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Pilibhit News: जिला अस्पताल में इलाज के दौरान किशोरी की मौत, हंगामा
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परिजनों ने बिना चिकित्सीय सलाह के नर्स पर इंजेक्शन लगाने का लगाया आरोप
पीलीभीत। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार के दौरान 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो जाने से परिजनों ने गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
न्यूरिया क्षेत्र के गांव बिथरा निवासी कुंवर सेन मंगलवार दोपहर अपनी पुत्री तनु (16) को पेट दर्द की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उस समय इमरजेंसी में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और वहां तैनात नर्स ने ही किशोरी का उपचार शुरू किया। उनका कहना है कि नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही मिनट बाद तनु की हालत अचानक बिगड़ गई और करीब तीन मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में हंगामा किया और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संवाद
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मृतक तनु इलाज के दौरान ही काफी गंभीर स्थिति में लाई गई थी, पेट में दर्द, सूजन, हाथ पैरों में सूजन सहित इंफेक्शन जैसी शिकायतें थीं। बचाने का प्रयास भी किया गया।
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- डॉ. एसपी सिंह, अधीक्षक, जिला अस्पताल
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पीलीभीत। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार के दौरान 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो जाने से परिजनों ने गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
न्यूरिया क्षेत्र के गांव बिथरा निवासी कुंवर सेन मंगलवार दोपहर अपनी पुत्री तनु (16) को पेट दर्द की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उस समय इमरजेंसी में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और वहां तैनात नर्स ने ही किशोरी का उपचार शुरू किया। उनका कहना है कि नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के कुछ ही मिनट बाद तनु की हालत अचानक बिगड़ गई और करीब तीन मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में हंगामा किया और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संवाद
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मृतक तनु इलाज के दौरान ही काफी गंभीर स्थिति में लाई गई थी, पेट में दर्द, सूजन, हाथ पैरों में सूजन सहित इंफेक्शन जैसी शिकायतें थीं। बचाने का प्रयास भी किया गया।
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- डॉ. एसपी सिंह, अधीक्षक, जिला अस्पताल