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Pilibhit News: शारदा के कटान में तेजी, 11 किसानों की जमीन फसल सहित नदी में समाई
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शारदा नदी पार गांव हजारा के समीप कटान करती नदी - ग्रामीण
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बाढ़ से बचाव के लिए चंदा कर लगाए गए जीओ ट्यूब भी नदी मेें डूबे, कटान रोकने के उपाय न होने के विरोध में किसानों ने किया प्रदर्शन
पूरनपुर। शारदा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से पिछले तीन दिनों से कटान की गति और तेज हो गई। ग्राम पंचायत चंदिया हजारा में नदी दोनों ओर कटान कर रही है। नदी पार गांव हजारा के आठ किसानों और नदी के इस ओर गांव चंदिया हजारा के तीन किसानों की करीब 50 एकड़ जमीन गन्ना की फसल सहित नदी में समा गई। चंदा कर आठ लाख रुपये की लागत से लगाए जीओ ट्यूब भी नदी में समा गए। कटान रोकने के लिए प्रयास न होने के विरोध में नदी किनारे मंगलवार को एकत्र किसानों ने प्रदर्शन किया।
नदी के इस ओर धनाराघाट पर जंगल की खाली जमीन का तेजी से कटान जारी है। इसके अलावा गांव चंदिया हजारा के आदित्य सरकार, ब्रजेंद्र सरकार, कमलेश राय की दो-दो एकड़ जमीन फसल सहित नदी में समा गई। नदी के पार गांव हजारा के राजेंद्र कुमार, राकेश यादव, शंकर लाल, गुरवचन सिंह, बलकार सिंह, बूटा सिंह, गुरदीप सिंह, भजन सिंह आदि किसानों की जमीन पर खड़ी गन्ना की फसल भी नदी में समा गई। बाढ़, कटान से बचाव के लिए इस साल कार्य न होने पर गांव चंदिया हजारा और आसपास के लोगों ने आठ लाख रुपये का चंदा कर जियो ट्यूब लगवाए थे। कटान में जीओ ट्यूब अब नदी में समा गए। तेजी से हो रहे कटान से किसानों में चिंता है। कटान रोकने की कोशिश न होने पर किसानों ने रोष प्रकट किया। संवाद
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किसानों को नहीं मिलता मुआवजा
कटान में फसलें नदी में समाने पर अधिकांश किसानों को मुआवजा के नाम पर कुछ नहीं मिलता। वजह अधिकांश किसानों के पास जमीन का मालिकाना हक नहीं है। दो साल पहले चंदिया हजारा के 200 विस्थापित किसानों की 500 एकड़ जमीन नदी में समा गई थी। इन किसानों को अब तक मुआवजा के नाम पर धेला नहीं मिला।
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सेतु किनारे एक-एक किलोमीटर सपोर्ट निर्माण की मांग
गांव चंदिया हजारा के प्रशासक वासुदेव कुंडू ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर क्षेत्र को नदी की बाढ़ और कटान से बचाने के लिए निर्माणाधीन सेतू के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर सपोर्ट बनवाने की मांग की।
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प्रदर्शनकारी बोले- कई गांवों पर मंडरा रहा खतरा
पूरनपुर। शारदा नदी किनारे एकत्र होकर प्रदर्शन करने वाले किसान बोले कि पिछले साल भी नदी ने तबाही मचाई थी। तब भी फसलों को नुकसान हुआ था। पांच दिन तक आबादी में पानी भरा रहा। इस बार फिर नदी ने तबाही मचाना शुरू कर दी है। अगर समय रहते कटान नहीं रुका तब गांव हजारा के अलावा शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, भुरजनिया, भरतपुर आदि गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। प्रदर्शन करने वालों में परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश, लक्ष्मन, पुत्तूलाल, हरसुवरन लाल आदि शामिल रहे।
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शारदा नदी का जलस्तर कम हुआ है। अभी जलस्तर बढ़ने की भी आशंका नहीं है। सेतु निर्माण को लेकर दबाव नदी के इस ओर बढ़ा है। कटान तेजी से नहीं हो रहा है। कटान को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
- आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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पूरनपुर। शारदा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से पिछले तीन दिनों से कटान की गति और तेज हो गई। ग्राम पंचायत चंदिया हजारा में नदी दोनों ओर कटान कर रही है। नदी पार गांव हजारा के आठ किसानों और नदी के इस ओर गांव चंदिया हजारा के तीन किसानों की करीब 50 एकड़ जमीन गन्ना की फसल सहित नदी में समा गई। चंदा कर आठ लाख रुपये की लागत से लगाए जीओ ट्यूब भी नदी में समा गए। कटान रोकने के लिए प्रयास न होने के विरोध में नदी किनारे मंगलवार को एकत्र किसानों ने प्रदर्शन किया।
नदी के इस ओर धनाराघाट पर जंगल की खाली जमीन का तेजी से कटान जारी है। इसके अलावा गांव चंदिया हजारा के आदित्य सरकार, ब्रजेंद्र सरकार, कमलेश राय की दो-दो एकड़ जमीन फसल सहित नदी में समा गई। नदी के पार गांव हजारा के राजेंद्र कुमार, राकेश यादव, शंकर लाल, गुरवचन सिंह, बलकार सिंह, बूटा सिंह, गुरदीप सिंह, भजन सिंह आदि किसानों की जमीन पर खड़ी गन्ना की फसल भी नदी में समा गई। बाढ़, कटान से बचाव के लिए इस साल कार्य न होने पर गांव चंदिया हजारा और आसपास के लोगों ने आठ लाख रुपये का चंदा कर जियो ट्यूब लगवाए थे। कटान में जीओ ट्यूब अब नदी में समा गए। तेजी से हो रहे कटान से किसानों में चिंता है। कटान रोकने की कोशिश न होने पर किसानों ने रोष प्रकट किया। संवाद
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किसानों को नहीं मिलता मुआवजा
कटान में फसलें नदी में समाने पर अधिकांश किसानों को मुआवजा के नाम पर कुछ नहीं मिलता। वजह अधिकांश किसानों के पास जमीन का मालिकाना हक नहीं है। दो साल पहले चंदिया हजारा के 200 विस्थापित किसानों की 500 एकड़ जमीन नदी में समा गई थी। इन किसानों को अब तक मुआवजा के नाम पर धेला नहीं मिला।
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सेतु किनारे एक-एक किलोमीटर सपोर्ट निर्माण की मांग
गांव चंदिया हजारा के प्रशासक वासुदेव कुंडू ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर क्षेत्र को नदी की बाढ़ और कटान से बचाने के लिए निर्माणाधीन सेतू के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर सपोर्ट बनवाने की मांग की।
प्रदर्शनकारी बोले- कई गांवों पर मंडरा रहा खतरा
पूरनपुर। शारदा नदी किनारे एकत्र होकर प्रदर्शन करने वाले किसान बोले कि पिछले साल भी नदी ने तबाही मचाई थी। तब भी फसलों को नुकसान हुआ था। पांच दिन तक आबादी में पानी भरा रहा। इस बार फिर नदी ने तबाही मचाना शुरू कर दी है। अगर समय रहते कटान नहीं रुका तब गांव हजारा के अलावा शास्त्रीनगर, सिद्धनगर, भुरजनिया, भरतपुर आदि गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। प्रदर्शन करने वालों में परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश, लक्ष्मन, पुत्तूलाल, हरसुवरन लाल आदि शामिल रहे।
शारदा नदी का जलस्तर कम हुआ है। अभी जलस्तर बढ़ने की भी आशंका नहीं है। सेतु निर्माण को लेकर दबाव नदी के इस ओर बढ़ा है। कटान तेजी से नहीं हो रहा है। कटान को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
- आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड

शारदा नदी पार गांव हजारा के समीप कटान करती नदी - ग्रामीण