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Pilibhit News: महंगे कृषि यंत्र अब किराये पर होंगे उपलब्ध
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सहकारी गन्ना समिति में खड़े कृषि यंत्र। स्रोत विभाग।
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पीलीभीत। जनपद के छोटे एवं सीमांत गन्ना किसानों के लिए सहकारी गन्ना विकास समितियों पर आधुनिक कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से महंगे कृषि यंत्र खरीदने में असमर्थ किसानों को कम लागत में आधुनिक खेती अपनाने का अवसर मिल रहा है।
जनपद की सहकारी गन्ना विकास समितियां पीलीभीत, बीसलपुर, पूरनपुर और मझोला पर ट्रैक्टर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस (आरएमडी), एमबी प्लाऊ, छह और सात फुट के ट्रैश मल्चर व रिंग पिट डिगर जैसे कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध हैं। किसान इन यंत्रों को लेने के लिए संबंधित समिति के सचिव अथवा अपने क्षेत्र के गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क कर सकते हैं।
सहकारी चीनी मिल पूरनपुर और बीसलपुर में भी कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अधिक किसानों को सुविधा मिल सके। जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने बताया कि जनपद के 80 प्रतिशत से अधिक गन्ना किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं।
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आर्थिक कारणों से उनके लिए महंगे कृषि यंत्र खरीदना संभव नहीं है। ऐसे किसानों को यंत्रीकरण से जोड़ने के लिए विभाग किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती की लागत कम होती है और उत्पादन बढ़ता है। एमबी प्लाऊ से पौधा गन्ने की बेहतर पैदावार मिलती है, जबकि रैटून मैनेजमेंट डिवाइस से पेड़ी गन्ने की उपज में वृद्धि होती है। ट्रैश मल्चर के उपयोग से खेत में जैविक पदार्थ बढ़ते हैं और मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है। संवाद
जनपद की सहकारी गन्ना विकास समितियां पीलीभीत, बीसलपुर, पूरनपुर और मझोला पर ट्रैक्टर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस (आरएमडी), एमबी प्लाऊ, छह और सात फुट के ट्रैश मल्चर व रिंग पिट डिगर जैसे कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध हैं। किसान इन यंत्रों को लेने के लिए संबंधित समिति के सचिव अथवा अपने क्षेत्र के गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क कर सकते हैं।
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सहकारी चीनी मिल पूरनपुर और बीसलपुर में भी कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अधिक किसानों को सुविधा मिल सके। जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने बताया कि जनपद के 80 प्रतिशत से अधिक गन्ना किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं।
आर्थिक कारणों से उनके लिए महंगे कृषि यंत्र खरीदना संभव नहीं है। ऐसे किसानों को यंत्रीकरण से जोड़ने के लिए विभाग किराये पर कृषि यंत्र उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती की लागत कम होती है और उत्पादन बढ़ता है। एमबी प्लाऊ से पौधा गन्ने की बेहतर पैदावार मिलती है, जबकि रैटून मैनेजमेंट डिवाइस से पेड़ी गन्ने की उपज में वृद्धि होती है। ट्रैश मल्चर के उपयोग से खेत में जैविक पदार्थ बढ़ते हैं और मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है। संवाद