{"_id":"6ade608e3e838cc9390b1cb2","slug":"after-the-slaughter-of-kansa-ugrasena-was-crowned-king-cheers-of-krishna-echoed-pilibhit-news-c-121-1-bdn1036-171924-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: कंस वध के बाद उग्रसेन का किया राजतिलक, गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: कंस वध के बाद उग्रसेन का किया राजतिलक, गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे
Mon, 26 Oct 2026 01:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:33 AM IST
विज्ञापन
ग्राम गाजीपुर मुगल में कथा सुनाते अरुण श्याम। संवाद
बरखेड़ा। ग्राम गाजीपुर मुगल स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में रविवार को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचक अरुण श्याम ने कंस वध और महाराज उग्रसेन के राजतिलक का प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रद्धालु श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते रहे।
कथा व्यास अरुण श्याम ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने मल्लयुद्ध में अत्याचारी कंस का वध कर मथुरा को उसके भय और अत्याचार से मुक्त कराया। इसके बाद श्रीकृष्ण और बलराम ने कारागार पहुंचकर माता देवकी और पिता वसुदेव के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कंस द्वारा बंदी बनाए गए अपने नाना महाराज उग्रसेन को भी कारागार से मुक्त कराया और स्वयं सिंहासन पर बैठने के बजाय उन्हें मथुरा का राजा बनाया। इस प्रसंग के दौरान पंडाल में श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज उठे। राजपाल, आंगन लाल, नरपत लाल, माखन लाल और नंदराम आदि थे। संवाद
विज्ञापन
कथा व्यास अरुण श्याम ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने मल्लयुद्ध में अत्याचारी कंस का वध कर मथुरा को उसके भय और अत्याचार से मुक्त कराया। इसके बाद श्रीकृष्ण और बलराम ने कारागार पहुंचकर माता देवकी और पिता वसुदेव के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कंस द्वारा बंदी बनाए गए अपने नाना महाराज उग्रसेन को भी कारागार से मुक्त कराया और स्वयं सिंहासन पर बैठने के बजाय उन्हें मथुरा का राजा बनाया। इस प्रसंग के दौरान पंडाल में श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज उठे। राजपाल, आंगन लाल, नरपत लाल, माखन लाल और नंदराम आदि थे। संवाद
विज्ञापन