{"_id":"69c98008b95de931db0183a4","slug":"regarding-theft-of-remote-radio-unit-cards-related-to-muzaffarnagar-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1037-168081-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर से जुड़े रिमोट रेडियो यूनिट कार्ड चोरी केे तारब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर से जुड़े रिमोट रेडियो यूनिट कार्ड चोरी केे तारब
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। पश्चिम उत्तर प्रदेश में मोबाइल टावर के आरआरयू(रिमोट रेडियो यूनिट) कार्ड चोरी होने के मामले के तार मुजफ्फरनगर जनपद में रहने वाले कबाड़िया़ें से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। मेरठ की एसओजी टीम ने जानसठ सर्किल क्षेत्र में रहने वाले एक कबाड़ी को पकड़ना बताया जा रहा है। उसके भाई ने मेरठ में कबाड़ी का काम किया हुआ है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में मोबाइल टावर से आरआरयू कार्ड चोरी होने के मामले हुए है। मुजफ्फरनगर क्षेत्र से भी आरआरयू चोरी कर लिए गए। जिला पुलिस आरोपियों को तलाश रही है लेकिन चोरों का सुराग नहीं लग रहा है। मोबाइल टावर के संचालन में आरआरयू कार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैै। एक कार्ड की कीमत लगभग दस लाख रुपये बताई जाती है।
इन कार्डों की गल्फ देश सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान में काफी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरआरयू कार्ड दिल्ली में बेचे जाते हैं और वहां से गल्फ देशों में भेज दिए जाते हैं। इसके पीछे एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
साइबर थाना पुलिस ने पांच दिन पहले खतौली निवासी वसीम व मवाना निवासी वकील को पकड़ा था। उनसे दो आरआरयू कार्ड व दो लेपटॉप व अन्य उपकरण बरामद किए थे। कार्ड कहां से चोरी किए गए थे इस बारे में आरोपी बता नहीं पाए थे। पुलिस ने दावा किया था कि दोनों आरोपी खतौली में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि मेरठ की एसओजी टीम ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में आरआरयू कार्ड चोरी होने के मामले में जांच शुरू की है। जानसठ सर्किल क्षेत्र से एक कबाड़ी को पकड़ना बताया जा रहा है। क
Trending Videos
पश्चिम उत्तर प्रदेश में मोबाइल टावर से आरआरयू कार्ड चोरी होने के मामले हुए है। मुजफ्फरनगर क्षेत्र से भी आरआरयू चोरी कर लिए गए। जिला पुलिस आरोपियों को तलाश रही है लेकिन चोरों का सुराग नहीं लग रहा है। मोबाइल टावर के संचालन में आरआरयू कार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैै। एक कार्ड की कीमत लगभग दस लाख रुपये बताई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन कार्डों की गल्फ देश सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान में काफी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरआरयू कार्ड दिल्ली में बेचे जाते हैं और वहां से गल्फ देशों में भेज दिए जाते हैं। इसके पीछे एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
साइबर थाना पुलिस ने पांच दिन पहले खतौली निवासी वसीम व मवाना निवासी वकील को पकड़ा था। उनसे दो आरआरयू कार्ड व दो लेपटॉप व अन्य उपकरण बरामद किए थे। कार्ड कहां से चोरी किए गए थे इस बारे में आरोपी बता नहीं पाए थे। पुलिस ने दावा किया था कि दोनों आरोपी खतौली में फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि मेरठ की एसओजी टीम ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में आरआरयू कार्ड चोरी होने के मामले में जांच शुरू की है। जानसठ सर्किल क्षेत्र से एक कबाड़ी को पकड़ना बताया जा रहा है। क