{"_id":"6a7cd8fa66c574a94c0be47a","slug":"decision-on-dismissal-of-dios-scam-accused-ilham-today-pilibhit-news-c-121-1-bdn1036-166502-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: डीआईओएस घोटाले के आरोपी इल्हाम की बर्खास्तगी पर फैसला आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: डीआईओएस घोटाले के आरोपी इल्हाम की बर्खास्तगी पर फैसला आज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधिक राय मिलने के बाद बढ़ी कार्रवाई की उम्मीद, प्रबंध समिति की बैठक में खोला जाएगा लिफाफा
बीसलपुर। जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के कर्मचारी व डीआईओएस कार्यालय में एक करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के कथित गोलमाल के आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इलहाम शम्सी की बर्खास्तगी का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। कर्मचारी की प्रस्तावित बर्खास्तगी के संबंध में कॉलेज प्रशासन ने विधिक राय मांगी थी, जो बुधवार शाम प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना को मिल गई। अब बृहस्पतिवार को होने वाली प्रबंध समिति की बैठक में विधिक राय के आधार पर कर्मचारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इलहाम शम्सी पर आरोप है कि उसने वर्ष 2015 में संबंधित अधिकारियों से सांठगांठ कर स्वयं को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पीलीभीत में अवैध रूप से संबद्ध करा लिया था। कंप्यूटर की जानकारी होने के कारण वह बाद में कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की सीट पर कार्य करने लगा। आरोप है कि इसी दौरान उसने सरकारी धन के भुगतान से संबंधित व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का गोलमाल किया। जांच में यह भी सामने आया कि सरकारी धन की रकम उसके करीबियों के बैंक खातों में भेजी गई।
मामला सामने आने के बाद आरोपी कर्मचारी समेत षड्यंत्र में शामिल कई लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और कुछ लोग जेल जा चुके हैं। इलहाम शम्सी को भी निलंबित किया जा चुका है।
विज्ञापन
मामले में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर तीन अधिकारियों की टीम गठित कर जांच कराई गई थी। जांच समिति ने कर्मचारी पर लगाए गए आरोपों को सही पाया और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को सौंप दी। जांच रिपोर्ट की एक प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई के लिए जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज प्रशासन को भी भेजी गई। कॉलेज प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि वह लगातार स्पष्टीकरण देने में टालमटोल करता रहा। उसे जवाब देने के लिए 31 जुलाई तक अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा तक भी स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। संवाद
--
एक अगस्त को मांगी गई थी विधिक राय
स्पष्टीकरण का अंतिम अवसर निकलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने एक अगस्त को कर्मचारी को बर्खास्त करने की कार्रवाई के संबंध में विधिक राय मांगी थी। बुधवार शाम प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना को विधिक राय प्राप्त हो गई। इससे अब कर्मचारी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना ने विधिक राय मिलने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को कॉलेज में प्रबंध समिति की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में विधिक राय वाले लिफाफे को खोला जाएगा। इसके बाद मामले पर सदस्यों के बीच विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रबंध समिति की बैठक में जो प्रस्ताव पारित होगा। उसी के अनुरूप कर्मचारी के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बीसलपुर। जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के कर्मचारी व डीआईओएस कार्यालय में एक करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के कथित गोलमाल के आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इलहाम शम्सी की बर्खास्तगी का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। कर्मचारी की प्रस्तावित बर्खास्तगी के संबंध में कॉलेज प्रशासन ने विधिक राय मांगी थी, जो बुधवार शाम प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना को मिल गई। अब बृहस्पतिवार को होने वाली प्रबंध समिति की बैठक में विधिक राय के आधार पर कर्मचारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इलहाम शम्सी पर आरोप है कि उसने वर्ष 2015 में संबंधित अधिकारियों से सांठगांठ कर स्वयं को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पीलीभीत में अवैध रूप से संबद्ध करा लिया था। कंप्यूटर की जानकारी होने के कारण वह बाद में कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की सीट पर कार्य करने लगा। आरोप है कि इसी दौरान उसने सरकारी धन के भुगतान से संबंधित व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का गोलमाल किया। जांच में यह भी सामने आया कि सरकारी धन की रकम उसके करीबियों के बैंक खातों में भेजी गई।
विज्ञापन
मामला सामने आने के बाद आरोपी कर्मचारी समेत षड्यंत्र में शामिल कई लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और कुछ लोग जेल जा चुके हैं। इलहाम शम्सी को भी निलंबित किया जा चुका है।
विज्ञापन
मामले में जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर तीन अधिकारियों की टीम गठित कर जांच कराई गई थी। जांच समिति ने कर्मचारी पर लगाए गए आरोपों को सही पाया और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को सौंप दी। जांच रिपोर्ट की एक प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई के लिए जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज प्रशासन को भी भेजी गई। कॉलेज प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि वह लगातार स्पष्टीकरण देने में टालमटोल करता रहा। उसे जवाब देने के लिए 31 जुलाई तक अंतिम मौका दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा तक भी स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। संवाद
एक अगस्त को मांगी गई थी विधिक राय
स्पष्टीकरण का अंतिम अवसर निकलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने एक अगस्त को कर्मचारी को बर्खास्त करने की कार्रवाई के संबंध में विधिक राय मांगी थी। बुधवार शाम प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना को विधिक राय प्राप्त हो गई। इससे अब कर्मचारी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना ने विधिक राय मिलने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को कॉलेज में प्रबंध समिति की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में विधिक राय वाले लिफाफे को खोला जाएगा। इसके बाद मामले पर सदस्यों के बीच विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रबंध समिति की बैठक में जो प्रस्ताव पारित होगा। उसी के अनुरूप कर्मचारी के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।