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Pilibhit: डीआईओएस दफ्तर में करोड़ों के घोटाले का आरोपी लिपिक बर्खास्त, तीन पत्नियों के खातों में भेजी थी रकम

Thu, 13 Aug 2026 09:57 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 13 Aug 2026 09:57 PM IST
सार

डीआईओएस कार्यालय में करोड़ों रुपये का घोटाला करने के आरोपी लिपिक इल्हाम शम्सी को बर्खास्त कर दिया गया। करोड़ों की सरकारी धनराशि के गबन की जांच के दौरान पुलिस विवेचना में लिपिक के करीबियों के खातों में रकम भेजे जाने का मामला सामने आया था।

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Clerk accused of crores of rupees scam in DIOS office dismissed in pilibhit
आरोपी इल्हाम शम्सी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पीलीभीत के डीआईओएस कार्यालय में करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोपी लिपिक इल्हाम शम्सी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम की वहां संबद्धता चल रही थी। कॉलेज की प्रबंध समिति ने बृहस्पतिवार को आपातकालीन बैठक में तीन सदस्यीय जांच कमेटी की विधिक राय के आधार पर बर्खास्तगी का निर्णय लिया। प्रधानाचार्य प्रवीण के अनुसार, बर्खास्तगी का आदेश शुक्रवार को डाक से कर्मचारी के घर भेजा जाएगा।

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इल्हाम ने वर्ष 2015 में संबंधित अधिकारियों से मिलीभगत कर उसने स्वयं को डीआईओएस कार्यालय में संबद्ध करा लिया था। कंप्यूटर का जानकार होने के कारण डीआईओएस कार्यालय में उसे कंप्यूटर ऑपरेटर की सीट पर काम करने का मौका मिला। इसी दौरान उस पर सरकारी धन के भुगतान से संबंधित नियमों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की धनराशि में हेराफेरी करने का आरोप लगा है।
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जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रवीण ने बताया कि प्रबंध समिति की बैठक में कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। बर्खास्तगी आदेश शुक्रवार को पंजीकृत डाक के माध्यम से कर्मचारी के घर भेजा जाएगा। प्रबंधन की इस कार्रवाई के बाद डीआईओएस कार्यालय में संबद्धता के दौरान सरकारी धन के भुगतान में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में आरोपी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई का एक और चरण पूरा हो गया है। 

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35 खातों तक पहुंची जांच, 30 करोड़ के गबन के संकेत
घोटाले की बात फरवरी में सामने आने के बाद हुई जांच में पाया गया कि इल्हाम ने अपनी पत्नी अर्शी खातून के खाते में एक करोड़ रुपये भेजे। इस मामले में तत्कालीन डीआईओएस की तहरीर पर दोनों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 

पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मामला करीब 35 बैंक खातों तक पहुंच गया। इनमें ज्यादातर खाते उसके करीबियों के थे। इन खातों में संदिग्ध लेनदेन की जांच की गई और करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज कराई गई। जांच के दौरान सरकारी धनराशि के गबन का आंकड़ा करीब 30 करोड़ रुपये तक पहुंचने के संकेत भी मिले हैं।

तीन पत्नियों के खातों में भेजी थी रकम 
करोड़ों की सरकारी धनराशि के गबन की जांच के दौरान पुलिस विवेचना में लिपिक के करीबियों के खातों में रकम भेजे जाने का मामला सामने आया था। इसमें उसकी पत्नी अर्शी खातून के अलावा संभल निवासी लुबना नवी और बुलंदशहर निवासी आजरा खान के नाम भी सामने आए थे। दोनों को उसकी पत्नी बताया गया था। इसके अलावा साली फात्मा नबी, सास नाहिद बी और सलहेज आफिया खान के खातों में भी रकम भेजे जाने के आरोप लगे थे। पुलिस ने विवेचना के दौरान सभी को नामजद कर गिरफ्तार किया था। 

मामला सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ता गया। सरकारी धन के भुगतान में अनियमितता कर रकम को सीधे संबंधित लोगों के बजाय लिपिक के करीबियों के खातों में भेजे जाने के आरोपों की पड़ताल की गई। पुलिस की विवेचना में कई बैंक खातों और उनमें हुए लेनदेन का विवरण सामने आया। इसी आधार पर लिपिक के अलावा उसके करीबियों को भी मामले में आरोपी बनाया गया था। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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