अभियोजन की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि यह बात सही है कि समीर एडवोकेट पूर्व में निजी व्यापार भी करता था और नया-नया बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन कराकर अधिवक्ता नियुक्त हुआ था। अजहर ने अपने मुख्य बयान में कथन किया है कि घटना के दिन ही समीर ने कचहरी में अपने चैंबर का उद्घाटन किया।

किसे क्या सुनाई गई सजा
दोषी सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान एवं शालू उर्फ अरबाज को अपहरण, हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने में दोषी पाया गया। तीनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई।  दोषी दिनेश पर साक्ष्य मिटाने का आरोप साबित हुआ। सात साल की सजा सुनाई गई। 

समीर हत्याकांड : कब क्या हुआ
15 अक्तूबर 2019 : अधिवक्ता समीर सैफी संदिग्ध हालात में लापता।
16 अक्तूबर 2019 : वादी अजहर ने बेटे की गुमशुदगी।
16 अक्तूबर 2019 : मुकदमा अपहरण में तरमीम।
19 अक्तूबर 2019 : भोपा क्षेत्र से शव बरामद।
20 नवंबर 2019 : वादी ने बैंक के प्रकरण का प्रार्थनापत्र दिया।
30 जनवरी 2020 : आरोपपत्र पर संज्ञान लिया गयास 
04 अप्रैल 2026 : आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ।
06 अप्रैल 2026 : सजा सुनाई गई।

सिंगोल अल्वी के साथ सुबह झगड़ा, शाम को हत्या
जांच में सामने आया कि कार सिंगोल अल्वी की थी। आरोपी सोनू उर्फ रिजवान कार का ड्राईवर था, जबकि शालू उर्फ अरबाज और दिनेश उसके नौकर थे। सिंगोल अल्वी ने सीकरी में एक मुर्गी फार्म बना रखा था।

दिनेश मुर्गी फार्म की देखभाल करता था। रॉयल पोल्ट्री फीड के नाम से समीर का रजिस्ट्रेशन था और इसी नाम से उसके बैंक खाते थे। फर्म को चलाने के लिए करीब 25 लाख रुपये का लोन भी लिया था। वारदात की सुबह आठ बजे लेन-देने को लेकर उसके भाई का सिंगोल अल्वी के साथ झगड़ा हो गया था।

फैसले में लिखी गई यह कविता....
''कचहरी की सीढ़ियों पर,
आज सन्नाटा कुछ बोल रहा है,
जहां दलीलों की गूंज थी कल,
वहां खामोशी डोल रही है,
काला कोट जो ढाल बना था,
सच की हर एक लड़ाई में,
वो गिर पड़ा आज जमीन पर,
झूठ की गहरी साजिश में,
कल तक जो कानून था जिंदा,
हर जुर्म को आईना दिखाता था,
आज उसी के रखवाले को,
किसी ने बेरहमी से सुला डाला,
पर ये खून बेकार नहीं जायेगा,''
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed