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Muzaffarnagar News: बारिश से गिरी गेहूं की फसल, तापमान लुढ़का
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बुढ़ाना। तेज हवा व बारिश में गिरी गेंहू की फसल। संवाद
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मुजफ्फरनगर। मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। तेज हवा के साथ आई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। कई जगह गेहूं की फसल गिर गई। गन्ने की छिलाई प्रभावित हुई। कोल्हू का संचालन ठप हो गया। चीनी मिलों पर गन्ना आपूर्ति बाधित होने से नो-केन की स्थिति रही। जिले में 8.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। दिन में धूप खिली, जबकि शाम के समय भी बारिश हुई।
शनिवार रात का न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री रहा। तड़के पांच बजे से ही मौसम बदलना शुरू हो गया था। तेज हवा के बाद बारिश शुरू हुई। रविवार रात तेज आंधी के साथ बारिश हुई। विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
अधिकतर समय आसमान में बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान लुढ़ककर 26.1 डिग्री तक पहुंच गया। सोमवार को भी बारिश का अनुमान है। दोपहर के समय तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
nसर्दी, खांसी और बुखार के मरीज बढ़ने का खतरा : तापमान में कमी आने और वातावरण में नमी से संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सकों को आशंका है कि बदले मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खराश और त्वचा रोग जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी होगी।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ.योगेन्द्र त्रिखा का कहना है कि मौसम परिवर्तन से अक्सर बुजुर्ग और बच्चे सर्वाधिक प्रभावित होते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण नजला-खांसी और एलर्जी जैसी तकलीफें बढ़ जाती हैं। जिन लोगों को अस्थमा या सांस से जुड़ी समस्या है, मौसम परिवर्तन में वे सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे में ठंडे पेय पदार्थो से परहेज करना ठीक रहता है।
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अधिकतर समय आसमान में बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान लुढ़ककर 26.1 डिग्री तक पहुंच गया। सोमवार को भी बारिश का अनुमान है। दोपहर के समय तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
nसर्दी, खांसी और बुखार के मरीज बढ़ने का खतरा : तापमान में कमी आने और वातावरण में नमी से संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सकों को आशंका है कि बदले मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खराश और त्वचा रोग जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी होगी।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ.योगेन्द्र त्रिखा का कहना है कि मौसम परिवर्तन से अक्सर बुजुर्ग और बच्चे सर्वाधिक प्रभावित होते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण नजला-खांसी और एलर्जी जैसी तकलीफें बढ़ जाती हैं। जिन लोगों को अस्थमा या सांस से जुड़ी समस्या है, मौसम परिवर्तन में वे सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे में ठंडे पेय पदार्थो से परहेज करना ठीक रहता है।

बुढ़ाना। तेज हवा व बारिश में गिरी गेंहू की फसल। संवाद