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Muzaffarnagar News: बीमा पॉलिसी के 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले बैंककर्मी सहित तीन गिरफ्तार
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- पाॅलिसी की धनराशि का चेक गायब कर की गई थी धोखाधड़ी
- एक आरोपी ने अपनी पत्नी का नाम खाते में संशोधित करा कर जमा कराया था चेक
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि के 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के 3 सदस्यों को थाना साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। आरोपियों में पीएनबी का एक कर्मचारी भी शामिल है। दो बैंक पासबुक व तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। एक आरोपी ने अपनी पत्नी का नाम बैंक खाते में संशोधित कर पीड़िता के नाम वाला चेक खाते में जमा कराकर धोखाधड़ी की थी।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेसवार्ता कर बताया कि हरिद्वार के भेल रानीपुर निवासी सुमनलता ने एक बीमा कंपनी से सितंबर 2019 में सवा तीन करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसी ली थी। दस लाख रुपये प्रति वर्ष किश्त देनी थी।
वह कई साल तक किश्त जमा की गई लेकिन बाद में किश्त जमा नहीं की जा सकी। इस कारण पीड़िता ने पॉलिसी बंद कर दी और जमा धनराशि को वापस देने की अपील की। पीड़िता के बीमा कंपनी पर लगभग 60 लाख 37 हजार रुपये बने।
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पॉलिसी की मैच्योरिटी धनराशि का चेक बीमा कंपनी ने जारी कर कोरियर के माध्यम से महिला के पते पर भेज दिया। लेकिन वहां से लिख दिया गया कि महिला मिल नहीं पाई है और इसके बाद चेक गायब हो गया। बीमा कंपनी के अधिकारियों ने इस बारे में शिकायत की थी। साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच में आरोपी प्रकाश में आए तो साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी दिलशाद अशिक्षित डॉक्टर निवासी मोहल्ला शेखजादगान है। रामभूल सिंह निवासी गांव बिरालसी सुजडु पीएनबी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। बिरालसी निवासी प्रवीण नाई है। इस गिरोह के कई सदस्यों की अभी तलाश है। इस मामले की रिपोर्ट बीमा कंपनी के कानूनी प्रतिनिधी प्रशांत शुक्ला ने तीन दिन पहले दर्ज कराई थी। गिरफ्तार आरोपियों का चालान कर दिया गया।
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इस तरह की धोखाधड़ी-
साइबर थाना पुलिस ने जांच में पाया गया कि चेक को धोखाधड़ी पूर्वक गायब कर दिया गया। कोरियर कंपनी ने महिला का न मिलना दिखाते हुए चेक को वापस करना दिखा दिया। इसी बीच मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र के तीन लोगों तक पहुंच गया। एक आरोपी बिरालसी निवासी प्रवीण ने अपनी पत्नी सुमन का उसके खाते में नाम साजिश के तहत संशोधित कराकर सुमनलता कराया और चेक को सितंबर 2024 में उसके खाते में जमा करा दिया। दस लाख रुपये निकाल कर 44 लाख रुपये गजरौला के एक्सिस बैंक में ट्रांसफर किए। दस लाख किसी लोकेंद्र के खाते में भेजे गए। 37 हजार रुपये गिरफ्तार किए डॉ. दिलशाद के खाते में भेजे गए। इस मामले में मुजफ्फरनगर जनपद की एक गैस एजेंसी का मालिक का नाम भी पुलिस की जांच में सामने आया है।
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इस तथ्य पर चल रही जांच-
साइबर थाना पुलिस ने बताया कि तीन आरोपी पकड़े गए हैं। अभी कई आरोपियों की तलाश है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चेक आरोपियों के पास तक कैसे पहुंचा। हो न हो, बीमा कंपनी या कोरियर कंपनी का किसी सदस्य की आरोपियों के साथ मिलीभगत हो।
- एक आरोपी ने अपनी पत्नी का नाम खाते में संशोधित करा कर जमा कराया था चेक
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि के 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के 3 सदस्यों को थाना साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। आरोपियों में पीएनबी का एक कर्मचारी भी शामिल है। दो बैंक पासबुक व तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। एक आरोपी ने अपनी पत्नी का नाम बैंक खाते में संशोधित कर पीड़िता के नाम वाला चेक खाते में जमा कराकर धोखाधड़ी की थी।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेसवार्ता कर बताया कि हरिद्वार के भेल रानीपुर निवासी सुमनलता ने एक बीमा कंपनी से सितंबर 2019 में सवा तीन करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसी ली थी। दस लाख रुपये प्रति वर्ष किश्त देनी थी।
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वह कई साल तक किश्त जमा की गई लेकिन बाद में किश्त जमा नहीं की जा सकी। इस कारण पीड़िता ने पॉलिसी बंद कर दी और जमा धनराशि को वापस देने की अपील की। पीड़िता के बीमा कंपनी पर लगभग 60 लाख 37 हजार रुपये बने।
पॉलिसी की मैच्योरिटी धनराशि का चेक बीमा कंपनी ने जारी कर कोरियर के माध्यम से महिला के पते पर भेज दिया। लेकिन वहां से लिख दिया गया कि महिला मिल नहीं पाई है और इसके बाद चेक गायब हो गया। बीमा कंपनी के अधिकारियों ने इस बारे में शिकायत की थी। साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच में आरोपी प्रकाश में आए तो साइबर थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी दिलशाद अशिक्षित डॉक्टर निवासी मोहल्ला शेखजादगान है। रामभूल सिंह निवासी गांव बिरालसी सुजडु पीएनबी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। बिरालसी निवासी प्रवीण नाई है। इस गिरोह के कई सदस्यों की अभी तलाश है। इस मामले की रिपोर्ट बीमा कंपनी के कानूनी प्रतिनिधी प्रशांत शुक्ला ने तीन दिन पहले दर्ज कराई थी। गिरफ्तार आरोपियों का चालान कर दिया गया।
इस तरह की धोखाधड़ी-
साइबर थाना पुलिस ने जांच में पाया गया कि चेक को धोखाधड़ी पूर्वक गायब कर दिया गया। कोरियर कंपनी ने महिला का न मिलना दिखाते हुए चेक को वापस करना दिखा दिया। इसी बीच मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र के तीन लोगों तक पहुंच गया। एक आरोपी बिरालसी निवासी प्रवीण ने अपनी पत्नी सुमन का उसके खाते में नाम साजिश के तहत संशोधित कराकर सुमनलता कराया और चेक को सितंबर 2024 में उसके खाते में जमा करा दिया। दस लाख रुपये निकाल कर 44 लाख रुपये गजरौला के एक्सिस बैंक में ट्रांसफर किए। दस लाख किसी लोकेंद्र के खाते में भेजे गए। 37 हजार रुपये गिरफ्तार किए डॉ. दिलशाद के खाते में भेजे गए। इस मामले में मुजफ्फरनगर जनपद की एक गैस एजेंसी का मालिक का नाम भी पुलिस की जांच में सामने आया है।
इस तथ्य पर चल रही जांच-
साइबर थाना पुलिस ने बताया कि तीन आरोपी पकड़े गए हैं। अभी कई आरोपियों की तलाश है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चेक आरोपियों के पास तक कैसे पहुंचा। हो न हो, बीमा कंपनी या कोरियर कंपनी का किसी सदस्य की आरोपियों के साथ मिलीभगत हो।