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Muzaffarnagar News: पंचायत बोली, मजदूरों ने मांगा रास्ता...पुलिस ने भेजा जेल
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भौराकलां में आयोजित पंचायत में बोलते वक्ता : संवाद
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भौराकलां (मुजफ्फरनगर)। गांव भौराकलां में एसबीआई के पास खेत से लौट रहे मजदूर परिवार और पुलिस के बीच हुए विवाद को लेकर तनाव बन गया है। गांव की पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि खेत से लौट रहे मजदूरों ने रास्ता मांग लिया तो पुलिस को बुरा लग गया। सवाल उठाया कि पुलिस ने सड़क पर गाड़ी क्यों खड़ी की थी। किसानों और मजदूरों के साथ पुलिस का रवैया बेहद निराशाजनक है। 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर एसएसपी से मिलने की बात कही। कश्यप समाज के चौधरी राकेश कश्यप ने कहा कि किसान-मजदूरों के साथ पुलिस का व्यवहार सही रहना चाहिए।
शुक्रवार को भौराकलां गांव में बैंक के बाहर पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। गांव निवासी आवेश और आशीष कश्यप रेहड़े में पशुओं के लिए चारा लेकर घर लौट रहे थे। उन्होंने रास्ते में खड़ी पुलिसकर्मियों से गाड़ी हटाने के लिए कहा, जिस पर कहासुनी शुरू हुई। आरोपी है कि पुलिस ने गलत कार्रवाई की।
एसआई पिंकू सिंह की तहरीर पर दोनों युवकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उनका चालान कर दिया।
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शनिवार को गांव आयोजित पंचायत में वक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा पुलिस ने तानाशाही एवं आक्रामक रवैया अपनावा है। पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ परिस्थितियों के अनुसार व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाता है। खेत से लौट रहे किसान मजदूरों का रास्ता मांगना कोई अपराध नहीं है।
पंचायत में आरोप लगाया गया कि युवकों के साथ मारपीट की गई तथा उनका डॉक्टरी परीक्षण भी निष्पक्ष नहीं कराया गया, जबकि उनके शरीर पर चोटों के निशान मौजूद हैं।
पंचायत में घटनास्थल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने, तीन डॉक्टरों के पैनल से दोनों युवकों का मेडिकल परीक्षण कराने, दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई।
मांग के संबंध में 11 सदस्य समिति बनाई गई। समिति के सदस्य डीएम एवं एसएसपी से मिलकर उन्हें घटनाक्रम से अवगत कराया जाएगा।
पूर्व मंत्री विधान परिषद सदस्य किरण पाल कश्यप, पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप, ओमपाल कश्यप, सचिन कश्यप,अमित कश्यप, सुशील कश्यप, बबली कश्यप, इंदर पाल कश्यप, लोकेश कश्यप, प्रवेश कश्यप प्रधान हड़ौली,मास्टर नीटू कश्यप , निशांत, राहुल प्रधान, रोहित बालियान मौजूद रहे।
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सीओ ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह ने पंचायत में लोगों की बात सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में जानलेवा हमले की धारा हटाने के साथ पीड़ित पक्ष की मांग पर युवकों की दोबारा चिकित्सीय जांच कराने का भरोसा दिया। प्रकरण की जांच किसी अन्य थाने से कराए जाने का भी आश्वासन दिया। पंचायत में पुलिस उपाधीक्षक को मांग पत्र दिया।
शुक्रवार को भौराकलां गांव में बैंक के बाहर पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। गांव निवासी आवेश और आशीष कश्यप रेहड़े में पशुओं के लिए चारा लेकर घर लौट रहे थे। उन्होंने रास्ते में खड़ी पुलिसकर्मियों से गाड़ी हटाने के लिए कहा, जिस पर कहासुनी शुरू हुई। आरोपी है कि पुलिस ने गलत कार्रवाई की।
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एसआई पिंकू सिंह की तहरीर पर दोनों युवकों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उनका चालान कर दिया।
शनिवार को गांव आयोजित पंचायत में वक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा पुलिस ने तानाशाही एवं आक्रामक रवैया अपनावा है। पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ परिस्थितियों के अनुसार व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाता है। खेत से लौट रहे किसान मजदूरों का रास्ता मांगना कोई अपराध नहीं है।
पंचायत में आरोप लगाया गया कि युवकों के साथ मारपीट की गई तथा उनका डॉक्टरी परीक्षण भी निष्पक्ष नहीं कराया गया, जबकि उनके शरीर पर चोटों के निशान मौजूद हैं।
पंचायत में घटनास्थल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने, तीन डॉक्टरों के पैनल से दोनों युवकों का मेडिकल परीक्षण कराने, दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई।
मांग के संबंध में 11 सदस्य समिति बनाई गई। समिति के सदस्य डीएम एवं एसएसपी से मिलकर उन्हें घटनाक्रम से अवगत कराया जाएगा।
पूर्व मंत्री विधान परिषद सदस्य किरण पाल कश्यप, पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप, ओमपाल कश्यप, सचिन कश्यप,अमित कश्यप, सुशील कश्यप, बबली कश्यप, इंदर पाल कश्यप, लोकेश कश्यप, प्रवेश कश्यप प्रधान हड़ौली,मास्टर नीटू कश्यप , निशांत, राहुल प्रधान, रोहित बालियान मौजूद रहे।
सीओ ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
सीओ फुगाना विश्वजीत सिंह ने पंचायत में लोगों की बात सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में जानलेवा हमले की धारा हटाने के साथ पीड़ित पक्ष की मांग पर युवकों की दोबारा चिकित्सीय जांच कराने का भरोसा दिया। प्रकरण की जांच किसी अन्य थाने से कराए जाने का भी आश्वासन दिया। पंचायत में पुलिस उपाधीक्षक को मांग पत्र दिया।