Muzaffarnagar: बिजली पर बढ़ी सियासी तकरार, मंत्री ने दी चेतावनी, मुख्य अभियंता बोले- पीछे हटने का रिकॉर्ड नहीं
मुजफ्फरनगर में बिजली आपूर्ति को लेकर कैबिनेट मंत्री और ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता के बीच विवाद गहरा गया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोनों के बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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मुजफ्फरनगर जनपद में गांधी कॉलोनी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के मुद्दे मामला खूब गरमाया। नई मंडी कोतवाली में उर्जा निगम की ओर से दी गई तहरीर के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता विनोद कुमार गुप्ता को कॉल करते हुए चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर मुकदमा दर्ज हुआ तो ठीक नहीं होगा। वह कार्यालय में आकर ही बैठेंगे। उधर, मुख्य अभियंता ने बयान में कहा कि उनका पीछे हटने का रिकॉर्ड नहीं है।
गांधी कॉलोनी, सुभाष नगर से संबंधित क्षेत्र की गली नंबर 17 में शुक्रवार रात करीब 1.30 बजे 400 केवीए के ट्रांसफार्मर में फॉल्ट होने से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। फॉल्ट के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 9.30 बजे नया ट्रांसफार्मर रखवाया गया।
ट्रांसफार्मर को नो-लोड पर चार्ज करने के बाद जब लाइनमैन ने उस पर लोड लेने का प्रयास किया तो कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया। आरोप था कि लाइनमैन सुधीर को हंगामा कर रहे लोगों ने अपने बीच बैठा लिया और गांधी वाटिका फीडर को बंद करा दिया। क्षेत्र के उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अवर अभियंता तकनीकी रमनजीत सिंह की ओर से तीन लोगों के विरुद्ध नामजद और 15-20 अज्ञात के विरुद्ध कार्रवाई के लिए नई मंडी कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई थी।
मामले में पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाया तो उन्होंने कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार से उनके आवास पर जाकर ऊर्जा निगम अभियंता की ओर से पुलिस में की गई शिकायत की जानकारी दी। कैबिनेट मंत्री ने मुख्य अभियंता से तहरीर वापस लेने की बात कही। कैबिनेट मंत्री ने फॉल्ट ठीक करने में 20 से 30 घंटे का समय लगने पर नाराजगी जाहिर की। अभियंता को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह पहली और आखिरी बार यह कह रहे हैं।
सरकारी कार्य में बाधा डालने में प्राथमिकी दर्ज
नई मंडी कोतवाली पुलिस ने ऊर्जा निगम के अवर अभियंता तकनीकी रमनजीत सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की है। मोनू, आशु बालियान और अभिषेक त्यागी के अलावा 15-20 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित बंधक बनाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीएम से बोले मंत्री...सुबूत हो तो लिखवाए प्राथमिकी
कैबिनेट मंत्री ने डीएम उमेश मिश्रा को कॉल की, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ट्रांसफार्मर बदलने में 20 से 30 घंटे का समय लग रहा है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से गर्मी से परेशान लोग सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया जाएगा। अगर सुबूत है तो प्राथमिकी लिखवाएं। उर्जा निगम को बंधक बनाने का सुबूत देना चाहिए।
पीछे हटने का मेरा रिकॉर्ड नहीं रहा : गुप्ता
शहरी क्षेत्र में ऊर्जा निगम के 350 अधिकारी और कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। भीषण गर्मी में रातभर जागकर कार्य करने वाले निगम कर्मचारियों पर यदि ज्यादती होगी तो कैसे बर्दाश्त की जाएगी। ईमानदारी से कार्य करने वाले विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए पक्ष रखा जाएगा। मेरा रिकॉर्ड पीछे हटने का नहीं रहा है। संभल में भी इसी तरह कार्रवाई की थी। - विनोद कुमार गुप्ता, मुख्य अभियंता ऊर्जा निगम
इस तरह बोले कैबिनेट मंत्री
बीस घंटे या तीस घंटे में ट्रांसफार्मर चेंज करोगे क्या। एक बात सुनो चीफ साहब अगर यह मुकदमा लिखवाया ना तो ठीक नहीं होगा। इन लड़कों ने धन्यवाद कर दिया, माफी भी मांग ली। हम आपकी सारी बात समझते हैं, गर्मी है परेशानी हो सकती है। एक बात सुनो, जो मैं कह राह हूं, उसे समझो, यह मुकदमा लिखा नहीं जाना चाहिए। फर्स्ट एंड लास्ट बता रहा हूं। ऐसा न हो दोबारा सारे के सारों को लेकर बैठना पड़े।