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Muzaffarnagar News: ब्लड बैंकों में मिलीं गंभीर खामियां, रिकॉर्ड में गड़बड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) मुख्यालय की विशेष टीम की ओर से जनपद के ब्लड बैंको की हाल मेंं की गई जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। छापों के दौरान एक ब्लड बैंक में स्टॉक रजिस्टर में ओवर राइटिंग पाई गई। जबकि दूसरे ब्लड बैंक में डॉनर फार्म में सभी विवरण सही तरीके से नहीं भरे गए थे। रक्तदाता और खून लेने वालों की जानकारी भी आधी-अधूरी ही मिली।
निजी क्षेत्र में संचालित ब्लड बैंकों में अनियमितता आम है। जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे मरीज के लिए खून की मुंह मांगी कीमत वसूली जाती है। अक्सर खून लेने के लिए सामान्य नियमों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। नियमों के अनुसार प्रत्येक रक्तदाता का पूरा विवरण सुरक्षित रखना जरूरी होता है, जिसमें उसका नाम, पता, स्वास्थ्य स्थिति और रक्तदान की तारीख शामिल है। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि ब्लड बैंक में यह रिकॉर्ड अधूरा ही छोड़ा गया था।
जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य ने बताया कि जांच में सामने आया कि दुर्गा चेरिटेबल ब्लड सेंटर महावीर चौक पर रक्तदाता और मरीज का रिकार्ड सही प्रकार से नहीं रखा गया था। कई दिन की एंट्री छोड़ी गई थी। इससे ऐसी आशंका है कि कुछ दिन बाद निर्धारित स्थान पर फर्जी सूचनाएं भी भरी जाती थी।
जबकि सर्वोदय चेरिटेबल भोपा रोड के ब्लड बैंक में रक्तदाता रजिस्टर में चिकित्सक के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। डॉनर फार्म भी सही प्रकार से नहीं भरे गए थे।
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मुजफ्फरनगर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) मुख्यालय की विशेष टीम की ओर से जनपद के ब्लड बैंको की हाल मेंं की गई जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। छापों के दौरान एक ब्लड बैंक में स्टॉक रजिस्टर में ओवर राइटिंग पाई गई। जबकि दूसरे ब्लड बैंक में डॉनर फार्म में सभी विवरण सही तरीके से नहीं भरे गए थे। रक्तदाता और खून लेने वालों की जानकारी भी आधी-अधूरी ही मिली।
निजी क्षेत्र में संचालित ब्लड बैंकों में अनियमितता आम है। जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे मरीज के लिए खून की मुंह मांगी कीमत वसूली जाती है। अक्सर खून लेने के लिए सामान्य नियमों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। नियमों के अनुसार प्रत्येक रक्तदाता का पूरा विवरण सुरक्षित रखना जरूरी होता है, जिसमें उसका नाम, पता, स्वास्थ्य स्थिति और रक्तदान की तारीख शामिल है। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि ब्लड बैंक में यह रिकॉर्ड अधूरा ही छोड़ा गया था।
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जिला औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य ने बताया कि जांच में सामने आया कि दुर्गा चेरिटेबल ब्लड सेंटर महावीर चौक पर रक्तदाता और मरीज का रिकार्ड सही प्रकार से नहीं रखा गया था। कई दिन की एंट्री छोड़ी गई थी। इससे ऐसी आशंका है कि कुछ दिन बाद निर्धारित स्थान पर फर्जी सूचनाएं भी भरी जाती थी।
जबकि सर्वोदय चेरिटेबल भोपा रोड के ब्लड बैंक में रक्तदाता रजिस्टर में चिकित्सक के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। डॉनर फार्म भी सही प्रकार से नहीं भरे गए थे।