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Pilibhit News: बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, 110 गज का मकान ढहाया
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पीलीभीत। थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के एक गांव में नौ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी 66 वर्षीय मोहम्मद उमर को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के डेढ़ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। साथ ही प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के गांव में स्थित 110 गज के मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे तीन घंटे में ध्वस्त कर दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
पुलिस जांच के अनुसार, पीड़ित परिवार आरोपी की बकरियां बटाई पर लेकर उनकी देखरेख करता था, इससे दोनों पक्षों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। आरोपी ने पुराने परिचय का फायदा उठाया, बच्ची को घर ले जाकर रखा और फिर दुष्कर्म किया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बुधवार को मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मां की ओर से सुनगढ़ी थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी नौ वर्षीय बच्ची अपने पिता के साथ बाजार गई थी, जहां से वह लापता हो गई।
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परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन दो दिन बाद मंगलवार दोपहर वह पास के ही एक गांव में मिली। घर लौटने पर बालिका ने परिजन को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी।
एसपी सुकीर्ति माधव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की तैयारी की जा रही है, ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े एक आपत्तिजनक वीडियो के वायरल होने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है कि वीडियो किसने और क्यों बनाया। संवाद
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घर पर अकेला रहता था आरोपी... गंदी करतूतों को लेकर था गांव में बदनाम
पीलीभीत। नौ साल की मासूम से दरिंदगी करने वाला 66 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद उमर कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि आदतन और पेशेवर तौर पर विकृत मानसिकता का शिकार है। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब उसकी कुंडली खंगालनी शुरू हुई, तो गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी अपनी गंदी हरकतों के लिए पूरे इलाके में पहले से ही बदनाम था। दो साल पहले भी उसने अपने ही कुनबे की एक बच्ची को हवस का शिकार बनाने की कोशिश की थी, लेकिन तब मामला पंचायत के जरिये दबा दिया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले आरोपी उमर ने अपने ही परिवार की एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अश्लील हरकतें की थीं। तब गांव में पंचायत बैठी थी, जिसने आरोपी का मुंह काला कर उसे पूरे गांव में घुमाया था और उसकी इस गलती का अहसास कराया था। चूंकि मामला परिवार के भीतर का था, इसलिए बदनामी के डर से किसी ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी सामाजिक ढिलाई का नतीजा है कि उसके हौसले बुलंद रहे और उसने एक और मासूम की जिंदगी उजाड़ दी। संवाद
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बकरी चराने की आड़ में रखता था गंदी नजर
ग्रामीणों के मुताबिक, उमर की पत्नी और बड़े बेटे की काफी समय पहले मौत हो चुकी है, जबकि छोटा बेटा अपने परिवार के साथ मझोला में अलग रहता है। घर में अकेले रहने के कारण वह बेखौफ होकर अपनी काली करतूतों को अंजाम देने की फिराक में रहता था। आरोपी के ठीक सामने रहने वाले गंगाराम ने बताया कि उमर के पास दो बकरियां थीं, जिन्हें चराने के बहाने वह दिनभर बाहर रहता था। वह दिन में अक्सर घर पर ताला लगाकर ही निकलता था। मंगलवार को जब मासूम के साथ इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ, तो पड़ोसियों के पैरों तले भी जमीन खिसक गई। आरोपी उमर पहले से ही महिलाओं और बच्चों के प्रति अभद्र व्यवहार के लिए बदनाम रहा है। पुलिस अब उसकी पुरानी गतिविधियों की भी पूरी जानकारी जुटा रही है ताकि कोर्ट में उसके खिलाफ मामले को और मजबूत किया जा सके।
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नजदीक नहीं आने दी भीड़, ग्रामीण बोले गलती की सजा मिलना जरूरी
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान संबंधित गांव और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्रवाई देखने पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कारणों से किसी को भी घटनास्थल के नजदीक नहीं जाने दिया गया। हालांकि बुलडोजर कार्रवाई को लेकर गांव के सभी वर्गों के लोग संतुष्ट दिखे, उनका कहना था कि आरोपी ने जिस तरह की हरकत की है उसे पर प्रशासन की यह कार्रवाई ठीक है, ऐसी कार्रवाई से समाज में बड़ा संदेश जाता है।
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तहसील प्रशासन की जांच में सामने आया कि आरोपी का घर गांव की आबादी की भूमि पर बना था और उसने वहां अवैध कब्जा कर रखा था। रिपोर्ट के आधार पर ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई की गई है। ऐसा जघन्य कृत्य करने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम पीलीभीत
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आरोपी के खिलाफ कार्रवाई बनेगी नजीर : राज्यमंत्री
पीलीभीत। एक आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। राज्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने कहा कि आरोपी ने घटना का वीडियो भी बनाया था, जो बेहद अमानवीय है। उन्होंने अखिलेश यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं को समझाएं, भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। अगर दोबारा ऐसी कोशिश हुई तो इतनी कठोर कानूनी कार्रवाई होगी कि ऐसे लोग सीधे पाकिस्तान में नजर आएंगे। इसके बाद उन्होंने गांव पहुंचकर दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा का आश्वासन दिया। मंत्री ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने पीड़िता के बाबा और पिता से भी बात की। संवाद
पुलिस जांच के अनुसार, पीड़ित परिवार आरोपी की बकरियां बटाई पर लेकर उनकी देखरेख करता था, इससे दोनों पक्षों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। आरोपी ने पुराने परिचय का फायदा उठाया, बच्ची को घर ले जाकर रखा और फिर दुष्कर्म किया।
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पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बुधवार को मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मां की ओर से सुनगढ़ी थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी नौ वर्षीय बच्ची अपने पिता के साथ बाजार गई थी, जहां से वह लापता हो गई।
परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन दो दिन बाद मंगलवार दोपहर वह पास के ही एक गांव में मिली। घर लौटने पर बालिका ने परिजन को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी।
एसपी सुकीर्ति माधव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की तैयारी की जा रही है, ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े एक आपत्तिजनक वीडियो के वायरल होने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है कि वीडियो किसने और क्यों बनाया। संवाद
घर पर अकेला रहता था आरोपी... गंदी करतूतों को लेकर था गांव में बदनाम
पीलीभीत। नौ साल की मासूम से दरिंदगी करने वाला 66 वर्षीय बुजुर्ग मोहम्मद उमर कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि आदतन और पेशेवर तौर पर विकृत मानसिकता का शिकार है। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब उसकी कुंडली खंगालनी शुरू हुई, तो गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी अपनी गंदी हरकतों के लिए पूरे इलाके में पहले से ही बदनाम था। दो साल पहले भी उसने अपने ही कुनबे की एक बच्ची को हवस का शिकार बनाने की कोशिश की थी, लेकिन तब मामला पंचायत के जरिये दबा दिया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले आरोपी उमर ने अपने ही परिवार की एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अश्लील हरकतें की थीं। तब गांव में पंचायत बैठी थी, जिसने आरोपी का मुंह काला कर उसे पूरे गांव में घुमाया था और उसकी इस गलती का अहसास कराया था। चूंकि मामला परिवार के भीतर का था, इसलिए बदनामी के डर से किसी ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी सामाजिक ढिलाई का नतीजा है कि उसके हौसले बुलंद रहे और उसने एक और मासूम की जिंदगी उजाड़ दी। संवाद
बकरी चराने की आड़ में रखता था गंदी नजर
ग्रामीणों के मुताबिक, उमर की पत्नी और बड़े बेटे की काफी समय पहले मौत हो चुकी है, जबकि छोटा बेटा अपने परिवार के साथ मझोला में अलग रहता है। घर में अकेले रहने के कारण वह बेखौफ होकर अपनी काली करतूतों को अंजाम देने की फिराक में रहता था। आरोपी के ठीक सामने रहने वाले गंगाराम ने बताया कि उमर के पास दो बकरियां थीं, जिन्हें चराने के बहाने वह दिनभर बाहर रहता था। वह दिन में अक्सर घर पर ताला लगाकर ही निकलता था। मंगलवार को जब मासूम के साथ इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ, तो पड़ोसियों के पैरों तले भी जमीन खिसक गई। आरोपी उमर पहले से ही महिलाओं और बच्चों के प्रति अभद्र व्यवहार के लिए बदनाम रहा है। पुलिस अब उसकी पुरानी गतिविधियों की भी पूरी जानकारी जुटा रही है ताकि कोर्ट में उसके खिलाफ मामले को और मजबूत किया जा सके।
नजदीक नहीं आने दी भीड़, ग्रामीण बोले गलती की सजा मिलना जरूरी
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान संबंधित गांव और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्रवाई देखने पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कारणों से किसी को भी घटनास्थल के नजदीक नहीं जाने दिया गया। हालांकि बुलडोजर कार्रवाई को लेकर गांव के सभी वर्गों के लोग संतुष्ट दिखे, उनका कहना था कि आरोपी ने जिस तरह की हरकत की है उसे पर प्रशासन की यह कार्रवाई ठीक है, ऐसी कार्रवाई से समाज में बड़ा संदेश जाता है।
तहसील प्रशासन की जांच में सामने आया कि आरोपी का घर गांव की आबादी की भूमि पर बना था और उसने वहां अवैध कब्जा कर रखा था। रिपोर्ट के आधार पर ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई की गई है। ऐसा जघन्य कृत्य करने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम पीलीभीत
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई बनेगी नजीर : राज्यमंत्री
पीलीभीत। एक आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। राज्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने कहा कि आरोपी ने घटना का वीडियो भी बनाया था, जो बेहद अमानवीय है। उन्होंने अखिलेश यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं को समझाएं, भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। अगर दोबारा ऐसी कोशिश हुई तो इतनी कठोर कानूनी कार्रवाई होगी कि ऐसे लोग सीधे पाकिस्तान में नजर आएंगे। इसके बाद उन्होंने गांव पहुंचकर दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई और सुरक्षा का आश्वासन दिया। मंत्री ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने पीड़िता के बाबा और पिता से भी बात की। संवाद