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Pilibhit News: मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस के लिए पांच बेड की बढ़ेगी सुविधा, सड़कें होंगी बेहतर
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जिला अस्पताल के जरजर आवास। संवाद
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पीलीभीत। स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवा व सुविधाएं और बेहतर होंगी। शासन ने 7 करोड़ 57 लाख 17 हजार रुपये की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इसके तहत डायलिसिस के लिए पांच बेड बढ़ाए जाएंगे। सुरक्षा को लेकर परिसर में एक नई पुलिस चौकी का निर्माण होगा। इसके अलावा ड्रेनेज और सड़कें भी बनवाई जाएंगी। इन कार्यों के पूरा होने के बाद न केवल मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी, बल्कि मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचना भी आधुनिक स्वरूप में नजर आएगी।
सबसे बड़ी राहत किडनी रोगियों को मिलने जा रही है। मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में संचालित 10 डायलिसिस बेड के अलावा पांच नए बेड बढ़ाए जाएंगे, जिससे डायलिसिस यूनिट की क्षमता में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी। जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किडनी रोगी उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। कई बार मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां इलाज पर भारी खर्च आता है। नए बेड शुरू होने से अधिक मरीजों को समय पर डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। संवाद
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जर्जर सड़कों से मिलेगी मुक्ति, बरसात में नहीं होगी परेशानी
मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय परिसर की सड़कों की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थी। बरसात के दिनों में कई स्थानों पर जलभराव होने से मरीजों, तीमारदारों और एंबुलेंसों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब शासन ने 4 करोड़ 39 लाख 91 हजार रुपये की लागत से सड़क एवं ड्रेनेज निर्माण कार्य को स्वीकृति दी है।
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इस परियोजना के पूरा होने के बाद अस्पताल परिसर में आवागमन सुगम होगा। मरीजों को वार्डों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी और आपातकालीन सेवाओं का संचालन भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत होने से जलभराव की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचना आधुनिक और व्यवस्थित बनेगी।
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सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग के दोनों ओर चहारदीवारी निर्माण के लिए 43.23 लाख रुपये व चिकित्सालय परिसर में अलग से चहारदीवारी निर्माण के लिए 76.34 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। चहारदीवारी बनने से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और अतिक्रमण व अवांछित गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
अस्पतालों से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदे पानी के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए चिकित्सालय (पुरुष) में 1 करोड़ 97 लाख 69 हजार रुपये की लागत से एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित किए जाएंगे। इससे अस्पताल के अपशिष्ट जल का शोधन कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण किया जा सकेगा। यह व्यवस्था स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम
शासन से इन कार्याें के लिए वित्तीय स्वीकृत प्राप्त हो गई है। सभी परियोजनाओं पर कार्य शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर होंगी। इससे यहां आने वाले मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। डायलिसिस मरीजों के लिए पांच बेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
- डॉ संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
सबसे बड़ी राहत किडनी रोगियों को मिलने जा रही है। मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में संचालित 10 डायलिसिस बेड के अलावा पांच नए बेड बढ़ाए जाएंगे, जिससे डायलिसिस यूनिट की क्षमता में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी। जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किडनी रोगी उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। कई बार मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां इलाज पर भारी खर्च आता है। नए बेड शुरू होने से अधिक मरीजों को समय पर डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। संवाद
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जर्जर सड़कों से मिलेगी मुक्ति, बरसात में नहीं होगी परेशानी
मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय परिसर की सड़कों की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थी। बरसात के दिनों में कई स्थानों पर जलभराव होने से मरीजों, तीमारदारों और एंबुलेंसों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब शासन ने 4 करोड़ 39 लाख 91 हजार रुपये की लागत से सड़क एवं ड्रेनेज निर्माण कार्य को स्वीकृति दी है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद अस्पताल परिसर में आवागमन सुगम होगा। मरीजों को वार्डों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी और आपातकालीन सेवाओं का संचालन भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत होने से जलभराव की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचना आधुनिक और व्यवस्थित बनेगी।
सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग के दोनों ओर चहारदीवारी निर्माण के लिए 43.23 लाख रुपये व चिकित्सालय परिसर में अलग से चहारदीवारी निर्माण के लिए 76.34 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। चहारदीवारी बनने से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और अतिक्रमण व अवांछित गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
अस्पतालों से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदे पानी के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए चिकित्सालय (पुरुष) में 1 करोड़ 97 लाख 69 हजार रुपये की लागत से एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित किए जाएंगे। इससे अस्पताल के अपशिष्ट जल का शोधन कर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण किया जा सकेगा। यह व्यवस्था स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम
शासन से इन कार्याें के लिए वित्तीय स्वीकृत प्राप्त हो गई है। सभी परियोजनाओं पर कार्य शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज की सुविधाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर होंगी। इससे यहां आने वाले मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। डायलिसिस मरीजों के लिए पांच बेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
- डॉ संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

जिला अस्पताल के जरजर आवास। संवाद

जिला अस्पताल के जरजर आवास। संवाद