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Pilibhit News: संकरी गलियों में आग बुझाना चुनौती, फायर बाइक ही सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 03 May 2026 11:52 PM IST
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मुख्यालय पर खड़ी फायर बाइक। स्रोत विभाग
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पीलीभीत। दिल्ली में बहुमंजिला इमारत में एसी फटने से हुई भीषण आग की घटना के बाद जिले में भी अग्निशमन व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर की संकरी गलियां दमकल वाहनों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, ऐसे में फायर बाइक को ही त्वरित राहत का विकल्प माना जा रहा है।
दिल्ली में एसी ब्लास्ट के बाद लगी आग में नौ लोगों की मौत की घटना ने एक बार फिर शहरी अग्निशमन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीलीभीत शहर की स्थिति भी इससे अलग नहीं है, जहां तंग और संकरी गलियों में आग लगने की स्थिति में दमकल विभाग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
शहर के कई मोहल्लों में गलियां इतनी संकरी हैं कि बड़े फायर ब्रिगेड वाहन समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में आग पर काबू पाने में देरी होती है और नुकसान बढ़ने की आशंका रहती है। नगर पालिका की ओर से शहर में मीना बाजार, यशवंतरी मंदिर, वॉटर वर्क्स परिसर में दो सहित कुल सात स्थानों पर हाइड्रेंट की व्यवस्था की गई है।
आग लगने की स्थिति में दमकल गाड़ियां इन्हीं हाइड्रेंट से पानी भरकर राहत कार्य करती हैं। हालांकि, इन तक पहुंच और उनकी कार्यशीलता भी कई बार सवालों के घेरे में रहती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के पास दो फायर बाइक उपलब्ध हैं। ये बाइक आधुनिक उपकरणों से लैस हैं और संकरी गलियों में तेजी से पहुंचकर शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने में मददगार साबित हो रही हैं। छोटी आग की घटनाओं में इनका उपयोग काफी प्रभावी माना जा रहा है। सीएफओ अनुराग सिंह का कहना है कि फायर बाइक के माध्यम से शुरुआती नियंत्रण संभव है, जिससे बड़े हादसों को टाला जा सकता है।
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शहर के कई मोहल्लों में गलियां इतनी संकरी हैं कि बड़े फायर ब्रिगेड वाहन समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में आग पर काबू पाने में देरी होती है और नुकसान बढ़ने की आशंका रहती है। नगर पालिका की ओर से शहर में मीना बाजार, यशवंतरी मंदिर, वॉटर वर्क्स परिसर में दो सहित कुल सात स्थानों पर हाइड्रेंट की व्यवस्था की गई है।
आग लगने की स्थिति में दमकल गाड़ियां इन्हीं हाइड्रेंट से पानी भरकर राहत कार्य करती हैं। हालांकि, इन तक पहुंच और उनकी कार्यशीलता भी कई बार सवालों के घेरे में रहती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के पास दो फायर बाइक उपलब्ध हैं। ये बाइक आधुनिक उपकरणों से लैस हैं और संकरी गलियों में तेजी से पहुंचकर शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने में मददगार साबित हो रही हैं। छोटी आग की घटनाओं में इनका उपयोग काफी प्रभावी माना जा रहा है। सीएफओ अनुराग सिंह का कहना है कि फायर बाइक के माध्यम से शुरुआती नियंत्रण संभव है, जिससे बड़े हादसों को टाला जा सकता है।

मुख्यालय पर खड़ी फायर बाइक। स्रोत विभाग
