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Pilibhit News: राइस मिल मालिक से 4.15 करोड़ की ठगी, बैंक शाखा प्रबंधक पर रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 03 May 2026 11:58 PM IST
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पीलीभीत। एक राइस मिल मालिक के साथ करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक शाखा प्रबंधक ने अधिक ऋण और कम ब्याज का लालच देकर खाता ट्रांसफर कराया और बाद में चेक के फोटो के जरिये खाते से 4.15 करोड़ रुपये निकाल लिए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के केजीएन टू कॉलोनी निवासी मोहम्मद जीशान ने कोर्ट के आदेश पर थाना सुनगढ़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा गया कि वह अमरिया स्थित उजैफा एग्रीटेक राइस मिल के मालिक हैं। उसकी फर्म का खाता शहर के टनकपुर बाइपास स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा में है। वह इस खाते का संचालन करते हैं। इससे पूर्व उसकी फर्म का खाता शहर के इंडियन बैंक शाखा में चल रहा था।
पंजाब एंड सिंध बैंक के शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर ने उसे अधिक ऋण स्वीकृत कराने का लालच देकर उसका खाता अपने बैंक शाखा में ट्रांसफर करा लिया। इसके बाद इंडियन बैंक की एनओसी और टेक ओवर प्रक्रिया को पूरा किए बगैर ही जून 2024 में उसे 10 करोड़ का ऋण स्वीकृत किया गया। बाद में मार्च 2025 में उसका ऋण बढ़ाकर 15 करोड़ कर दिया। शाखा प्रबंधक राधेश्याम ने उसे लालच देकर उकसाया और विश्वास दिलाया कि उसके खाते में ऋण की लिमिट 25 करोड़ तक बढ़ा दी जाएगी। ऋण बढ़ाने की सुविधा और सिक्योरिटी का बहाना कर उससे छह मई 2025 से 23 जनवरी 2026 तक वाट्सएप के माध्यम से खाते के विभिन्न रकम के करीब 20 चेक का फोटो उससे मंगवाया। जिन पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे।
आरोप है कि इन्हीं चेक की मदद से शाखा प्रबंधक ने अन्य बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उनके खाते से कुल 4.15 करोड़ रुपये निकाल लिए, जबकि मूल चेक अभी भी उनके पास सुरक्षित हैं। जब उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने बैंक अधिकारियों से शिकायत की।
आरोप है कि मामला सामने आने पर शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने ब्याज सहित रकम वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद जीशान ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर समेत अन्य अज्ञात बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंस्पेक्टर नरेश त्यागी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
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थाना कोतवाली क्षेत्र के केजीएन टू कॉलोनी निवासी मोहम्मद जीशान ने कोर्ट के आदेश पर थाना सुनगढ़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा गया कि वह अमरिया स्थित उजैफा एग्रीटेक राइस मिल के मालिक हैं। उसकी फर्म का खाता शहर के टनकपुर बाइपास स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा में है। वह इस खाते का संचालन करते हैं। इससे पूर्व उसकी फर्म का खाता शहर के इंडियन बैंक शाखा में चल रहा था।
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पंजाब एंड सिंध बैंक के शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर ने उसे अधिक ऋण स्वीकृत कराने का लालच देकर उसका खाता अपने बैंक शाखा में ट्रांसफर करा लिया। इसके बाद इंडियन बैंक की एनओसी और टेक ओवर प्रक्रिया को पूरा किए बगैर ही जून 2024 में उसे 10 करोड़ का ऋण स्वीकृत किया गया। बाद में मार्च 2025 में उसका ऋण बढ़ाकर 15 करोड़ कर दिया। शाखा प्रबंधक राधेश्याम ने उसे लालच देकर उकसाया और विश्वास दिलाया कि उसके खाते में ऋण की लिमिट 25 करोड़ तक बढ़ा दी जाएगी। ऋण बढ़ाने की सुविधा और सिक्योरिटी का बहाना कर उससे छह मई 2025 से 23 जनवरी 2026 तक वाट्सएप के माध्यम से खाते के विभिन्न रकम के करीब 20 चेक का फोटो उससे मंगवाया। जिन पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे।
आरोप है कि इन्हीं चेक की मदद से शाखा प्रबंधक ने अन्य बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उनके खाते से कुल 4.15 करोड़ रुपये निकाल लिए, जबकि मूल चेक अभी भी उनके पास सुरक्षित हैं। जब उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने बैंक अधिकारियों से शिकायत की।
आरोप है कि मामला सामने आने पर शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने ब्याज सहित रकम वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद जीशान ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर समेत अन्य अज्ञात बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंस्पेक्टर नरेश त्यागी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
