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Pilibhit News: जंगल के किनारे खिलाए अक्षरों के फूल

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:35 AM IST
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Flowers of letters bloomed at the edge of the forest.
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कलीनगर। जंगल के किनारे बसी एक छोटी-सी बस्ती में स्थित प्राथमिक विद्यालय में अक्षरों के फूल खिलाए जा रहे हैं। शिक्षा में नवाचार, आधुनिक सुविधा और सामुदायिक सहयोग से पूरनपुर ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय चोखापुरी नई मिसाल पेश कर रहा है, जो अब निजी स्कूलों को भी टक्कर दे रहा है।

विकास क्षेत्र पूरनपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत करेलिया के मजरा चोखापुरी में स्थित प्राथमिक विद्यालय महोफ रेंज के जंगल के किनारे होने के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुनीष कुमार के नेतृत्व में यहां ऐसे नवाचार किए गए हैं, जिन्होंने सरकारी विद्यालयों की पारंपरिक छवि को बदलकर रख दिया है।
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विद्यालय परिसर में बच्चों के स्थायी और व्यावहारिक ज्ञान के लिए गणित गार्डन और परिवेशीय पार्क विकसित किए गए हैं। बच्चों को बाजार व्यवस्था और लेन-देन की समझ देने के लिए विद्यालय में ''आओ दुनिया सीखे'' नामक विशेष दुकान संचालित की जा रही है। इस दुकान में ग्राहक और दुकानदार दोनों की भूमिका बच्चे ही निभाते हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त होती है। बच्चों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा की जानकारी देने के लिए विद्यालय परिसर में सावित्री बाई फुले मार्ग के नाम से जीवंत सड़क का निर्माण कराया गया है। यहां बच्चे खेल-खेल में सड़क संबंधी नियमों को सीखते हैं। फिलहाल, यहां 67 बच्चे अध्ययनरत हैं।
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आधुनिक तकनीक के समावेश से मिल रही मदद



प्रधानाध्यापक के प्रयासों से विद्यालय में आधुनिक तकनीक का भी समावेश किया गया है। विद्यालय परिसर में सीसी कैमरे लगाए गए हैं। प्रत्येक कक्षा में स्पीकर की व्यवस्था की गई है, जिससे शिक्षण गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग हो सके। शिक्षा, स्वच्छता, हरियाली और नवाचार के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का ही परिणाम है कि प्राथमिक विद्यालय चोखापुरी को प्रदेश स्तर पर स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की रैंकिंग में 25वां स्थान प्राप्त हुआ है।

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सामुदायिक सहयोग से मिली नई पहचान

सरोजनी नगर के विधायक राजेश्वर सिंह द्वारा रणबहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं सशक्तीकरण केंद्र के माध्यम से विद्यालय को स्मार्ट बोर्ड और कंप्यूटर उपलब्ध कराया गया। आईटीसी कंपनी ने आरओ प्लांट और वाटर कूलर भेंट किया। नई दिल्ली निवासी समाजसेवी संजीव कुमार ने स्मार्ट क्लास स्थापित कराई, जबकि जिला रसद अधिकारी विकास कुमार ने पुस्तकालय और स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराया। पूर्व जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्र ने विद्यालय को इन्वर्टर प्रदान किया। विद्यालय को मिलने वाले सभी सहयोगों का विवरण बोर्ड पर अंकित किया जाता है, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित होकर सहयोग के लिए आगे आते हैं। विद्यालय विकास में सामाजिक संस्था इन्वायरमेंट वॉरियर्स का योगदान भी उल्लेखनीय रहा है।



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बच्चों के लिए बनाया डिजिटल हेल्प सेंटर
प्रधानाध्यापक मुनीष कुमार ने सामुदायिक सहयोग से विद्यालय में कार्तिक हेल्प सेंटर की स्थापना कराई है। यहां गूगल एआई और एलेक्सा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से बच्चे अपनी जिज्ञासाओं का समाधान स्वयं कर सकते हैं। विद्यालय में प्रधानाध्यापक मुनीष कुमार, शिक्षामित्र बृजबाला, सहायक अध्यापक विपिन कुमार अध्यापन कार्य में सहयोग कर रहे हैं। हाल ही में विद्यालय में विद्यादान समिति का गठन भी किया गया है। संवाद
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